• Hindi News
  • Local
  • Punjab
  • Ludhiana
  • Farmers Protest (Kisan Andolan); Punjab News | Narendra Singh Tomar Nihang Photos Goes Viral After Death Of Lakhbir Singh

सिंघु हत्याकांड पर फूटा 'फोटो बम':निहंग प्रमुख का सम्मान करते कृषि मंत्री तोमर की फोटो वायरल, किसान नेता बोले- ‌लखबीर की हत्या BJP की साजिश

लुधियानाएक महीने पहलेलेखक: दिलबाग दानिश

सिंघु बॉर्डर पर चल रहे किसान आंदोलन में दशहरे की सुबह हुई पंजाबी युवक लखबीर सिंह की हत्या के बाद अब सोशल मीडिया पर कुछ फोटो तेजी से वायरल हो रही हैं। इसमें केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर सिंघु बॉर्डर पर बैठे निहंग जत्थेबंदियों के प्रमुखों में शामिल बाबा अमन सिंह को सिरोपा पहनाकर उनका सम्मान कर रहे हैं। फोटो में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्यमंत्री कैलाश चौधरी और दूसरे BJP नेता भी नजर आ रहे हैं। तस्वीर जुलाई 2021 में कैलाश चौधरी के आवास की है।

फोटो सामने आने के बाद संयुक्त किसान मोर्चा ने लखबीर सिंह की हत्या को साजिश बताकर भाजपा पर सवाल उठाए हैं। संयुक्त किसान मोर्चा के नेता और किरती किसान यूनियन के प्रदेश उपाध्यक्ष रजिंदर सिंह दीपसिंहवाला ने कहा कि बाबा अमन सिंह और भाजपा नेताओं के बीच हुई इस मीटिंग के बाद गंदी राजनीति की बू आ रही है।

3 फोटो आईं सामने
भाजपा नेताओं के साथ निहंग बाबा अमन सिंह की 3 फोटो सामने आई हैं। ये फोटो जुलाई 2021 की हैं। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्यमंत्री कैलाश चौधरी के घर ली गई इन फोटो में बाबा अमन सिंह के साथ केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर, कैलाश चौधरी, लुधियाना के भाजपा किसान सेल के राष्ट्रीय सचिव सुखमिंदरपाल सिंह ग्रेवाल, पंजाब पुलिस से बर्खास्त किए जा चुके विवादित इंस्पेक्टर गुरमीत सिंह ‘पिंकी’ और कुछ अन्य लोग दिखाई दे रहे हैं। एक फोटो में नरेंद्र सिंह तोमर बाबा अमन सिंह को सिरोपा पहना रहे हैं, तो दूसरी फोटो में बाबा अमन सिंह डाइनिंग टेबल पर बैठकर केंद्रीय मंत्रियों और भाजपा नेताओं के साथ खाना खा रहे हैं।

किसान मोर्चा ने ट्वीट की फोटो
मंगलवार को संयुक्त किसान मोर्चा ने केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और निहंग बाबा अमन सिंह की फोटो ट्वीट की। गौरतलब है कि सिंघु बॉर्डर पर लखबीर सिंह की हत्या करने के आरोप में जिन चार निहंगों सरबजीत सिंह, नारायण सिंह, भगवंत सिंह और गोविंदप्रीत ने सरेंडर किया है, वह चारों ही बाबा अमन सिंह की जत्थेबंदी से ही ताल्लुक रखते हैं। सरबजीत सिंह, भगवंत सिंह और गोविंदप्रीत के सरेंडर के दौरान बाबा अमन सिंह खुद आगे रहे थे।

केंद्रीय मंत्री नरेंद्र तोमर के साथ बाबा अमन सिंह व अन्य भाजपा नेता।
केंद्रीय मंत्री नरेंद्र तोमर के साथ बाबा अमन सिंह व अन्य भाजपा नेता।

