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सरकारी अस्पताल में फर्जी चोट देने वाले गिरोह का भंडाफोड़:झगड़ों के पुलिस केस मजबूत करने के लिए घायलों के शरीर पर लगाते थे कट, 2 लैब टेक्नीशियन गिरफ्तार; डॉक्टर के निजी सहायक और एक अन्य की तलाश जारी

लुधियाना20 दिन पहले
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पुलिस की गिरफ्तार में आरोपी दोनों लैब टेक्नीशियन। - Dainik Bhaskar
पुलिस की गिरफ्तार में आरोपी दोनों लैब टेक्नीशियन।

संगरूर के सरकारी अस्प्ताल से फर्जी मामले दर्ज करवाने का भंडाफोड़ हुआ है। यहां के 2 लैब टेक्नीशियन, डॉक्टर का निजी सहायक व एक अन्य व्यक्ति यहां पर 1500 से 2 हजार रुपए लेकर फर्जी चोटें बनाई जाती थीं। पुलिस ने संगरूर सिविल अस्प्ताल के 2 लैब टेक्नीशियन को गिरफ्तार किया है, जबकि दो की तलाश की जा रही है।

एसएसपी स्वपन शर्मा ने बताया कि पिछले समय के दौरान लगातार छोटे-छोटे झगड़ों के मामले बढ़ रहे थे। हमने पिछले 5 साल में दर्ज हुए आपराधिक मामलों की जांच शुरू की तो हैरान कर देने वाली घटनाएं सामने आईं। एसएसपी ने बताया कि कनौर जट्टन गांव में सरपंच के बेटे जगसीर सिंह जग्गा से जुड़ा मामला सामने आया था। जग्गा ने अपने गांव के पांच अन्य लोगों मनदीप, देविंदर, अमृतपाल, भूपिंदर और सुखदीप के खिलाफ मामला दर्ज कराया था, जिन पर पुलिस ने आईपीसी की धारा 323, 324, 341, 506, 148 और 149 के तहत मामला दर्ज किया था, जिसके बाद धारा 326 आईपीसी को बाद के चरण में जोड़ा गया था।

जांच में पता चला कि सिविल अस्पताल की लैब में सहायक टेक्निशियन राजिंदर सिंह ने जग्गा को आकाशदीप से अपनी उंगली पर एक अतिरिक्त चोट लगवाने की सलाह दी। आकाशदीप डॉक्टर के निजी सहायक के रूप में काम करता है। जग्गा को लड़ाई के दौरान केवल उसकी अंगुली पर चोट लगी थी, जबकि उसके पिता, जो झगड़े के दौरान भी साथ थे, को कोई नुकसान नहीं हुआ था। आकाशदीप ने जानबूझ कर जग्गा की उंगली पर एक और कट लगाया, जिसने पुलिस को यह कहकर गुमराह किया कि हमले के दौरान आरोपी ने उसे चोट पहुंचाई थी।

पुलिस ने लैब टेक्नीशियन राजिंदर (26) व आकाशदीप (23), जगसीर जग्गा और गांव कनौर जट्टां निवासी गुरतेज सिंह के खिलाफ आईपीसी की धारा 182, 193, 194, 211 और 120-बी के तहत मामला दर्ज किया गया है।

44 ऐसे मामले मिले जिसमें बनाई गईं चोटें
पुलिस ने जब मामलों की जांच की तो 44 ऐसे मामले पाए गए हैं, जिनमें शिकायतकर्ता को झगड़े के दौरान उसके शरीर पर चोटें बनाई गईं। पुलिस ने जब मामलों की जांच की तो पता चला कि ज्यादातर मामलों में छोटी अंगुली पर ही चोट आई हैं। इसी पर जांच शुरू हुई तो 4 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया गया।

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