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सिमरजीत बैंस के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज:हाईकोर्ट की फटकार के बाद ADCP रुपिंदर कौर भट्टी की अगुवाई में SIT करेगी जांच, 4 हफ्ते में सौंपनी है रिपोर्ट

लुधियाना4 महीने पहले
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पंजाब विधानसभा चुनाव 2022 नजदीक आ रहे हैं और लोक इंसाफ पार्टी के अध्यक्ष व लुधियाना विधायक सिमरजीत बैंस के खिलाफ दुष्कर्म का केस दर्ज हो गया है। हाईकोर्ट ने स्पेशल इनवेस्टिगेशन टीम बनाकर जांच 4 सप्ताह में पूरी करने के आदेश दिए हैं। यह आदेश हाईकोर्ट में चल रही सुनवाई के दौरान दिए गए हैं। मामले की जांच के लिए एडीसीपी इनवेस्टिगेशन रुपिंदर कौर भट्टी को इंचार्ज बनाया गया है। दूसरी तरफ पीड़िता ने भी मामले की जांच के लिए विधायक की गिरफ्तारी की मांग की है। वहीं कार्रवाई करते हुए पुलिस ने विधायक के कार्यालय में दबिश दी थी, जिसे विधायक ने गलत बताया है।

ये है मामला

विधायक सिमरजीत सिंह बैंस के खिलाफ उनके ही एरिया की एक महिला ने प्लॉट की खरीद फरोखत के मामले में दुष्कर्म करने का आरोप लगाया था। पुलिस ने विधानसभा हलका आतम नगर से विधायक और लोक इंसाफ पार्टी अध्यक्ष सिमरजीत सिंह बैंस और उनके भाई व अन्य के खिलाफ 10 जुलाई को आपराधिक मामला दर्ज किया था। मामले में अभी तक पुलिस ने कोई गिरफ़्तारी नहीं की है। हाईकोर्ट में चल रही सुनवाई के दौरान पीड़िता के वकील ने कहा था कि विधायक बैंस पीड़िता के रिश्तेदारों या उस पर बाहरी राज्य में आपराधिक मामला दर्ज करवा सकते हैं। जिस पर अदालत ने फटकार लगाते हुए एडीसीपी रुपिंदर कौर भट्टी की अगुवाई में स्पेशल इनवेस्टिगेशन टीम बनाने के आदेश दिए हैं और 4 सप्ताह में इस मामले की जांच रिपोर्ट सौंपने को कहा है।

अन्य महिला रिश्तेदारों पर मामला दर्ज करवाने के आरोप

विधायक बैंस पर एक अन्य महिला ने भी उसके साथ दुष्कर्म करने के आरोप लगाए हैं। दो दिन पहले ही महिला के केस की पैरवी कर रहे वकील एवं अकाली नेता हरीश राय ढांडा व गुरदीप सिंह गोशा ने आरोप लगाया था कि उक्त आरोप लगाने वाली महिला का साथ देने वाले एक युवक व उसके बेटे के खिलाफ हरियाणा में आपराधिक मामले दर्ज करवाए गए हैं। इसी का हवाला अदालत में भी दिया गया है।

8 माह से पुलिस कमिश्नर कार्यालय के बाहर बैठी है महिला

बता दें कि करीब 8 माह पहले महिला की ओर से विधायक पर दुष्कर्म के आरोप लगाए गए थे। इसके बाद जांच हुई, मगर विधायक पर आपराधिक माामला दर्ज नहीं हुआ। अदालत में याचिका लगाई गई तो विधायक के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने के आदेश हुए। पुलिस ने इसमें भी देरी की और शिअद ने धरना दिया, तब जाकर पुलिस ने आपराधिक मामला दर्ज किया। अब आरोप है कि जानबूझकर जांच लटकाई जा रही है, ताकि विधायक को रिलीफ मिल सके।

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