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  • Promotion Of Rural Tourism So That People Can Live Life Without Running Away, Farmers Are Being Motivated By The University, Youth Will Get Employment, Economic Condition Will Also Improve

पीएयू की पहल:रूरल टूरिज्म को बढ़ावा ताकि लोग जीएंं बिना भागदौड़ की जिंदगी,यूनिवर्सिटी की ओर से किसानों को किया जा रहा प्रेरित, युवाओं को मिलेगा रोजगार, आर्थिक स्थिति भी सुधरेगी

लुधियाना8 दिन पहलेलेखक: रागिनी कौशल
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रूरल टूरिज्म के तहत रोड साइड डिस्प्ले स्थापित किए जा सकते हैं। - Dainik Bhaskar
रूरल टूरिज्म के तहत रोड साइड डिस्प्ले स्थापित किए जा सकते हैं।

लाइफस्टाइल में लगातार हो रहे बदलाव और शहरों में बढ़ रही भीड़भाड़, बढ़ रहे प्रदूषण के कारण अब लोग शहरों के बजाए सब-अर्बन या गांवों में कुछ दिन जाकर अपना जीवन बिताना चाह रहे हैं। कुछ सालों पहले जहां हर कोई शहर में आकर अपना वक्त बिताना चाह रहा था अब स्थिति इसके उल्ट हो रही है। इस स्थिति में रूरल टूरिज्म को बढ़ाने के लिए अब पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी के माहिरों द्वारा ग्रामीण इलाकों के युवाओं और किसानों को प्रेरित किया जा रहा है। एडिशनल डायरेक्टर कम्युनिकेशन डॉ. टीएस रियाड़ द्वारा एग्री-टूरिज्म को सूबे में बढ़ाने के लिए प्रस्ताव रखा गया है।

गांवों के जीवन से शहरियों को रूबरू कराने की कोशिश

इससे पहले भी यूनिवर्सिटी द्वारा रोड साइड डिस्प्ले(आरएसडी) शुरू करने के लिए किसानों को प्रोत्साहित किया था। जिसके तहत कुछ किसानों द्वारा सड़क के किनारे पड़ने वाली जगह पर ऑर्गेनिक सामान बेचना शुरू किया था। अब इस प्रोजेक्ट को और बड़ा कर टूरिज्म को बढ़ा कर गांवों के जीवन से शहरियों को रूबरू करवाने के लिए कहा जा रहा है। ताकि गांवों के युवाओं को रोजगार भी मिले और गांवों में आर्थिक तौर पर भी विकास हो सके। पामेटी के डायरेक्टर डॉ. एचएस धालीवाल के मुताबिक ग्रामीण इलाकों में रोड साइड डिस्पले(आरएसडी)से किसान अपने उत्पाद बेचने की सुविधा दे सकते हैं।

केरल, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक से आया आइडिया, किसानों को टूरिस्ट फ्रेंडली एरिया तैयार करने को कहा जा रहा

डॉ. टीएस रियाड़ ने बताया कि सूबे के टूरिज्म विभाग द्वारा गुरदासपुर में एग्री-टूरिज्म के तहत एक प्रोजेक्ट चलाया जा रहा है। किसानों को इसमें शामिल करने का आइडिया हमें केरल, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक से आया। वहां पर ये प्रोजेक्ट चल रहे हैं। इनमें किसानों को लाभ भी हो रहा है। हर कोई अब शांति में कुछ दिन बिताना चाहता है। हम किसानों को टूरिस्ट फ्रेंडली एरिया तैयार करने के लिए कह रहे हैं। जिसमें गांवों की जिंदगी कैसी होती है ये भी बना रहे। रूरल इलाकों में होम स्टे के अलावा फसल की बिजाई, कटाई, ईको-एडवेंचर, स्पोर्ट्स और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी पेश किए जा सकते हैं।

जहां परिवार आकर रह सकें और सुकून के पल काट सकें। किसान अपने अॉर्गेनिक उत्पाद भी बेच सकते हैं। ताजी सब्जियां, फल जो मंडियों में 2-3 दिन बाद पहुंचेगी अगर लोगों को तुरंत मिल जाए तो लोगों को भी फायदा होगा और किसानों को भी लाभ रहेगा। पंजाब वैसे भी हॉस्पिटैलिटी के लिए मशहूर है और जो लोग पहाड़ी क्षेत्रों में इस राहत के लिए जाते हैं वो पंजाब में ही उस सभी सुविधाओं का फायदा ले सकते हैं।

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