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कच्चे मुलाजिमों का CM के गृह क्षेत्र में प्रदर्शन:PRTC व PUNBUS कर्मचारियों की हड़ताल 9 दिन बाद भी जारी, किसान संगठन समर्थन में आए

लुधियाना5 महीने पहले
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खरड़ में रोष धरने के दौरान मुलाजिमों को संबोधित करते हुए किसान नेता बलदेव सिेह सिरसा। - Dainik Bhaskar
खरड़ में रोष धरने के दौरान मुलाजिमों को संबोधित करते हुए किसान नेता बलदेव सिेह सिरसा।

मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के गृह क्षेत्र खरड़ में बुधवार को पंजाब रोड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (PRTC) और PUNBUS के कच्चे मुलाजिमों ने धरना दिया। इसके साथ ही कच्चे मुलाजिमों की हड़ताल को 9 दिन हो गए हैं। पंजाब रोडवेज ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष रेशम सिंह ने कहा कि 9 दिसंबर के बाद 14 दिसंबर को हुई कैबिनेट की बैठक के बाद भी मुलाजिमों की पक्की नौकरी का कोई हल नहीं निकला। यही नहीं उनकी मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी से मुलाकात भी नहीं करवाई गई। जिसके बाद अब सरकारी बसों के कच्चे मुलाजिमों ने बुधवार को CM की खरड़ रिहायश के समक्ष धरना देने का ऐलान किया गया।

लुधियाना इकाई के अध्यक्ष शमशेर सिंह के कहा कि सरकार लगाकार उन्हें लॉलीपॉप दे रही है। उनकी मांगें नहीं मानी जा रही हैं। उनके प्रदर्शन को किसान यूनियनों की तरफ से भी समर्थन दिया गया है। धरना प्रदर्शन में किसान नेता बलदेव सिंह सिरसा पहुंचे।

खरड़ में धरना देते हुए PRTC और PUNBUS के कच्चे मुलाजिम
खरड़ में धरना देते हुए PRTC और PUNBUS के कच्चे मुलाजिम

हड़ताल पर 7500 मुलाजिम, 27 बस स्टैंड बंद

पंजाब सरकार में पक्की नौकरी की मांग को लेकर 7500 मुलाजिम हड़ताल पर हैं। हड़ताल के कारण पंजाब के 27 बस स्टैंड बंद हैं और 2500 बसें बस स्टैंड में खड़ी हैं। सरकारी बसों में से 80 फीसदी बसें नहीं चलने के कारण विभाग को रोजाना चार करोड़ रुपए का घाटा पड़ रहा है और अब तक करीबन 15 करोड़ रुपए का नुकसान हो चुका है। सबसे बड़ी समस्या सरकारी बसों में फ्री सफर करने वाले मुलाजिमों, स्टूडेंट और महिलाओं को पेश आई है।

बार-बार मुकर रही चन्नी सरकार

हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों ने कहा कि कैप्टन अमरिंदर सिंह के मुख्यमंत्री पद से हटने के बाद CM बने चरणजीत सिंह चन्नी ने आश्वासन दिलाया था कि 20 दिन में पक्की नौकरी दी जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इसके बाद परिवहन मंत्री ने भी बैठकों में आश्वासन दिया, लेकिन वह हवा हवाई निकला। जिस कारण मुलाजिमों ने मुख्यमंत्री के आवास का घेराव करने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि सभी सरकारें प्राइवेट ट्रांसपोर्टरों को फायदा पहुंचाने के लिए काम कर रही हैं। यही कारण है कि नई बसें नहीं खरीदी जा रही हैं। पंजाब रोडवेज की 2407 बसों में से 399 बसें ही रह गई हैं, पंजाब की आबादी 2 करोड़ है और कम से कम 10000 बसों की जरुरत है। सरकार फ्री बस सेवा देने के ऐलान तो कर देती, लेकिन यह सब चुनावी जुमलों के सिवा कुछ नहीं है।

पक्की नौकरी को लेकर जारी रहेगी हड़ताल

पंजाब रोडवेज ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन यूनियन के अध्यक्ष रेशम सिंह ने कहा कि यह संघर्ष सरकारी ट्रांसपोर्ट को बचाने लिए, 10 हजार नई सरकारी बसें चलाने, कच्चे मुलाजिमों को पक्का करने, डाटा एंट्री ऑपरेटरों का वेतन बढ़ाने और नाजायज सर्त के तहत निकाले गए मुलाजिमों को भर्ती करने तक जारी रहेगा। सरकार बार-बार कैबिनेट की बैठक बुला रही है तो उनके लिए भी विशेष कैबिनेट बैठक बुलानी चाहिए।

अब किसान संगठन भी समर्थन में

सरकारी बसों के कर्मचारियों के समर्थन में अब किसान संगठन भी आ गए हैं। भारतीय किसान यूनियन उग्राहां और क्रांतिकारी ने उनकी हड़ताल को समर्थन देते हुए ऐलान किया है कि वह उनका साथ देंगे।

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