50 हजार का जुर्माना भी लगाया:गैंगरेप में एक दोषी को 10 साल की सजा, दूसरा बरी

लुधियाना18 दिन पहले
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गैंगरेप के मामले में एडिशनल सेशन जज कुलभूषण कुमार की अदालत द्वारा एक दोषी को 10 साल की कैद और 50 हजार रुपए जुर्माना सुनाया है। अगर दोषी जुर्माने की रकम देता है तो उसमें से 25 हजार रुपए पीडि़ता को मिलेंगे। दोषी गांव चक्क कलां का राजवंत सिंह उर्फ सतवंत सिंह है।

सरकारी पक्ष के अनुसार 17 अक्टूबर 2017 को थाना दाखा की पुलिस ने बयान दर्ज करवाए थे कि 18 जून 2017 को वह अपने घरवालों से झगड़ा कर अपने मायके घर जाने को निकली। जब वह बस स्टैंड के पास खड़ी थी तो उसका जानकार हरदीप सिंह उर्फ मनदीप वहां मोटरसाइकिल पर आया और उसे मायके छोड़ने की बात कही। उसने रास्ते में मोटरसाइकिल रोककर शराब खरीदी और गुरप्रीत सिंह और सतवंत सिंह को भी बुला लिया। वे तीनों मुझे खेतों में बनी एक मोटर पर ले गए और रेप किया।पीड़िता किसी तरह अपने मायके पहुंची और सारी बात घरवालों को बताने के बाद पुलिस को बयान दर्ज करवाए।

पुलिस ने रेप का पर्चा दर्ज कर चलान अदालत में पेश किया। यहां पर मनदीप सिंह उर्फ हरदीप सिंह को अदालत में पेश न होने के चलते भगोड़ा करार दिया। सबूतों के आधार पर राजवंत सिंह को रेप मामले में दोषी पाने पर 10 साल सजा सुनाई। गुरप्रीत सिंह को सबूतों के आभाव में बरी कर दिया। बचाव पक्ष ने गुहार लगाई कि पीडि़ता का मेडिकल भी नहीं हुआ और उसके मजिस्ट्रेट के सामने भी 164 सीआरपीसी के तहत बयान नहीं हुए और अपने आप को निर्दोश बताया। पर अदालत ने सजा कायम रखी और राजवंत को रेप के दोषी घोषित करते हुए सजा सुनाई गई।

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