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विरोध:डिवीजन में मालगाड़ी के गार्ड के 331 पदों में से 266 खाली, सीनियर सहायक लोको पायलट से ही चलवा रहे ट्रेन; हादसा होने का खतरा

लुधियाना2 महीने पहले
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फाइल फोटो - Dainik Bhaskar
फाइल फोटो
  • मालगाड़ियों के मुकाबले गार्ड की संख्या से कहीं कम, रेल यूनियनें भी आला अफसरों के आदेशों को गलत ठहरा कर रही प्रदर्शन

फिरोजपुर डिवीजन में चलने वाली ज्यादातर मालगाड़ियां बिना गार्ड ही चल रही हैं। इसके पीछे का कारण है डिवीजन ने मालगाड़ियों के गार्ड के खाली पद। रेल अफसरों के मुताबिक फिरोजपुर डिवीजन में मालगाड़ियों के गार्ड की 331 पद हैं, जिसमें 266 खाली पड़े हैं। मात्र 65 पोस्ट पर ही गार्ड तैनात हैं। इनसे ड्यूटी ली जा रही है। वहीं, देखा जाए तो डिवीजन में चलने वाली मालगाड़ियों की संख्या गार्ड की संख्या से कहीं ज्यादा है।

ऐसे में या तो मालगाड़ियों को बिना गार्ड चलाया जा रहा है या फिर अब रेलवे अफसरों ने सहायक लोको पायलट से गार्ड का काम लेना शुरू कर दिया है। पिछले कई दिनों से रेल यूनियनें भी आला अफसरों के इस आदेशों को गलत ठहरा विरोध प्रदर्शन कर रही हैं। रेल अफसरों ने पत्र जारी कर इन आदेशों पर मुहर लगा दी कि जब तक गार्ड की किल्लत खत्म नहीं होती, तब तक सीनियर सहायक लोको पायलट से गार्ड का काम लिया जाए।

यह होते हैं गार्ड के काम

ट्रेन के सबसे आखिर वाले डिब्बे में तैनात गार्ड ट्रेन की हर गतिविधि पर नजर रखते हैं। आपात स्थिति में गार्ड अपने केबिन में लगी ब्रेक की मदद से गाड़ी को रोक सकते हैं। किसी व्यक्ति या जानवर के ट्रेन की चपेट में आने या फिर ट्रेन में आग लगने जैसी स्थिति में गार्ड डिप्टी कोचिंग को सूचना दें, तुरंत कार्रवाई करवाते हैं। हर सिग्नल, फाटक मैन को झंडी दिखाने, आपात स्थिति से निपटने, ट्रेन की रफ्तार पर काबू रखने, समय सूची बनाने जैसे सभी कामों को करने के लिए गार्ड को स्पेशल ट्रेनिंग दी जाती है। रेल अफसरों के मुताबिक यह भी कहा जा सकता है कि पूरी ट्रेन का जिम्मा गार्ड पर ही होता है। गार्ड की एक गलती हादसे को निमंत्रण दे सकती है।

एनआरएमयू की चेतावनी- रेल अधिकारी वापस लें आदेश

गार्ड की जगह पर सीनियर सहायक लोको पायलट को तैनात करने का अफसरों का फैसला गलत है। इससे बड़ा हादसा हो सकता है। रेलवे अफसरों को फैसला वापस लेना ही होगा। लोको पायलट या सहायक लोको पायलट से गार्ड का काम लेने के लिए रेलवे ने खानापूर्ति के तौर पर ट्रेनिंग भी दी है। फिर भी इतनी बड़ी जिम्मेदारी सीनियर सहायक लोको पायलट को नहीं दी जा सकती। रेल को इस बारे में गंभीरता दिखानी चाहिए।

-कुलविंदर सिंह गरेवाल, डिवीजन प्रेसिडेंट, एनआरएमयू

फैसला न बदला तो चक्का जाम करेंगे
रेल अफसरों ने अगर अपना यह फैसला वापस न लिया तो पूरी डिवीजन में चक्का जाम किया जाएगा। पूरी ट्रेन की जिम्मेदारी गार्ड के ऊपर होती है। गार्ड की जिम्मेदारी को सीनियर सहायक लोको पायलट के हाथ में देना सही फैसला नहीं है। गार्ड की खाली पड़ी पोस्ट को न भरकर रेल एक गलती कर रहा है तो गार्ड की जगह पर सीनियर सहायक लोको पायलट को ट्रेन की जिम्मेदारी सौंप दूसरी गलती की जा रही है। रेल की यह गलती किसी बड़े हादसे को न्योता देने से कम नहीं। इसके लिए कई बार चेताया भी जा चुका है।

-अश्वनी कुमार, डिवीजन प्रेसिडेंट, यूआरएमयू

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