मोर्चा पहले ही उठा चुका घटना की जांच की मांग
संयुक्त किसान मोर्चा के नेता राकेश टिकैत, योगेंद्र यादव और बलवीर सिंह राजेवाल पहले ही कह चुके हैं कि सिंघु बॉर्डर पर हुई हत्या की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। अगर बेअदबी हुई है तो उसके सबूत भी सामने आने चाहिए और हत्यारों को सजा होनी चाहिए। किसान नेताओं ने कहा कि वह निहंगों को सिंघु बॉर्डर से जाने के लिए कह चुके हैं क्योंकि यह कोई धार्मिक मोर्चा नहीं है। यह किसानों का मोर्चा है मगर निहंग जत्थेबंदियां उनकी बात नहीं मान रहीं।

बढ़ सकती हैं निहंगों की मुश्किलें
भाजपा नेताओं और निहंग बाबा अमन सिंह की फोटो सामने आने के बाद सिंघु बॉर्डर पर बैठी निहंग जत्थेबंदियों की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। निहंगों का कहना है कि लखबीर की हत्या इसलिए की गई क्योंकि उसने बेअदबी की। निहंगों ने उन्हें वापस लौटने की सलाह देने वाले संयुक्त किसान मोर्चा के नेता योगेंद्र यादव पर भी निशाना साधा मगर भाजपा नेताओं के साथ बाबा अमन सिंह की फोटो सामने आने के बाद उनके लिए इसका बचाव करना मुश्किल होगा। संयुक्त किसान मोर्चा और सिख प्रचारक रणजीत सिंह ढडरियांवाले निहंगों से बेअदबी के सबूत पेश करने की मांग भी कर चुके हैं मगर अभी तक ऐसा कोई सबूत सामने नहीं आया है।

कृषि मंत्री संग फोटो पर निहंग अमन सिंह की सफाई:कहा- मैं भाजपा के मंत्रियों और नेताओं से मिलता रहता हूं, तोमर से हुई मुलाकात का एजेंडा पूछने पर बोले-समय दीजिए

27 को ‘धार्मिक एकत्रता’ बुला चुके निहंग

निहंग जत्थेबंदियों ने 27 अक्टूबर को सिंघु बॉर्डर पर ‘धार्मिक एकत्रता’ बुलाई है। उस दिन निहंग जत्थेबंदिया संत समाज, बुद्धिजीवी और संगत के साथ इस बात पर चर्चा करेंगी कि उन्हें सिंघु बॉर्डर पर ही बने रहना चाहिए या यहां से वापस लौट जाना चाहिए। निहंग बाबा राजा राम सिंह स्पष्ट कर चुके हैं कि 27 को ‘धार्मिक एकत्रता’ में सामूहिक तौर पर जो भी फैसला लिया जाएगा, निहंग जत्थेबंदियां उसका पालन करेंगी।

बेअदबी के आरोप में की गई लखबीर की हत्या

सिंघु बॉर्डर पर 15 अक्टूबर को दशहरे वाली सुबह लखबीर सिंह नामक युवक की बर्बर तरीके से हत्या कर दी गई थी। तरनतारन जिले के चीमा गांव के रहने वाले लखबीर का पहले एक हाथ और पांव तलवार से काटा गया और मरने के बाद उसकी बॉडी संयुक्त किसान मोर्चा के मुख्य मंच से कुछ दूरी पर सड़क किनारे बैरिकेड से टांग दी गई। मौके पर मौजूद निहंगों ने दावा किया था कि लखबीर उनके डेरे में प्रकाशित श्री गुरु ग्रंथ साहिब के पावन स्वरूप उठाकर भाग रहा था जिसकी सजा उसे दी गई। इस घटना से जुड़े कई वीडियो सामने आए जिनमें एक वीडियो लखबीर का दम तोड़ने से पहले का भी था। इस मामले में अब तक चार निहंग सरबजीत सिंह, नारायण सिंह, भगवंत सिंह और गोविंदप्रीत सिंह सोनीपत पुलिस के सामने सरेंडर कर चुके हैं। पुलिस इन चारों को रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है।