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  • In The Morning, Ashu's Ultimatum, The Roads Should Be Pothole free In A Week, If The Work Is Not Completed, Then The Officers Will Be Chargesheeted.

टूटी सड़कों पर सख्ती:सुबह मंत्री आशु का अल्टीमेटम हफ्तेभर में सड़कें करें गड्ढामुक्त, काम पूरा न हुआ तो अफसर होंगे चार्जशीट

लुधियाना2 महीने पहले
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  • भास्कर के मुद्दा उठाने पर मंत्री ने संज्ञान ले बुलाई मीटिंग, दी हिदायत

नगर निगम ने 4 साल में करीब 220 करोड़ रुपए का फंड 95 वॉर्डों में पेचवर्क, री-कंडीशनिंग, री-कार्पेटिंग, पुरानी सड़कों की वाइडनिंग पर खर्च किए हैं। इसके बावजूद शहर की सड़कों पर गड्ढों की भरमार है। हालांकि बीएंडआर ब्रांच के अफसर बहाना बना टालमटोल करने कोशिश करते हैं कि बारिश के कारण ही हालात ऐसे बने हैं। हकीकत ये है कि सही क्वालिटी-तरीके से सड़कों का निर्माण न होने के चलते करोड़ों खर्चने के बावजूद गड्ढे देखने को मिल रहे हैं।

भास्कर की तरफ से सड़कों के हालातों का मुद्दा गंभीरता से उठाया गया। इस पर संज्ञान लेकर कैबिनेट मंत्री भारत भूषण आशु ने जोन-डी में मेयर बलकार संधू, कमिश्नर प्रदीप सभ्रवाल, एडिशनल कमिश्नर आदित्य, सीनियर डिप्टी मेयर शाम सुंदर मल्होत्रा, पार्षद डाॅ. जय प्रकाश, ममता आशु, सन्नी भल्ला और बीएंडआर के सभी एसई से मीटिंग की, जहां अफसरों को दो-टूक कहा कि सभी मुख्य सड़कें 7 दिनों में गड्ढामुक्त होनी चाहिएं। लापरवाही होने पर वह खुद बीएंडआर ब्रांच के जिम्मेदार अफसरों के खिलाफ चार्जशीट जारी करवाएंगे। निगम कमिश्नर को शहर की सभी सड़कों की मरम्मत का रोडमैप तैयार करने के निर्देश दिए। बता दें कि दूसरी बार कैबिनेट मंत्री चुने जाने पर जोन-डी में राजकीय सम्मान समारोह रखा गया। इसके बाद उन्होंंने अफसरों से लगभग 20 मिनट तक शहर के हालातों को लेकर मीटिंग की।

आशु ने बीएंडआर ब्रांच के सभी एसई को स्पष्ट किया कि दफ्तरों से वह बाहर नहीं निकलते, जनता गड्ढों से परेशान हैं। शर्मनाक है कि सड़कों की मरम्मत के लिए जरूरी फंड और सामग्री होने के बावजूद संबंधित अफसर सड़कों की मरम्मत में विफल हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि संबंधित अधिकारी हफ्तेभर में सड़कों की मरम्मत करने में विफल हैं तो उन्हें कड़ी कार्रवाई और यहां तक कि चार्जशीट का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए अब सभी संबंधित अधिकारी 24 घंटे सड़कों और मरम्मत कार्य पर दिन-रात लगे रहें, कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके बाद बीएंडआर ब्रांच के अफसरों ने पैचवर्क आनन-फानन में शुरू करवा दिया, लेकिन दोपहर के समय बारिश हो गई। कई जगह तो पानी में ही प्रीमिक्स डाल पैचवर्क कर दिया। नियम के अनुसार इसे गलत माना जाता है, क्योंकि पैचवर्क पानी में टिकता नहीं है।

अधिकारी बोले- मैटीरियल नहीं, परचेज कमेटी ने खोली पोल
मंत्री ने बीएंडआर ब्रांच के अफसरों से जवाब मांगा तो उन्होंने बचने के लिए बहाना बनाया कि उनके पास बरसाती सीजन में सड़क पर इस्तेमाल होने वाला मैटीरियल ही नहीं है। इस दौरान मीटिंग में परचेज कमेटी के चेयरमैन डॉ. जयप्रकाश ने पोल खोली कि 1300 बोरियां हैं। इनकी लागत करीब 40 लाख रुपए बनती है। इनके जरिए सड़कों पर बरसात के दिनों में भी पेचवर्क किया जा सकता है। वहीं, चारों जाेनों में अलग से और मैटीरियल होने की बात कही। इसमें सीमेंट से लेकर अन्य सामग्री है। निगम कमिश्नर ने कहा कि वह इस लापरवाही के लिए भी सभी को शोकॉज नोटिस जारी करेंगे। अब 1 करोड़ का मैटीरियल खरीदने का भी आदेश जारी किया गया है।

मेरा शहरवासियों को आश्वासन है कि पहले चरण में शहर की सभी प्रमुख सड़कों की मरम्मत की जाएगी। इसके बाद और सड़कों का निर्माण किया जाएगा। वह व्यक्तिगत रूप से चल रहे काम की निगरानी करेंगे और किसी भी देरी की स्थिति में कड़ी कार्रवाई होगी।

-भारत भूषण आशु, कैबिनेट मंत्री

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