सिंघु बॉर्डर मर्डर केस में SP से मिले निहंग:सोनीपत के SP को लखवीर का वीडियो सौंपने का दावा; कहा- हत्या ही नहीं, बेअदबी की भी जांच करें

सोनीपत7 महीने पहलेलेखक: दिलबाग दानिश
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सोनीपत के सिंघु बॉर्डर पर दो दिन पहले हुई तरनतारन के युवक लखवीर की हत्या को लेकर सबसे निशाने पर आए निहंगों ने वहां हुई बेअदबी की जांच की मांग उठाई है। सिंघु बॉर्डर पर बैठी निहंग जत्थेबंदियों के प्रमुख लोगों ने सोनीपत के SP जशनदीप सिंह रंधावा से मिलकर मामले की जांच करने की मांग उठाई।

सिंघु बॉर्डर पर तंबू लगाकर बैठे निहंग राजा राम सिंह ने दैनिक भास्कर को बताया कि शनिवार रात उन लोगों ने सोनीपत एसपी से मुलाकात की। उन्होंने एसपी को बताया कि पुलिस लखवीर की हत्या की ही जांच कर रही है और बेअदबी पर कोई ध्यान नहीं दे रहा। लखवीर ने दम तोड़ने से पहले खुद माना था कि बेअदबी करने के लिए 20 अलग-अलग लोगों को 30-30 हजार रुपए दिए गए जिनमें से एक लखवीर भी था। लखवीर की बहन राज कौर का बयान भी इसकी पुष्टि करता है कि लखवीर सिंह के पास पैसे नहीं होते थे। ऐसे में जाहिर है कि एक नशेड़ी पैसे के लिए बेअदबी करने आया।

निहंग राजा राम सिंह ने कहा, ‘लखवीर की हत्या की बात हर कोई कर रहा है मगर इस पर किसी का ध्यान नहीं है कि यह हत्या आखिर हुई क्यों? हमने सबूत के तौर पर एसपी को वीडियो दिया है और मामला दर्ज कर जांच की मांग की है। हो सकता है कि सिंघु बॉर्डर पर बैठे सभी समुदाय के लोगों को आपस में लड़ाने की कोशिश की जा रही हो ताकि किसान आंदोलन को बदनाम किया जा सके।’

तरनतारन के युवक लखवीर की हत्या को लेकर सबसे निशाने पर आए निहंगों ने वहां हुई बेअदबी की जांच की मांग उठाई है।
तरनतारन के युवक लखवीर की हत्या को लेकर सबसे निशाने पर आए निहंगों ने वहां हुई बेअदबी की जांच की मांग उठाई है।

निहंग राजा राम सिंह ने कहा कि लखवीर सिंह दुष्ट था जो उसने पैसे के लालच में गुरु की बेअदबी जैसा काम किया और इसकी सजा उसे मिल गई। इस मामले को जात-पात से नहीं जोड़ा जाना चाहिए।

जो अब तक पकड़े, उनका क्या हुआ
राजा राम सिंह ने कहा, ‘बेअदबी की घटनाएं आज से नहीं हो रहीं। वर्ष 2015 में भी बेदअबी की घटना हुईं और अभी तक जांच ही चले जा रही है। किसी को सजा नहीं मिली। हमने मौके पर सजा दी और अब कोई दूसरा ऐसी गुस्ताखी नहीं करेगा। अगर हमने संविधान के विपरीत कुछ किया है तो हमने गिरफ्तारियां भी दे दी हैं। बेअदबी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस को इसकी जांच करनी चाहिए।’

दशहरे वाले दिन हुई लखवीर की हत्या

15 अक्टूबर दशहरे वाले दिन, तड़के साढ़े 3 बजे सिंघु बॉर्डर पर तरनतारन के चीमा गांव के लखवीर सिंह की हत्या कर दी गई। उसका शव संयुक्त किसान मोर्चे के मुख्य मंच से थोड़ी दूर सड़क किनारे एक बैरिकेड से कई घंटे लटका रहा। घटनास्थल पर मौजूद निहंगों का आरोप है कि लखवीर सिंह ने उनके डेरे में रखे श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी की जिसकी सजा उसे दी गई। निहंगों ने पुलिस को कई घंटे तक लखवीर सिंह का शव नहीं उतारने दिया। उधर तरनतारन के चीमा गांव में रहने वाली लखवीर सिंह की बहन राज कौर ने कहा कि उसका भाई नशा वगैरह जरूर करता था मगर वह कभी बेअदबी जैसी घटना नहीं कर सकता। निहंग संगठनों का कहना है कि अगर लखवीर सिंह नशेड़ी था तो पैसों के लिए इस तरह की घटना कर सकता है। उसने मरने से पहले खुद स्वीकार भी किया था कि उसे 30 हजार रुपए दिए गए।

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