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रिसर्च:कद्दू के बीज के आटे से बनाएं पंजीरी, बिस्कुट और बढ़ाएं इम्युनिटी

लुधियाना9 दिन पहले
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  • पीएयू माहिरों ने तैयार किया आटा, 30-40% तक गेहूं या मैदे की जगह इस्तेमाल कर बढ़ा सकते न्यूट्रीशनल वैल्यू

पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी के माहिरों द्वारा कद्दू के बीजों से आटा तैयार किया है। जिसका गेहूं या मैदे की जगह 30-40 फीसदी तक इस्तेमाल कर खाद्य पदार्थों की न्यूट्रीशनल वैल्यू को बढ़ाया जा सकता है। कद्दू के बीज आमतौर पर बेकार समझ कर फेंक दिए जाते हैं। जिससे सिर्फ एग्रो वेस्ट ही तैयार हो रहा है। इस एग्रो वेस्ट को कम करने और बीजों के पोषक तत्वों का सही इस्तेमाल भी किया जा सकता है। कद्दू के बीज से बने आटे में मौजूद पोषक तत्वों से दिल के साथ ही हड्डियों को भी फायदा होता है।

फूड व न्यूट्रीशियन विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ.सोनिका शर्मा, एडिशनल रिसर्च डायरेक्टर(हॉर्टिकल्चर व फूड साइंस) डॉ. अजमेर सिंह ढट्ट द्वारा संयुक्त तौर पर ये टेक्नोलॉजी तैयार की गई है। डॉ. सोनिका के मुताबिक कद्दू के बीज के आटे का इस्तेमाल पंजीरी, मट्ठी और बिस्कुट में किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि कद्दू के बीजों के कच्चे या रोस्ट कर उससे आटा तैयार किया जा सकता है। इससे तैयार उत्पादों को खाने से इम्युनिटी भी बढ़ेगी।

किसान वैल्यू एडिशन कर बढ़ा सकते हैं आमदनी
डॉ. सोनिका ने बताया कि उन्होंने पंजाब द्वारा प्रस्तावित कद्दू के बीज की किस्म पंजाब सम्राट के बीज से तैयार आटे पर रिसर्च की है। कद्दू के बीजों से तैयार आटे में प्रोटिन(22 फीसदी), फाइबर(7-8 फीसदी), फैट(30 फीसदी), आयरन(8.16 मिग्रा.) और जिंक(6.60मिग्रा.) मौजूद हैं। उन्होंने बताया कि इस आटे को पंजीरी जोकि गेंहूं के आटे से तैयार होती है उसमें 30 फीसदी इस्तेमाल किया। वहीं, बिस्किट और मट्ठी में मैदे की जगह 30 फीसदी इस्तेमाल किया गया। अगर किसान कद्दू के बीजों से आटा तैयार कर बेचते हैं तो वो अपनी आमदनी बढ़ा सकते हैं। इसके लिए किसी भी किस्म के कद्दू के बीज का इस्तेमाल किया जा सकता है।

घर या इंडस्ट्री में भी किया जा सकता है तैयार
डॉ. शर्मा ने बताया कि इस आटे को घर या इंडस्ट्री में तैयार किया जा सकता है। इसके पोषक तत्व काफी हैं। लेकिन इसका कॉमर्शियल स्तर पर इस्तेमाल नहीं किया जा रहा। इसका प्रयोग डायबिटीज व बीपी के मरीज भी कर सकते हैं। सूबे में लोगों में प्रोटिन और आयरन की कमी है। इससे उस कमी को भी पूरा किया जा सकता है। वहीं, इसमें एंटी-ऑक्सीडेंट भी मौजूद हैं। जो शरीर के लिए फायदेमंद है। उन्होंने बताया कि इस आटे को 6 महीने तक एयर टाइट कंटेनर में स्टोर भी किया जा सकता है। जोकि खराब नहीं होता।

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