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तीसरी लहर ! बचपन बचाना है:मोटापे के शिकार बच्चों को रोजाना एक्टिविटी कराना जरूरी, ज्यादा गर्म चीजें देना सही नहीं

लुधियाना19 दिन पहले
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डॉ. एएस चावल, चाइल्ड स्पेशलिस्ट​​​​​​​ - Dainik Bhaskar
डॉ. एएस चावल, चाइल्ड स्पेशलिस्ट​​​​​​​
  • बच्चों की डाइट में फल व सब्जियां जरूर करें शामिल
  • बच्चों की इम्युनिटी की ओर रखना होगा खास ध्यान

कोरोना की तीसरी लहर न आए और इससे बच्चे पूरी तरह से सुरक्षित रहें इसके लिए हमें अभी से तैयारी करनी होगी। बच्चों की इम्युनिटी की ओर खास ध्यान देने की जरुरत बनती जा रही है। वहीं, पेरेंट्स को कई बातों का ख्याल भी रखना होगा ताकि बच्चे इससे प्रभावित हो ही ना।

नेशनल हेल्थ सर्वे के अनुसार सूबे में 24 फीसदी बच्चे कुपोषण का शिकार हैं। जबकि 6-59 महीने के के कुल 56.6 फीसदी बच्चे एनीमिया के शिकार हैं। 12-14 फीसदी बच्चे तय भार से ज्यादा के हैं। माहिरों के मुताबिक सबसे ज्यादा जरूरी है कोविड-19 से बचाव के लिए सभी नियमों का ख्याल रखना। मास्क पहनना, सामाजिक दूरी को बनाए रखना और बार-बार हाथ धोने की आदत।

सुमन हॉस्पिटल के पीडियाट्रिशियन डॉ. नीरज थापर के मुताबिक बच्चों में भले ही गंभीर केसेस नहीं आते लेकिन हमें बच्चों को बचा कर रखने की जरुरत है। अभी बच्चे घरों के अंदर ही हैं ऐसे में उनकी डाइट और फिजिकल एक्टिविटी का ख्याल रखना जरुरी है। बच्चों की डाइट में विटामिन सी को जरुर शामिल करें। पेरेंट्स को चाहिए कि वो खुद भी कोविड-19 से बचाव के नियमों का पूरा पालन करें और बच्चों को भी इसके लिए प्रेरित करें।

कोरोना की दूसरी लहर नियमों का पालन न करने से आई, तीसरी न आने दें

कोविड की दूसरी लहर इसलिए आई क्योंकि हमने नियमों का पालन करना छोड़ दिया। ऐसे में हम सभी को यही कोशिश करनी है कि तीसरी लहर को न आने दें। फिलहाल के समय में बच्चे घरों के अंदर हैं ऐसे में जब तक कोई बाहर से संक्रमण नहीं लेकर जाएगा बच्चे प्रभावित नहीं होंगे। ऐसे में अगर घर में कोई संक्रमित है तो बच्चों से दूर रखा जाए। पेरेंट्स या घर से कोई भी बाहर जाता है तो कोविड-19 से बचाव के नियमों का पूरा पालन करें।

18 साल से ऊपर के योग्य लोग वैक्सीनेशन जरुर करवाएं। क्योंकि ये देखने में आया है कि वैक्सीन म्यूटेंट्स पर कभी कारगर है और दोनों डोज लगवाने वालों को गंभीर संक्रमण नहीं हुआ। बच्चों की डाइट में फल, सब्जियां और खूब सारे लिक्विड शामिल करें। ताकि शरीर हाइड्रेटेड रहे। कम इम्युनिटी वाले बच्चे जैसे दिल की बीमारी या नेफ्रोटिक सिंड्रोम वाले बच्चों की दवाइयों और इम्युनिटी का पूरा ख्याल रखा जाए।

-डॉ. एएस चावल, चाइल्ड स्पेशलिस्ट

ज्यादा चीनी वाली ड्रिंक्स न दें

हम अभी से तैयारी करेंगे तभी लहर को रोकने में सफल हो सकेंगे। हमें ये खास ख्याल रखना है कि बच्चों को खास कर किशोर लड़कियों को बहुत ज्यादा गर्म चीजें नहीं देनी हैं। अगर बच्चे हल्दी वाला दूध नहीं पीते हैं तो उनकी सब्जियों में हल्दी का इस्तेमाल जरुर करें।

फलों और सब्जियों में एंटी-ऑक्सीडेंट होते हैं तो मौसमी फल व सब्जियां जरुर दें। घिए की सब्जी नहीं खाते तो उनके आटे में ही गूंद दें और उसकी रोटियां बना कर दें। ज्यादा चीनी वाली ड्रिंक्स न देते हुए आम पन्ना या घर की बनी ड्रिंक दे सकते हैं। मैदा उनकी डाइट से हटाना शुरू कर दें।

-सिमरत कथूरिया, न्यूट्रीशनिस्ट​​​​​​​

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