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पुलिस मेहरबान:इरादा कत्ल, धार्मिक भावनाएं भड़काने के आरोपी को तीन थानेदारों ने दिया एनओसी, पासपोर्ट बनवा विदेश हो आया

लुधियाना9 दिन पहलेलेखक: राजदीप सिंह सैनी
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करन - Dainik Bhaskar
करन
  • तीन थानों में अपराधिक रिकॉर्ड होने के बावजूद पुलिस रही चुप
  • दंपति ने बेटे पर कोई पर्चा न होने की ली थी जिम्मेदारी, दोनों पर पर्चा, एक साल पहले मां की हो चुकी मौत
  • आरोपी पर 2017 के बाद विभिन्न थानों में आठ और पर्चे दर्ज

अपने काम को लेकर हर बार सुर्खियों में रखने वाले पुलिस विभाग का एक और कारनामा सामने आया है। जिसमें तीन थानों के एसएचओ व मुंशी द्वारा इरादा कत्ल, घर में घुसकर हमला करने, धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने समेत चार हार्ड क्राइम मामलों में नामजद आरोपी का चरित्र एकदम साफ बता क्लियरेंस सर्टिफिकेट दे दिया। उसी के आधार पर आरोपी पासपोर्ट तैयार करवा मलेशिया भाग गया और 17 दिन वहां रहने के बाद वापस आ गया। लेकिन इरादा-ए-कत्ल के पीड़ित को जब जानकारी मिली तो उसने पुलिस को शिकायत दी।

इसके बाद पुलिस अधिकारियों व मुलाजिमों की मिलीभगत सामने आई। पौने दो साल की लंबी जांच के बाद पुलिस द्वारा कार्रवाई तो की, लेकिन वह भी सिर्फ आरोपी के माता-पिता पर। थाना डिवीजन नंबर छह पुलिस ने ईशर नगर के सुशील कुमार की शिकायत पर हरगोबिंद नगर के रहने वाले सुरजीत सिंह वालिया और उसकी पत्नी मीनू वालिया के खिलाफ मामला दर्ज किया है। हालाकि मीनू वालिया की मौत हो चुकी है।

कोर्ट ने देश छोड़कर न जाने के दिए थे ऑर्डर: शिकायतकर्ता के अनुसार करन वालिया पर थाना डिवीजन नंबर छह पुलिस ने मई 2017 में घर में घुसकर मारपीट करने, थाना डिवीजन तीन ने 2017 में इरादा कत्ल, थाना डिवीजन दो ने जनवरी 2017 घर में घुसकर मारपीट और मार्च 2018 में मारपीट व धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का मामला दर्ज है। उन सभी मामलों में करन की गिरफ्तारी हो चुकी है। जबकि पिता सुरजीत सिंह द्वारा उसकी जमानतें दी गई थी। जमानत के दौरान अदालत की ओर से करन को केस में विचाराधीन होने के चलते देश छोड़कर न जाने के ऑर्डर दिए थे।

पुलिस ने घोषित किया गैंगस्टर

जानकारी के अनुसार शिकायतकर्ता सुशील कुमार कोर्ट काॅम्प्लेक्स में एक वकील का मुंशी है। आरोपी दंपति का बेटा करनवीर सिंह उर्फ करन वालिया है। वहीं, करन पर 2017 के बाद इरादा कत्ल, ठगी समेत कई धाराओं में अलग-अलग थानों में 8 और पर्चे दर्ज हुए। वह शुभम मोटा गैंग का मेंबर भी है। पुलिस ने उसे गैंगस्टर घोषित कर दिया था।

पहले निगेटिव, फिर बना दी सही रिपोर्ट

करन की मां मीनू वालिया की ओर से तीन मार्च 2017 को उसका पासपोर्ट अप्लाई किया था। मीनू द्वारा सेल्फ डिक्लेरेशन फॉर्म भरा और सुरजीत व मीनू ने मिलकर एनेक्सचर फॉर्म-डी भरकर दिया था। थाना डिवीजन छह पुलिस द्वारा उसकी वेरिफिकेशन की गई। शिकायतकर्ता के अनुसार पहले तो मुंशी की ओर से करन पर पर्चे दर्ज होने के चलते रिपोर्ट निगेटिव बनाकर कैंसिल कर दी गई। लेकिन फिर दो महीने बाद उस पर कोई पर्चा न दर्ज होने की बात कहकर रिपोर्ट सही कर दी।

आरोप : रिश्वत ले सही रिपोर्ट बनाई

जबकि एसएचओ ने भी क्लियरेंस सर्टिफिकेट दे दिया। इसी तरह थाना डिवीजन दो व तीन के एसएचओ व मुंशी ने भी उस पर पर्चा न होने की बात कहकर रिपोर्ट तैयार कर दी। जिसके चलते रीजनल पासपोर्ट ऑफिस चंडीगढ़ की ओर से करन को 23 अगस्त को 10 साल की वैलिडिटी वाला पासपोर्ट जारी कर दिया। जिस पर वह उसी साल 22 सितंबर को मलेशिया कुआलालम्पुर चला गया और 17 दिन बाद घूमकर वापस भी आ गया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि पुलिस ने भारी रिश्वत लेकर उसकी रिपोर्ट सही कर पासपोर्ट विभाग और केंद्र सरकार से ठगी की।​​​​​​​

13 पिस्टल के साथ पकड़ा गया आरोपी

शिकायतकर्ता ने बताया कि तीन महीने पहले जून 2021 में साउथ दिल्ली के थाना होज खास की पुलिस द्वारा करनवीर सिंह व उसके साथियों को गिरफ्तार किया गया है। उनके पास से 13 पिस्टल बरामद हुए हैं। जिसके चलते करन अभी जेल में बंद है। शिकायतकर्ता ने बताया कि उनकी ओर से तीनों एसएचओ, मुंशी व अन्य अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई संबंधी भी पुलिस को शिकायत दी गई है। अगर उसमें कार्रवाई नहीं की गई तो वह हाईकोर्ट में याचिका दायर करेंगे। वहीं मामले संबंधी जांच अफसर चौकी मिलरगंज इंचार्ज एएसआई बलवीर सिंह से बात की गई तो उन्होंने केस की फाइल ही उन्हें न मिलने और न ही केस की कोई जानकारी होने की बात कहकर पल्ला झाड़ लिया।​​​​​​​

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