सुरिंदर डाबर की BJP जॉइन करने की चर्चा:बोले- जब जाना होगा, डंके की चोट पर जाऊंगा, अभी ऐसी कोई बात नहीं

विवेक शर्मा5 महीने पहले
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पंजाब के शहर लुधियाना में 5 बार कांग्रेस पार्टी से चुनाव लड़ कर 3 बार विधायक रहे सुरिंदर डाबर की पूरे शहर में चर्चा हो रही है। बताया जा रहा है कि सुरिंदर डाबर भी जल्द भाजपा का कमल थाम सकते हैं। जैसे ही यह बात राजनीतिक गलियारों में आई तो शहर में भाजपा नेताओं में हड़बड़ाहट मच गई। कुछ-एक नेताओं से बातचीत की तो उन्होंने यही कहा कि अभी बात कच्ची-पक्की है।

बता दें कि यह राजनीति है और यहां कुछ भी असंभव नहीं। अभी कुछ दिन पहले ही पूर्व मंत्री भारत भूषण आशू का नाम भी चर्चा में रहा। सूत्र बताते हैं कि आशू पर भी भाजपा में शामिल होने का दबाव बनाया जा रहा है, लेकिन आशू अभी चुप्पी साधे हैं। बता दें सुरिंदर डाबर शहर में कांग्रेस की मजबूत दीवार है। उनका कांग्रेस में अच्छा कद है। डाबर ने पूर्व सेहत मंत्री स्व. सतपाल गोसाई को भी 2 बार हराया हुआ है।

डाबर कैप्टन अमरिंदर सिंह के खास रहे

पूर्व विधायक सुरिंदर डाबर पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के खास रहे हैं। इसलिए यह कयास अधिक लगाए जा रहे हैं कि डाबर की भाजपा में एंट्री कैप्टन के जरिए होने जा रही है। कैप्टन जब भी कभी लुधियाना आते हैं तो डाबर से मिले बगैर नहीं जाते।

जब जाना होगा तो डंके की चोट पर जाऊंगा-डाबर

पूर्व विधायक सुरिंदर डाबर से उनके भाजपा में जाने की चर्चा होने पर पूछा तो डाबर ने कहा कि मैंने अपने घुटनों का अभी ऑपरेशन करवाया है। अभी मैं घर मे रहता हूं। भाजपा में शामिल होने जैसी अभी कोई बात नहीं है, लेकिन फिर भी जब मैंने भाजपा में शामिल होना होगा तो डंके की चोट पर जाऊंगा। अब डंके पर चोट कब लगती है, यह आने वाला समय ही बताएगा, लेकिन बताते चलें कि पंजाब स्तर पर कांग्रेस का इस समय जो हाल है, उसी तरह शहर में कांग्रेस का ग्राफ सिकुड़ रहा है।

डाबर का कांग्रेस में सफर

1992 से 2022 तक सुरिंदर डाबर कांग्रेस में जिला प्रधान रह चुके हैं। जिला प्रधान के समय विधायक से ज्यादा डाबर की पार्टी में चलती थी। डाबर को राजनीति में लेकर आने वाले पूर्व मुख्यमंत्री स्व. बेअंत सिंह थे। स्व. बेअंत सिंह द्वारा दिखाए रास्ते पर चलकर डाबर ने कांग्रेस में अच्छी पकड़ बना ली थी। पहला चुनाव डाबर ने 2002 में भाजपा उम्मीदवार सतपाल गोंसाई के खिलाफ लड़ा, जिसमें डाबर जीत गए।

डाबर ने दो बार गोंसाई को हराया

एक बार भाजपा के प्रदेश कोषाध्यक्ष गुरदेव शर्मा देबी को हराया है। 2022 में आम आदमी पार्टी की लहर ने सुरेंद्र डाबर को पछाड़ दिया। वहीं 2005 में डाबर संसदीय सचिव भी रह चुके हैं। डाबर लगातार 2002 से 2022 तक कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार रहे हैं। डाबर को कांग्रेस के लिए पार्टी में काम करते 30 वर्ष हो चुके हैं।