शिअद ने बदली चुनावी रणनीति:उम्मीदवारों के प्रचार को बूस्ट करने लिए वर्करों को दिया पार्षद चुनाव 2023 की टिकट का वादा

लुधियाना5 महीने पहलेलेखक: दिलबाग दानिश
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सुखबीर सिंह बादल की फाइल फोटो - Dainik Bhaskar
सुखबीर सिंह बादल की फाइल फोटो

पंजाब के लुधियाना जिले में शिरोमणि अकाली दल बादल ने अपनी चुनावी रणनीति बदल ली है। पार्टी ने ऐलान किया है कि विधानसभा चुनाव के बाद पार्षद चुनाव होने वाले हैं और इसके लिए विधानसभा चुनाव में पड़ी वोटों के आधार पर टिकट दी जाएगी। यह तरीका कितना कारगर होता है, देखने वाली बात रहेगी। मगर अभी पार्टी को लुधियाना जिले की 14 में से 6 सीटों पर चुनाव प्रचार तेज करने की चिंता है।

लुधियाना शहर की इन सीटों पर लगभग सभी प्रत्याशी तीसरे या कहीं दूसरे स्थान पर हैं। इसलिए शिअद ने अपनी रणनीति में बदलाव किया है। सुखबीर सिंह बादल ने जिले में चुनाव स्थिति का जायजा लेने के लिए बैठक का आयोजन किया था। इस दौरान सभी बड़े नेताओं समेत सभी उम्मीदवारों से फीडबैक लिया गया, जिसमें स्थिति बेहद नाजुक दिखी। इसी दौरान शिअद के पुराने नेताओं ने सलाह दी कि पार्षद चुनाव लड़ने के इच्छुक नेताओं को आगे लाना होगा। इसलिए यह ऐलान किया गया है।

इस बात की पुष्टि करते हुए लुधियाना-पश्चिम से चुनाव लड़ रहे पार्टी के सीनियर नेता महेशइंद्र सिंह ग्रेवाल ने कहा कि दो मुद्दों पर चर्चा हुई, पहला यह कि सत्ता में आने के बाद पार्टी के अधिक कार्यकर्ताओं को समायोजित करने के लिए वार्डों की संख्या बढ़ाई जाएगी, ताकि ध्यान केंद्रित किया जा सके। विकास वार्डों पर यह भी चर्चा हुई कि विधानसभा चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार उन योग्य कार्यकर्ताओं के नामों की सिफारिश करेंगे, जो नगर निगम चुनाव लड़ सकते हैं।

उम्मीदवारों का प्रचार नहीं कर रहे थे स्थानीय नेता

दरअसल लुधियाना में विधानसभा क्षेत्र आतमनगर और साउथ में बैंस बंधु चुनाव लड़ते हैं और जीतते भी हैं। वह हर वार्ड में अपने समर्थकों को पार्षद चुनाव टिकट का वादा करके उनसे सहयोग ले रहे हैं। इसी तरह कांग्रेस के स्थानीय नेता भी टिकटें देने का वादा कर रहे थे। मगर शिअद में टिकट पार्टी अध्यक्ष से मिलने को लेकर असमंजस था, इस कारण पार्टी के वार्ड स्तर के नेता बाहर निकल ही नहीं रहे थे।

अकाली नेता जगबीर सिंह सोखी कहते हैं कि यह समस्या आत्मनगर क्षेत्र में सबसे ज्यादा आ रही थी। कई कार्यकर्ताओं ने पार्टी उम्मीदवार हरीश राय ढांडा से इस तरह का आश्वासन मांगा था। ढांडा एक ईमानदार नेता हैं और वह कभी झूठे वादे नहीं करते हैं। इसलिए इस समय यह महत्वपूर्ण है कि उम्मीदवारों को अधिक शक्ति दी जानी चाहिए, ताकि वे एमसी चुनाव के लिए संभावित नाम की सिफारिश कर सकें।"

अगले साल होने हैं लुधियाना में निकाय चुनाव

इस बार कोरोना काल के कारण चुनावी रैलियों पर पाबंदी है, इसलिए चुनाव प्रचार लोकल नेताओं पर टिका है। इस लिए वह भी प्रचार के बदले टिकट की मांग कर रहे हैं। चुनाव आयोग का आदेश है कि सिर्फ 5 व्यक्ति डोर टू डोर प्रचार कर सकते हैं। एक विधानसभा क्षेत्र में 15 से 20 वार्ड आते हैं तो पार्टी इन वार्ड इंचार्ज या फिर पार्षदों पर निर्भर है।

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