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शिकायत:एलआईटी ने ग्रीन बेल्ट में काटे प्लाॅट, एनजीटी ने दो माह में मांगी रिपोर्ट

लुधियाना6 दिन पहले
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  • कौंसिल ऑफ इंजीनियर्स की याचिका पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने प्रिंसिपल सेक्रेटरी को दिए निर्देश

लुधियाना इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट (एलआईटी) द्वारा भाई रणधीर सिंह नगर में नामित ग्रीन बेल्ट क्षेत्र को आवासीय भूखंडों में अवैध रूप से परिवर्तित करने के खिलाफ कौंसिल ऑफ इंजीनियर्स की तरफ से एक याचिका नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल में दायर की गई। इस पर सुनवाई करते हुए एनजीटी ने लोकल बाॅडीज डिपार्टमेंट के प्रिंसिपल सेक्रेटरी को ग्रीन बेल्ट की जगह बन रहे प्लाॅटों के कारण गुण-दोष पर जांच करने का निर्देश जारी करते हुए दो महीने के भीतर शीघ्रता से और यथासंभव निर्णय लेने के लिए कहा है।

नोटिस भेजने के बाद भी ट्रस्ट ने जारी रखा काम तो दायर की याचिका, बढ़ाने की जगह ग्रीन बेल्ट कम करने का इंप्रूवमेंट ट्रस्ट पर आरोप
अपीलकर्ता इंजीनियर कपिल अरोड़ा कौंसिल ऑफ इंजीनियर्स के अध्यक्ष ने बताया कि बीआरएस नगर में लुधियाना इंप्रूवमेंट ट्रस्ट ने 651-ई से 684-ई तक ग्रीन बेल्ट में प्लाॅट काटने के संबंध में नोटिस भेजा गया था, लेकिन इसके बावजूद ट्रस्ट ने वहां पर काम जारी रखा। इसलिए अपनी वैध शिकायत के निवारण के लिए माननीय न्यायाधिकरण से संपर्क किया।

याचिका में उन्होंने माननीय सर्वोच्च न्यायालय के ऐतिहासिक निर्णयों का हवाला दिया है जिसके द्वारा न्यायालय ने ग्रीनबेल्ट से आवासीय क्षेत्र में संबंधित क्षेत्र के उपयोग को बदलने वाले मास्टर प्लान में संशोधन को यह कहते हुए रद्द कर दिया है कि इसे कभी भी किसी अन्य तरीके से नहीं बदला जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि ग्रीन बेल्ट बढ़ाने के बजाय लुधियाना में मौजूदा हरित क्षेत्रों में भी ट्रस्ट कम कर रहा है और विभाग जानबूझ कर जनता का पैसा भी बर्बाद कर रहा है।

पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने में लगा है ट्रस्ट
इंजीनियर कुलवंत राय और एचएस भाटिया ने बताया कि लुधियाना में पहले से ही अवैध कॉलोनियों के साथ-साथ अनियोजित औद्योगिक क्षेत्रों में ग्रीन बेल्ट और पार्कों की कमी है। इसके अलावा बीआरएस नगर में अवैध व्यावसायिक गतिविधियों के कारण पहले से ही वायु प्रदूषण में भी वृद्धि हुई है।

नामित ग्रीन बेल्ट को आवासीय भूखंडों में बदलने से इसके अंतर्गत आने वाले भूमि क्षेत्र में वायु की गुणवत्ता और भी खराब होगी। जबकि पंजाब के शहरी क्षेत्रों में हरित क्षेत्रों में 15% की वृद्धि की जानी है। ट्रस्ट मौजूदा हरित क्षेत्रों को कम करके पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंचाने में लगा है।

मोहित जैन और गगनिश खुराना ने बताया कि एलआईटी ने ग्रीन बेल्ट में खड़े 54 विकसित पेड़ों को भी काट दिया है। याचिका में उन्होंने एनजीटी से ग्रीन बेल्ट की बहाली और पर्यावरण की क्षतिपूर्ति के लिए बेल्ट में काटे गए पेड़ों के 20 गुना के बराबर स्वदेशी पेड़ों के पौधे लगाने का अनुरोध किया है। कपिल अरोड़ा ने आगे बताया कि उनके सबमिशन को सुनने के बाद माननीय ट्रिब्यूनल ने नियमानुसार निर्देश दिया है।

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