11 दिनों से मिनिस्ट्रियल स्टाफ की हड़ताल जारी:सूबे में लुधियाना में सबसे ज्यादा 7370 पेंडेंसी तहसील में काम न होने से डेढ़ करोड़ का घाटा

लुधियाना8 महीने पहले
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पंजाब स्टेट मिनिस्ट्रियल सर्विसेस यूनियन की हड़ताल से जहां लोगों को परेशानी का सामान करना पड़ रहा है वहीं तहसीलों में काम न होने से सरकार को करोड़ा रुपए का रेवेन्यू लॉस हो रहा है। सेवा केंद्रों में प्राइवेट मुलाजिमों की ओर से काम जारी है और फाइलें भी सब्मिट की जा रही हैं। परंतु फाइलों को फाइनल अप्रूवल देने वाले सरकारी मुलाजिम ही हड़ताल पर चल रहे है। जिससे सरकारी विभाग में काम की पेंडेंसी 11 दिनों में 7370 के करीब पहुंच गई है। यानि 22 जिलों में सबसे अधिक पेंडेंसी जिला लुधियाना में है। फिरोजपुर और तरनतारन में ये पेंडेंसी 5674 और 4625 है।

अगर बात लुधियाना के तहसील आॅफिस की करें तो इन दिनों डेढ़ करोड़ से अधिक का सरकार को रेवेन्यू लॉस सिर्फ रजिस्ट्रियों में ही हुआ है। इसके अलावा आरटीए व एसडीएम आॅफिस के अंतर्गत बनने वाले ड्राइविंग लाइसेंस संबंधी लोगों ने पैसे जमा करवा कर अपॉइंटमेंट ली हुई है। यानि सरकार को पैसा मिला हुआ है परंतु आवेदकों के काम नहीं हो रहे है।

खजाना आॉफिस के बाहर रोष प्रदर्शन कर जताया गुस्सा

पंजाब स्टेट मिनिस्ट्रियल सर्विसेस यूनियन की ओर से पिछले लंबे समय से अपनी मांगों संबंधी संघर्ष किया जा रहा है। वीरवार को खजाना आॅफिस के बाहर रोष प्रदर्शन किया गया। यूनियन के नेताओं ने बताया कि 6 अक्टूबर से डीसी आफिस की हड़ताल जारी है। 8 अक्टूबर को आरटीए आॅफिस की हड़ताल शुरू हो गई थी। मांग न मानने की सूरत में मुलाजिमों की ओर से 8 अक्टूबर से 17 अक्टूबर तक हड़ताल पर जाने का अल्टीमेटम दिया था। इसके बाद भी मांगे न मानने पर इसे बढ़ाकर 24 अक्टूबर तक कर दिया गया है। जिसके चलते पंजाब भर में मिनिस्ट्रियल कर्मचारी पैन डाउन, टूल डाउन तथा कंप्यूटर बंद रखें गए। इस मौके पर जिला सरपरस्त रणजीत सिंह जस्सल, चेयरमैन विकास जुनेजा (विक्की), प्रधान संजीव भार्गव, जनरल सचिव एपी मौर्या, सुनील कुमार की अगुवाई में खजाना आॅफिस के बाहर रोष प्रदर्शन किया गया। जहां अलग-अलग विभागों के नुमाइंदों ने शामिल होकर सरकार की मुलाजिम विरोधी नीति का डट कर विरोध किया।

आज सीएम के साथ होगी मीटिंग

विकास जुनेजा (विक्की) ने बताया कि सरकार के साथ मांगों को लेकर लगातार मीटिंग का दौर जारी है। वीरवार को भी सीएम के साथ मीटिंग का समय रखा गया, परंतु अब इसे बढ़ाकर शुक्रवार कर दिया गया। उन्होंने मांग की कि सरकार 1 जनवरी 2016 के बाद भर्ती मुलाजिमों की 15 प्रतिशत अधिक तनख्वाह संबंधी पत्र जल्द जारी करे, 1 जनवरी 2004 के बाद भर्ती हुए मुलाजिमों को सरकार उनके पेंशन के हक से वंचित रख रही है, जिसे बहाल किया जाए। इस मौके पर जगदेव सिंह, अकाशदीप, तिलकराज, बृजमोहन, धर्म सिंह, वरिंदर कुमार, राकेश कुमार, गुरचरन सिंह, अंजू बाला, लखविंदर सिंह, विशाल मेहरा, सतपाल सिंह, धर्मपाल सिंह आदि मौजूद रहे।

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