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नया ट्रेंड:ई-मार्केटिंग के लिए किसानों को कर रहे प्रेरित, खुद की मंडियां लगा बिना बिचौलिए के कमा सकते हैं 3 से 4 गुना तक मुनाफा

लुधियाना14 दिन पहले
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बलजिंदर सिंह, शहद उत्पादक - Dainik Bhaskar
बलजिंदर सिंह, शहद उत्पादक
  • लगातार बदल रहे खेती नियमों और किसानों के घटते मुनाफे को बढ़ाने के लिए कर रहे प्रेरित

खेती नियमों और काफी मेहनत के बाद भी किसानों को कम मिलने वाले मुनाफे को बढ़ाने के लिए अब किसानों को ई-मार्केटिंग का इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। स्टेट एगमार्क लैब की खेतीबाड़ी विकास अफसर डॉ. मनमीत मानव ने बताया कि इस तरह की मार्केटिंग से न सिर्फ किसान अपने ग्राहक को सीधे तौर पर संपर्क कर सकता है, बल्कि ग्राहकों की पसंद के मुताबिक उत्पाद भी तैयार कर सकता है।

यही नहीं, बिना किसी बिचौलिए वो मुनाफा भी कमा सकते हैं। हम किसानों को लगातार इस तरह की मार्केटिंग को अपनाने के लिए प्रेरित करते हैं, ताकि वो सीधे ग्राहकों से संपर्क कर सकें और उन्हें उनके टार्गेट ग्राहक के बारे में पता हो। ई-मार्केटिंग के अलावा किसानों को एगमार्क के सेलिंग पॉइंट पर भी अपने उत्पाद बेचने के बारे में बताया जा रहा है। एगमार्क से प्रमाणित उत्पाद को बेचने से भी किसान ज्यादा मुनाफा कमा सकते हैं। ई-नाम पर ई-मार्केटिंग कर सकते हैं, जिसमें ग्राहक भी जुड़े हुए हैं।

ब्रांड और उत्पादों को प्रसारित करने के लिए सोशल मीडिया का भी इस्तेमाल कर रहे किसान
किसान अपने ब्रांड और उत्पादों को सोशल मीडिया के जरिए भी प्रसारित कर रहे हैं। पीएयू के स्किल डेवलपमेंट सेंटर से जहां किसान विभिन्न तरह के उत्पाद बनाना सीख सकते हैं। इसके बाद उनकी एगमार्क से सर्टिफिकेट के बाद उन्हें बेच सकते हैं। डॉ. मनमीत ने बताया कि एगमार्क की सर्टिफिकेशन के बाद उत्पाद की कीमत में 20-30 फीसदी तक इजाफा हो जाता है।

इसके साथ ही हम किसानों को फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गेनाइजेशन (एफपीओ) बना कर एक जगह पर खुद की मंडियां बनाकर भी अपने उत्पाद बेचने की सलाह दे रहे हैं। ई-नाम के तहत देशभर में 584 मंडियां हैं, जहां पर किसान बिना किसी मध्यस्थता के अपने उत्पाद बेच सकते हैं। लुधियाना की मंडी में भी ये सुविधा है।

आगे बढ़ने के लिए अपनानी होगी साइंटिफिक सोच: किसानों को आगे बढ़ने के लिए अच्छी मार्केटिंग के साथ ही साइंटिफिक सोच भी अपनानी होगी। इसके लिए किसान खुद के उत्पादों की ग्रेडिंग के साथ ही अगर सर्टिफिकेशन करवा ली जाए तो इससे ज्यादा मुनाफा वो कमा सकते हैं। साथ ही उत्पाद की पैकिंग, ब्रांडिंग भी अच्छा रोल निभाती है। किसानों को खेती के साथ अगले स्तर की ओर कदम उठाना होगा। डॉ. मनमीत ने बताया कि कई किसान उत्पादों को ई-शॉपिंग प्लेटफॉर्म पर भी बेच रहे हैं।

सेल्फ मार्केटिंग के जरिए सर्टिफाइड शहद बेच कमा रहा हूं लाभ
शहद की काफी मांग रहती है, लेकिन अगर उसे बिना सर्टिफिकेशन के बेचा जाए तो इतना मुनाफा नहीं होता, जितना सर्टिफिकेशन के बाद। मैंने एगमार्क की सर्टिफिकेशन ली और अपने उत्पादों की सोशल मीडिया के जरिए मार्केटिंग के अलावा एग्जीबिशन और अन्य जरियों के साथ जुड़कर प्रसारित कर रहा हूं। इससे पहले के मुकाबले 3-4 गुना मुनाफा मिल रहा है। ई-शॉपिंग पोर्टल पर भी उत्पाद बेच रहा हूं। किसानों को अपग्रेड होने की जरूरत है। -बलजिंदर सिंह, शहद उत्पादक

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