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  • In 75% Of Cybercrime Cases, Children And Youth Become Victims, Police Will Go To Schools And Colleges, So That They Can Protect Against Thugs And Hackers.

अवेयरनेस है जरूरी:साइबर क्राइम के 75% केसों में बच्चे-यूथ बने शिकार, पुलिस स्कूलों कॉलेजों में जाकर करेगी अवेयर, ताकि ठगों-हैकर्स से बचाव कर सकें

लुधियाना4 दिन पहले
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साइबर क्राइम में जागरुकता अभियान की वर्कशॉप की शुरूआत एसीपी जसप्रीत सिंह और इंचार्ज जतिंदर सिंह की तरफ से की गई है। - Dainik Bhaskar
साइबर क्राइम में जागरुकता अभियान की वर्कशॉप की शुरूआत एसीपी जसप्रीत सिंह और इंचार्ज जतिंदर सिंह की तरफ से की गई है।

साइबर ठगी के मामलों में हो रहे इजाफे के दौरान इसका शिकार अब बच्चे और यूथ ज्यादा होने लगा है। किसी का फेक अकाउंट तैयार हो रहा है तो किसी की फोटो को एडिट किया जा रहा है। ऐसे में साइबर ठगों और हैकर्स से बचने के लिए साइबर सेल टीम स्कूलों-कॉलेजों में अवेयरनेस कार्यक्रम करवा रही है। इसका मकसद साइबर अटैक से बच्चों को बचाना है। साइबर क्राइम में जागरुकता अभियान की वर्कशॉप की शुरूआत एसीपी जसप्रीत सिंह और इंचार्ज जतिंदर सिंह की तरफ से की गई है।

इनका मकसद है कि सबसे पहले बच्चों को साइबर क्राइम के बारे में अवेयर किया जा सके, क्योंकि 75 फीसदी मामलों में साइबर क्राइम बच्चों और यूथ के माध्यम से हो रहा है। इस बारे में वो अपने परिजनों को भी नहीं बताते और खुद इस परेशानी में उलझते जाते हैं। लिहाजा पुलिस की तरफ से बच्चों और यूथ को जागरूक किया जा रहा है। जैसे कि सोशल मीडिया पर अंजान लोगों से बात न करना, अपनी तस्वीरें किसी से शेयर न करें, किसी दूसरे की फोटो से छेड़छाड़ न करें, अंजान एप्स और लिंक्स को न छेड़े। ऐसे ही अलग-अलग टिप्स बच्चों को दिए जा रहे हैं।

कॉलेज स्टूडेंट्स की तस्वीरें और आईडी से छेड़छाड़ के मामले ज्यादा
साइबर सेल में बाकी के साइबर क्राइम के साथ-साथ यूथ की आईडी से छेड़छाड़ के मामले ज्यादा हैं। इसमें लड़कियों की तस्वीरें और आईडी का गलत तरीके से इस्तेमाल किया जाता है, क्योंकि वो विश्वास कर किसी से भी अपना पासवर्ड शेयर कर देती हैं। जोकि उन्हें बिल्कुल भी नहीं करना है। इसके अलावा अपनी आईडी को हमेशा लाॅक लगाकर रखें, ताकि कोई अंजान आपकी प्रोफाइल में तांक-झांक न कर सके।

बच्चों के साथ-साथ टीचर्स को भी साइबर क्राइम के बारे में अवेयर किया जा रहा है, ताकि वो रोज स्टूडेंट्स को साइबर क्राइम और फ्रॉड के प्रति जागरूक कर सकें। इसके अलावा वो बच्चों के परिजनों को पेरेंट्स मीटिंग के दौरान साइबर क्राइम के बारे में अवेयर करें, ताकि उन्हें भी साइबर क्राइम से जुड़ी नकारात्मक पहलू के बारे में पता चले।

ऑनलाइन भी चलाए जाएंगे सेशन : स्कूलों-कॉलेजों के अलावा आम लोगों को भी जागरूक करने के लिए पुलिस की तरफ से ऑनलाइन सेशन चलाने की तैयारी की जा रही है। इसमें हर रोज नए टॉपिक पर लोगों को जागरूक किया जाएगा। हालांकि पोस्टर्स के जरिए लोगों को ऑनलाइन जागरूक किया जा रहा है।

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