• Hindi News
  • Local
  • Punjab
  • Ludhiana
  • Processing Of Garbage That Has Been Hanging For Years Will Start From Next Month, 21 Compactors Will Be Installed; CCTV Will Be Monitored

स्मार्ट सिटी मिशन:सालों से लटकी कूड़े की प्रोसेसिंग अगले महीने से होगी शुरू, 21 कॉम्पैक्टर लगेंगे; सीसीटीवी से होगी मॉनिटरिंग

लुधियाना11 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
बैठक - Dainik Bhaskar
बैठक
  • स्मार्ट सिटी मिशन की मीटिंग में कूड़ा प्रबंधन और सेफ सिटी को लेकर हुए अहम फैसले
  • शहर की सुरक्षा के साथ बुड्‌ढे नाले के किनारों, कूड़े के डंप और पार्कों में लगेंगे 500 सीसीटीवी कैमरे

ताजपुर रोड स्थित 30 साल से पुराने कूड़े की प्रोसेसिंग का काम अब अगले माह शुरू होने के संकेत मिले हैं। वहीं स्मार्ट सिटी मिशन के तहत ही सिटी के ओपन सेकेंडरी डंप को खत्म करके वहां पर हाईटेक कॉम्पैक्टर लगेंगे। इतना ही नहीं पहली बार कूड़े की प्रोसेसिंग और कॉम्पैक्टर की मॉनिटरिंग भी सीसीटीवी कैमरों के जरिए की जाएगी। वहीं, शहर के अलग-अलग हिस्सों में सेफ सिटी के तहत करीब 500 सीसीटीवी लगाने को स्मार्ट सिटी मिशन की सिटी लेवल टेक्नीकल कमेटी ने मंजूरी दे दी है।

स्मार्ट सिटी की मीटिंग नगर निगम कमिश्नर कम सीईओ स्मार्ट सिटी प्रदीप कुमार सभ्रवाल की अगुवाई में जोन-डी में बुधवार शाम को बुलाई गई थी। जहां इन तीन अहम प्रोजेक्टों को लेकर फैसले लिए गए हैं। मीटिंग में एडिशनल कमिश्नर आदित्य डेचलवाल, जेसीपी जे एलन चेजियन, डायरेक्टर संजय गोयल, एसई राहुल गगनेजा, राजिंदर सिंह, पीडब्ल्यूडी अधिकारी, ट्रैफिक एसीपी, सेफ सिटी से जसविंदर सिंह, एक्सईएन रमन कौशल आदि मौजूद थे।

पहले चरण में 5 लाख मीट्रिक टन कूड़ा होगा प्रोसेस

स्वच्छता के मामले में इंदौर सिटी का दौरा करके वहां पर सालों पुराने कूड़े का प्रबंध किए जाने की विधि को जानने के बाद नगर निगम ने स्मार्ट सिटी मिशन तहत ताजपुर रोड पर बने कूड़े के डंप को खत्म करने के लिए डीपीआर तैयार की थी, जिसे करीब एक साल हो चुका है। ऐसे में अब इसकी प्री-बिड मीटिंग के दौरान तीन कंपनियों की तरफ से अपने-अपने सवाल रखे गए थे, उन पर चर्चा करते हुए फाइनल फैसला लिया गया है। ऐसे में टेंडर में हिस्सा लेने वाली कंपनियों की शर्तों को दरकिनार करते हुए एक साल में 5 लाख मीट्रिक टन कूड़ा प्रोसेस करना होगा। ऐसे में अब संभावनाएं बन रही हैं कि टेंडर इसी माह मैच्योर हो सकता है। वहीं, नवंबर में काम शुरू हो सकता है। इसके लिए 30 करोड़ का टेंडर लगाया था, जिसमें मशीनरी और लोडर शामिल हैं, जो कंपनी इस पर काम करेगी, उसके काम के खत्म होने के बाद मशीनरी और लोडर निगम के पास ही रहेंगे।

कॉम्पैक्टर लगाने वाली कंपनी पांच साल करेगी मेंटेनेंस

शहर के ओपन कूड़ा डंप की हालत काफी खस्ता है, जबकि 21 स्टेटिक कॉम्पैक्टर लगाने के लिए स्मार्ट सिटी मिशन के तहत टेंडर लगाए जाने हैं। ऐसे में अब तक ट्रस्ट की तरफ से लगाए जा चुके कॉम्पैक्टर को लेकर ये सबक लिया गया है कि शहर में नए लगने वाले कॉम्पैक्टर को लेकर नई तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे निगम पर वित्तीय बोझ न बढ़े और इस पर आसानी से काम किया जा सके।

निगम देगा सिर्फ डीजल का खर्च

मीटिंग में फैसला लिया गया है कि 21 नए कॉम्पैक्टर के लिए टेंडर में अब शर्तें ये शामिल की जाएंगी कि जिस कंपनी ने मशीनरी देनी है, उसकी मेंटेनेंस पांच साल और ड्राइवर समेत लोडर भी कंपनी का रहेगा। निगम की तरफ से सिर्फ डीजल दिया जाएगा। ऐसा इसलिए किया जा रहा है, क्योंकि मौजूदा लग चुके कॉम्पैक्टर इस समय सही से वर्क नहीं कर पा रहे हैं, क्योंकि इसे चलाने के लिए निगम के पास टेक्नीकल स्टाफ नहीं है। इसी के तहत अब फैसला लिया है कि अब नई शर्तों के तहत कॉम्पैक्टर लगाए जाएंगे ताकि कूड़ा प्रबंधन का काम सही से हो सके।

खबरें और भी हैं...