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गुड न्यूज:झमट में इसी माह सिधवां पर बनना शुरू होगा नया पुल, एक लाख लोगों को मिलेगी राहत

लुधियाना11 दिन पहले
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प्रोजेक्ट की टेंडर प्रक्रिया पूरी, 9 माह में गलाडा पूरा करवाएगा काम, वर्तमान में तंग पुल होने से ट्रैफिक की रहती है समस्या - Dainik Bhaskar
प्रोजेक्ट की टेंडर प्रक्रिया पूरी, 9 माह में गलाडा पूरा करवाएगा काम, वर्तमान में तंग पुल होने से ट्रैफिक की रहती है समस्या

फिरोजपुर रोड पर जालंधर साइड और दिल्ली की तरफ वाले ट्रैफिक को डायवर्ट करने के लिए दो महत्वपूर्ण बाईपास बन चुके हैं। जालंधर साइड के लिए लाडोवाल बाइपास का निर्माण एनएचएआई और दिल्ली की तरफ जाने वाले ट्रैफिक के लिए सिधवां नहर के किनारे सदर्न बाईपास का निर्माण किया गया है। राहत की बात ये है कि गलाडा की ओर से सिधवां नहर पर झमट के निकट बने हुए तंग पुल की जगह नया पुल बनाया जा रहा है। गलाडा ने करीब 4 करोड़ की लागत से इसका टेंडर लगाते हुए फाइनेंशियल बिड भी ओपन कर दी है। इसी महीने इसका निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।

चार करोड़ के प्रोजेक्ट की फाइनेंशियल बिड ओपन

इसी माह इस पुल का निर्माण शुरू हो जाएगा और आगामी 9 माह में इसके पूरा होने का अनुमान है। इस पुल का निर्माण होने से शहर की करीब एक लाख आबादी को सुविधा होगी। दरअसल झमट में तंग पुल के कारण लोगों को अक्सर ट्रैफिक जाम में फंसना पड़ता था। वहीं, सदर्न बाईपास पर अधूरे निर्माण और 11 सालों से मरम्मत न होने के चलते ट्रैफिक को भारी परेशानियां उठानी पड़ रही हैं। पीडब्लूडी ने इसके लिए भी संबंधित अधिकारियों को एस्टीमेट बनाने को कह दिया है।

7.5 मीटर के चार स्पैन बनेंगे, लाडोवाल बाईपास से भी होगा कनेक्ट

एनएचएआई ने वेरका चौक से लाडोवाल टोल प्लाजा तक लाडोवाल बाईपास का निर्माण पूरा किया है। अब इस पर ट्रैफिक सरपट दौड़ रहा है। ऐसे में इस हाईवे पर झमट गांव के पास बसी आबादी को जोड़ने के लिए भी गलाडा ने 4 करोड़ का टेंडर लगाते हुए काम अलाॅट करने की तैयारियां शुरू कर दी है। इसकी पुष्टि गलाडा के एक्सईएन मोहित जिंदल ने की है।

अभी झमट के पास मौजूदा पुल की हालत ये है कि उसकी चौड़ाई 3.7 मीटर है, यह भविष्य में बढ़ने वाले ट्रैफिक के लिए नाकाफी है। अभी हालात ये हैं कि सुबह-शाम ट्रैफिक ज्यादा होने के चलते यहां जाम से जूझना पड़ता है। इसमें एक्सपर्ट ने पहले सर्वे किया था और तीन हिस्सों में प्रोजेक्ट को बांटा गया। इसमें 7.5 मीटर के चार स्पैन बनेंगे। इसके अलावा इसकी चौड़ाई बढ़ाकर 12 मीटर कर दी जाएगी। लाडोवाल हाईवे और अंडरपास को जोड़ने वाली सड़कों की मरम्मत भी की जाएगी ताकि ट्रैफिक को किसी प्रकार की समस्या न आए। कार्य की शुरूआत के बाद 9 महीने में इस प्रोजेक्ट को पूरा किया जाएगा।

सदर्न बाईपास : 11 साल बाद मरम्मत को एस्टीमेट बनाने को कहा

26.9 किमी लंबे सदर्न बाईपास बनने का काम 2009 में शुरू हुआ था और 2011-12 में लगभग पूरा हो गया था। हैरत की बात ये है कि 328 करोड़ वाले इस प्रोजेक्ट पर नई सरकार बनने के बाद कुछ भी काम नहीं हुआ। इस हाईवे पर सबसे बड़ी समस्याएं ये है कि वेरका चौक के पास अंडरपास की छतों का निर्माण अधूरा, जिससे बरसात का पानी जमा हो जाता है। सीआरपी काॅलोनी कट को टेंपरेरी बंद किया गया है, हाईवे पर जहां मैटल क्रश बैरियर और सेफ्टी वायर टूटी है। दोराहा के पास कट ओपन हैं। साहनेवाल चौक के पास न स्ट्रीट लाइटें और न ही सिग्नल लाइटें लगी हैं।

सिटी हद में निगम को पुलों की लाइटें हैंडओवर की जा चुकी हैं, जिनको निगम द्वारा सही से जलाया नहीं जा रहा है। इसके अलावा हाईवे पर सड़क जगह-जगह से उखड़ी हुई है। दुगरी, पक्खोवाल, गिल रोड के पास सर्विस रोड भी अधूरी है। पीडब्लूडी के एसई राकेश गर्ग ने बताया कि बाईपास की मरम्मत के लिए संबंधित अधिकारियों को एस्टीमेट बनाने के लिए कहा है। बरसाती सीजन खत्म होने के बाद टेंडर लगाते हुए इस पर काम शुरू होने की उम्मीद है। सबसे पहले सड़क को दुरुस्त करने का काम शुरू किया जाएगा।

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