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जागरुकता मिशन:कोविड-19 मरीजों से हो रहे भेदभाव को दूर करेंगे युवा सेहत मंत्रालय ने सोशल मीडिया से जुड़ने की अपील की

लुधियाना8 महीने पहले
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  • फ्रंटलाइन पर काम करने वाले डॉक्टर्स, नर्सों को भी करना पड़ रहा भेदभाव का सामना

कोविड-19 महामारी के फैलने से हर कोई प्रभावित हुआ है। लेकिन इसका सबसे ज्यादा प्रभाव उन लोगों पर देखने को मिल रहा है जो संक्रमित हुए या जिनके परिवार में कोई सदस्य संक्रमित हुआ, फ्रंटलाइन पर काम करने वाले डॉक्टर्स, नर्सेस, सेनिटेशन वर्कर्स को भेदभाव का सामना करना पड़ा। वहीं, कई तरह की अन्य सामाजिक परेशानियों से भी गुजरना पड़ रहा है।

जिसे देखते हुए अब सेहत मंत्रालय द्वारा युवाओं को आगे आकर इस भेदभाव को खत्म करने में योगदान देने और जागरुकता फैलाने का अपील की। इसके लिए मंत्रालय द्वारा युवाओं को यूथ चैंपियन बनने की अपील की है। इसके लिए युवाओं को सोशल मीडिया के जरिए जागरुकता फैलाने और ऐसी किसी भी स्थिति में जहां उन्हें लग रहा है कि संक्रमित या उसके परिवार के सदस्यों से भेदभाव किया जा रहा है। भेदभाव करने वालों को प्यार से समझाने, वीडियो संदेश बनाने, अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर मैसेज अपडेट करने जैसे तरीके अपनाने के लिए कहा है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लाया जा सकता है बदलाव

मंत्रालय द्वारा जारी लेटर के मुताबिक व्यक्तिगत स्तर से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक बदलाव लाया जा सकता है। सोशल मीडिया पर कैंपेन चलाने के दौरान सेहत व परिवार कल्याण मंत्रालय, यूनिसेफ और दासरा को टैग किया जा सकता है।

युवाओं को कोविड वॉरियर्स के साथ सेल्फी लेकर उसे अपलोड करने, इंफॉर्मेटिव, मोटिवेशनल पोस्ट या वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड करने, कोविड-19 से संबंधित क्विज, कोविड वॉरियर्स का इंटरव्यू करने और सही जानकारी लोगों तक पहुंचाने के लिए अपील की है।

मंत्रालय द्वारा ये भी कहा गया है कि अगर कोई भेदभाव करता है तो पहले उन्हें समझाएं और कोविड से जुड़ी सही जानकारी उन्हें दें। ताकि वो भविष्य में ऐसा भेदभाव न करें।

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