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क्राइम अनकंट्रोल:छात्र से फोन छीन रहे लुटेरों ने खंजर से निकाली अंतड़ियां, हादसे के बाद महिला को पीटा, दोनों जगह एक घंटे बाद पहुंची पुलिस

लुधियाना13 दिन पहले
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सुबह 7 बजे के करीब सलेम टाबरी में एक्टिवा सवारों ने की वारदात, जख्मी छात्र शुभम का सीएमसी में इलाज जारी। - Dainik Bhaskar
सुबह 7 बजे के करीब सलेम टाबरी में एक्टिवा सवारों ने की वारदात, जख्मी छात्र शुभम का सीएमसी में इलाज जारी।

शहर में पिछले 15 दिनों में लूट, स्नेचिंग और चोरी के 50 से ज्यादा मामले रिकाॅर्ड किए गए हैं। कई मामलों में लोगों की शिकायत है कि पुलिस का रिस्पाॅन्स टाइम ज्यादा रहा है और कई बड़े मामलों में देखा गया कि घंटों तक पुलिस पहुंचती ही नहीं है। ऐसा ही कुछ सोमवार को हुए दो घटनाक्रम में हुआ, जहां सलेमटाबरी में एक में छात्र से सिर्फ मोबाइल छीनने के लिए उसके पेट में खंजर घोंप दिया और अंतड़ियां निकाल ली। वहीं दूसरे मामले में चंडीगढ़ रोड पर दो गाड़ियों की टक्कर में महिला को बुरी तरह से पीट दिया। लेकिन दोनों ही मामलों में सूचना देने के बाद भी पुलिस ने मौके पर पहुंचने के लिए करीब एक घंटे का टाइम लिया।

ये हालात तब हैं, जब सीपी नौनिहाल सिंह ने अधिकारियों को रिस्पाॅन्स टाइम कम कर मौके पर पहुंचने के सख्त निर्देश दिए हैं। मगर सीपी के इन निर्देशों को दरकिनार किया जा रहा है। इतना ही नहीं बीते दिनों कांग्रेस नेता की बहू से चेन स्नेचिंग के मामले में तीन घंटे बाद भी पुलिस के न पहुंचने पर पुलिस कमिश्नर ने मोतीनगर थाने की एसएचओ गुरशिंदर कौर को लाइन हाजिर कर दिया था। सीपी के सख्त एक्शन के बाद भी पुलिस मुलाजिम सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं।

शातिर स्नेचरों ने बचने के लिए जूतों से गीली मिट्‌टी निकाल एक्टिवा की नंबर प्लेट पर लगाई

सलेमटाबरी की गगनदीप कॉलोनी में सैर कर रहे 11वीं क्लास के स्टूडेंट शुभम यादव(17) को लुटेरों ने दिन-दिहाड़े घेरकर मोबाइल छीनने की कोशिश में खंजर घोंप दिया। फिर मोबाइल भी लेकर फरार हो गए। थाना सलेमटाबरी की पुलिस ने गंभीर हालत में युवक को निजी अस्पताल में पहुंचाया। शुभम के पिता अशोक ने पुलिस को बताया कि उनका बेटा शुभम 11वीं क्लास का स्टूडेंट है। वो खुद एक फैक्ट्री में कटिंग का काम करते हैं। शुभम रिश्तेदारी में गगनदीप कॉलोनी के कांग्रेस पार्टी से सरपंच पन्ना लाल का भतीजा है। सोमवार सुबह 7 बजे उनका बेटा इलाके में ही सैर कर रहा था।

घर से कुछ दूरी पर एक्टिवा सवार दो झपटमार आए, जिन्होंने पहले चक्कर लगाया और फिर एकदम से उनके बेटे को घेर लिया। पहले तो शुभम उनके साथ मुकाबला करता रहा। लेकिन तभी एक लुटेरे ने अपने पास से खंजर निकाला और शुभम के पेट में घोंप दिया। जब खंजर दोबारा निकाला तो उसकी अंतड़ियां बाहर निकल आई। जिसके बाद लुटेरों ने उससे मोबाइल छीना और फरार हो गए। शुभम उनके पीछे भागा, मगर कुछ आगे जाकर जमीन पर गिर गया। उसे लोगों ने उठाया, उसके परिवार को सूचित कर सीएमसी अस्पताल में भर्ती करवा दिया

