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इनसे सीखिए:एक ओर पराली जलाने की घटनाएं बढ़ीं, पर ये किसान न जलाने का दे रहे संदेश

लुधियानाएक महीने पहले
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  • एयर क्वालिटी इंडेक्स हुआ 280, जिले में 410 जगह अब तक जल चुकी है पराली

एक ओर जिले में पराली जलाने की घटनाओं में लगातार इजाफा हो रहा है। वहीं, कुछ किसान ऐसे भी हैं जो पिछले कई सालों से पराली न जलाकर खेत में ही उसका प्रबंधन कर रहे हैं और अन्य किसानों को भी पराली न जलाने का संदेश द रहे हैं।

रविवार को जिले का एयर क्वालिटी इंडेक्स 280 दर्ज किया गया। जोकि अक्टूबर में अब तक का सबसे ज्यादा है। वहीं, जिले के विभिन्न इलाकों में रविवार को 88 जगह पराली जलाने की घटनाएं हुईं। जिले में अब तक 410 जगह पराली जल चुकी है।

कटाणा साहिब का किसान नरिंदर सिंह 5 एकड़ के इलाके में खेती कर रहे हैं। कम रकबे में भी खेती करने के कारण किसान नरिंदर सिंह धान की सीधी बिजाई, हैप्पी सीडर से कनक की काश्त, चने और सरसों की खेती कर रहे हैं। नरिंदर सिंह ने बताया कि कम जमीन होने के कारण वो महंगी खेती मशीनरी पर खर्च नहीं करते। लेकिन खेतीबाड़ी सहकारी सभा रामपुरा की संस्था का फायदा ले रहे हैं।

वहीं से वो ट्रैक्टर और मशीनरी पर किराए पर लेकर खेती कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि पिछले 3 सालों से कभी भी धान की पराली को आग नहीं लगाई। इस साल 3 एकड़ में धान की रोपाई सीधी बिजाई तरीके से की। जिससे उन्हें ज्यादा पैदावार की उम्मीद है।

5 साल से पराली का खेत में ही प्रबंधन

गांव अगवाड़ धोना के रहने वाले किसान लखविंदर सिंह 80 एकड़ के इलाके में धान की फसल लगाते हैं। लेकिन, पिछले 5 सालों से उन्होंने पराली को आग नहीं लगाई। पराली का खेत में ही प्रबंधन करते हैं। लखविंदर सिंह ने कहा कि वो धान की कटाई एसएमएस संयुक्त कंबाइन से करने के बाद चॉपर का इस्तेमाल कर बची पराली को छोटे हिस्सों में काट देते हैं। उसके बाद पलाऊ से जमीन में दबाने के बाद खेत को एक हफ्ते के लिए खाली छोड़ देतें हैं।ऐसा करने से पराली मिट्टी के साथ मिल कर नर्म हो जाती है।

किसान नरिंदर सिंह बिना पराली जलाए कर रहे खेती

जिससे उसे खेत में आसानी से डाला जा सकता है। उन्होंने कहा कि पराली को जमीन में मिलाने से जमीन की सेहत अच्छी बन गई है। सूक्ष्म जीव, केंचुओं का इजाफा हुआ है। जिससे खेत में 20-25 फीसदी खाद की खपत कम हो गई है। लखविंदर सिंह ने कहा कि वो अन्य किसानों को भी इसी तरह पराली का प्रबंधन खेत में ही करने के लिए प्रेरित करते हैं।

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