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सरकारी आदेश नहीं मानने पर कार्रवाई:लुधियाना में बिना पुलिस वेरीफिकेशन किराएदार न नौकर रखने वाले 10 लोगों के खिलाफ मामले दर्ज

लुधियाना2 महीने पहले
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गुरप्रीत सिंह भुल्लर पुलिस कमिश्नर लुधियाना - Dainik Bhaskar
गुरप्रीत सिंह भुल्लर पुलिस कमिश्नर लुधियाना

लुधियाना में पुलिस वेरिफिकेशन के बिना किराएदार व नौकर रखने वालों पर नए कमिश्नर आफ पुलिस सख्त हो गए हैं। पुलिस ने एक ही दिन में 10 लोगों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज किए हैं, जिनकी ओर से अपने घर और दुकान को किराए पर देते समय किराएदार की पुलिस वेरिफिकेशन नहीं करवाई है। यह मामले सरकारी आदेशों को नहीं मानने पर 188 आईपीसी के तहत दर्ज किए गए हैं।

पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर की ओर से आदेश जारी किए गए थे कि बिना पुलिस वेरिफिकेशन के शहर में किराएदार और नौकर रखने वालों पर केस दर्ज किए जाएं। पुलिस ने थाना दुगरी में हरी कृष्ण निवासी माडल ग्राम, सुरिंदर सिंह निवासी पंजाब माता नगर, अमित ढींगरा और रणजीत सिंह के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं। इसी तरह सदर पुलिस ने जगजीत सिंह, अमित गुपता, मनमोहन सिंह निवासी गांव दाद, विनोद चौधरी निवासी धांदरां रोड, और सतकार सिंह निवासी पटेल नगर के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया है। डिवीजन नंबर छह पुलिस ने संजय कुमार निवासी मोहल्ला मुरादपुरा और डाबा पुलिस ने रमनदीप सिंह निवासी मोहल्ला आदर्श कालोनी के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया है।

क्यों जरूरी है किराएदारों की पुलिस वेरिफिकेशन
दरअसल पिछले समय के दौरान देखने में आया है कि चोरी, लूटपाट और हत्या जैसी घटनाओं में पकड़े गए आरोपी पहले भी आपराधिक मामलों में संलिप्त थे और अपना नाम बदलकर शहर में किराए पर कमरे लेकर रह रहे थे और वारदात कर पुलिस के लिए सिरदर्दी बने हुए थे। शहर में बड़ी संख्या में बाहरी लोग आकर रहते हैं और इसी को ढाल बनाकर आपराधी भी शहर में कमरे लेकर रहते हैं। एक अंदाजे के अनुसार शहर में 10 लाख किराएदार हैं। मगर अधिकतर की पुलिस वेरीफिकेशन नहीं कराई जाती।

कहां हो सकती है पुलिस वेरिफिकेशन
वेरिफिकेशन के लिए पुलिस सांझ केंद्र बनाए गए हैं और वहां पर एक फार्म भरकर देना होता है और पुलिस खुद उक्त व्यक्ति की पुलिस वेरीफिकेशन उसके पैतृक गांव, शहर या कस्बे के पुलिस स्टेशन से करवाती है और पता लगाया जा सकता है कि उसके खिलाफ पहले कोई आपराधिक मामले तो दर्ज नहीं हैं। ऐसा करके शहर में होने वाली वारदात को रोका जा सकता है। इसके लिए पुलिस ने कुछ फीस भी रखी हुई है।

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