। पिता ने आरोप लगाया कि घटना के पौने घंटे बाद पुलिस पहुंची। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाली तो पता चला कि बदमाश पहले एक्टिवा लेकर इलाके में घूमते हैं। 2-3 चक्कर लगाकर अपना शिकार ढूंढते हैं। जिसके बाद शुभम को देखकर वारदात को अंजाम देते हैं। उससे पहले वो रूककर गीली मिट्टी अपने जूतों से उतारकर एक्टिवा की नंबर प्लेट पर लगाते हैं। नंबर ढकने के बाद वारदात करते हैं। सरपंच पन्ना लाल ने आरोप लगाया कि जब भी पीसीआर दस्तों को फोन किया जाए तो वह अपनी ड्यूटी कासाबाद, दरिया किनारे व तलवंडी में लगी होने की बात कहकर टाल देते हैं। एसीपी धर्मपाल ने बताया कि इलाके में पीसीआर दस्ता पक्के तौर पर गश्त के लिए लगा दिया गया है। जबकि इलाके में एंटी स्नेचिंग टीम बना दी गई है।

इधर, पीड़िता को ही धमकाने लगी पुलिस
इधर, चंडीगढ़ रोड स्थित बेस्टप्राइस के नजदीक मुंडिया खुर्द रिश्तेदारों के घर जा रहे अंबाला के परिवार की सड़क क्रॉस करते हुए टक्कर हो गई। पीड़िता ने बताया कि उनके रिश्तेदार अंबाला से लुधियाना उनके घर मुंडियां खुर्द आ रहे थे। जब वो हाईवे से कट से अंदर जाने लगे तो पीछे से आई20 कार जोकि कोहाड़ा की तरफ से आ रही थी, ने उन्हें टक्कर मार दी।

जिसके बाद कार चालक कार से उतरा और गाली-गलौज करने लगा। वो एक्टिवा लगाकर जब वहां गई तब तक उक्त कार सवार ने दो महिलाओं को फोन कर बुलाया। उन्होंने भी गालियां निकालनी शुरू कर, तभीआई20 कार सवार ने उन्हें थप्पड़ मारने शुरू कर दिए। पीड़िता ने आरोप लगाया कि पुलिस को शिकायत की, लेकिन एक घंटे तक मुलाजिम नहीं पहुंचे। जब पहुंचे तो उन्हें ही धमकाने लगे। फिलहाल बाद में दोनों पक्षों में समझौता हो गया।

एसीपी, एसएचओ स्पॉट पर खुद जाएं, लोगों से ले सकते फीडबैक
पिछले दिनों मीटिंग में सीपी ने एसीपी और एसएचओ स्तर के अधिकारियों को सख्त हिदायत दी थी कि वो अपने इलाके में होने वाले सभी क्राइम के स्पाॅट पर एक बार खुद जाएं। स्नेचिंग और चोरी के मामलों की जांच भी गंभीरता से की जाए, ताकि पता चल सके कि किस गैंग का काम है और उन्हें पकड़ने में आसानी हो सके। अगर कहीं क्राइम होता है और उसके बारे में अधिकारी एसीपी या एसएचओ से पूछते हैं या उन्हें उसके बारे में नही पता होता तो उन पर गाज गिर सकती है। इसका फीडबैक वो पीड़ित को काॅल करके भी ले सकते हैं कि पुलिस ने उनके साथ कैसे डीलिंग की और कौन सा अधिकारी उनसे मिलने के लिए आया था। लेकिन इसे गंभीरता से नहीं लिया जा रहा।

पीसीआर की मूवमेंट और सभी फोर्स को रिस्पाॅन्स टाइम इंप्रूव करने के लिए कहा गया है। जो भी क्राइम हो रहे हैं, उन्हें जल्द साॅल्व कर लिया जाएगा। इससे पहले कई गैंग हमने पकड़े हैं, इन्हें भी जल्द क्रैक कर लिया जाएगा। -रूपिंदर कौर भट्टी, एडीसीपी क्राइम

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