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शिअद की 'पंजाब दी गल':फोकस हिंदू और व्यापारियों पर; सुखबीर बादल का मंत्र- कृषि से नहीं आईटी और उद्योग क्षेत्र से आगे बढ़ेगा पंजाब

लुधियाना8 महीने पहलेलेखक: दिलबाग दानिश
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गल पंजाब दी कार्यक्रम के तहत एलईडी के जरिए ऑनलाइन कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए सुखबीर सिंह बादल। - Dainik Bhaskar
गल पंजाब दी कार्यक्रम के तहत एलईडी के जरिए ऑनलाइन कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए सुखबीर सिंह बादल।

सुखबीर सिंह बादल ने काफी एहतियात बरतते हुए चुपके से पंजाब दी गल पोग्राम की शुरुआत कर दी है। मगर अभी फिलहाल इसे शहरी क्षेत्र में ही संचालित किया जा रहा है। शिअद यह भांप रहा है कि लोग कहां तक उनके इस प्रोग्राम का समर्थन करते हैं और विरोध कितना होता है। इसलिए धीरे-धीरे इसे तेज किया जाएगा। सुखबीर ने बेहद समझदारी से इसे उन एरिया में शुरू किया है, जहां पर किसानों का प्रभाव बेहद कम है और प्रोग्राम किए जा सकते हैं।

सुखबीर सिंह बादल ही नहीं, उनकी पत्नी भी इस काम में लगी हुई है। उनकी ओर से अलग से यह कार्यक्रम किए जाने लगे हैं। सुखबीर सिंह बादल लुधियाना में तो हरसिमरत कौर बादल कोटकपूरा में थीं। दोनों ही जगह समारोह बंद इमारतों में किए गए हैं, ताकि प्रदर्शनकारी नहीं पहुंच सकें। लुधियाना में गुरु नानक भवन का हाल चुना गया तो कोटकपूरा में मैरिज पैलेस। शिअद के लिए राहत की बात यह है कि इस समय उतने बढ़े स्तर पर विरोध नहीं हुआ है, जितना होना चाहिए था।

लुधियाना में गल पंजाब दी कार्यक्रम के दौरान सुखबीर सिंह बादल को सुनते लोग।
लुधियाना में गल पंजाब दी कार्यक्रम के दौरान सुखबीर सिंह बादल को सुनते लोग।

फसल की कटाई और चुगाई का समय, इसलिए हो रहा फायदा

दरअसल यह समय किसानों की धान की कटाई और कपास की चुगाई का है। किसान ही नहीं, बल्कि मजदूर भी अगले कुछ समय के लिए अपने कामों में व्यस्त हैं और यही कारण है कि अब विरोध नहीं हो रहा है। शिअद द्वारा इसका फायदा उठाने का प्रयास किया जा रहा है। क्योंकि पिछले कुछ समय के दौरान 100 दिन 100 विधानसभा क्षेत्र गल पंजाब दी कार्यक्रम को इसलिए टाल देना पड़ा था, क्योंकि मोगा व साहनेवाल में सुखबीर सिंह बादल को बड़े स्तर पर विरोध का सामना करना पड़ा था। यही कारण है कि अब सुखबीर सिंह बादल बेहद सोच समझ कर अपने कार्यक्रम बना रहे हैं।

कृषि की नहीं, अब बात आईटी सेक्टर और उद्योग की

सुखबीर सिंह बादल ने अपनी शैली भी बदल ली है। उनके भाषण में अब किसानी मुद्दों या धर्म की बात नहीं होती है। वह इस समय आईटी सेक्टर और उद्योग की ही बात करते हैं। लुधियाना में देर शाम गुरु नानक भवन में हुए समारोह के दौरान उनके भाषण में पूरा जोर आईटी सेक्टर और उद्योग को बढ़ावा देने पर ही था। सुखबीर सिंह बादल ने ऐलान किया है कि वह आने वाले समय में अमृतसर और मोहाली को आईटी का हब बनाएंगे। यही नहीं पंजाब को टूरिस्ट हब के लिए भी स्थापित किया जाएगा।

वह कहते हैं कि पीयू में मास्टर आफ आर्ट के स्टूडेंट रहे हैं और नए-नए आइडिया पर काम करना उनका पैशन है। वह अपने निशाने पर भाषणों में चरणजीत सिंह चन्नी के विरोधी पक्ष का नेता होते हुए कांग्रेस द्वारा दिए गए पैच वर्क वाले बयान को भुनाना नहीं भूलते हैं। वह कहते हैं कि कांग्रेस के पास कोई विजन नहीं है और न ही वह काम कर सकती है। इसलिए उन्हें मौका मिलना चाहिए, तभी वह पिछले समय की तरह काम करके दिखाएंगे।

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