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सिंघु बॉर्डर हत्याकांड:SC/ST आयोग के चेयरमैन का अकाल तख्त जत्थेदार को पत्र, लखबीर की अंतिम अरदास सिख मर्यादा से हो

लुधियाना10 महीने पहले
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कमीशन के चेयरमैन और भाजपा नेता विजय सांपला। - Dainik Bhaskar
कमीशन के चेयरमैन और भाजपा नेता विजय सांपला।

सिंघु बॉर्डर पर हुई दलित व्यक्ति की निर्मम हत्या मामले पर राष्ट्रीय एससीएसटी कमीशन लगातार नजर बनाए हुए हैं। कमीशन के चेयरमैन और भाजपा नेता विजय सांपला ने श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह को पत्र लिखा है।

पत्र में लिखा है कि सिंघु बॉर्डर पर किसान संगठनों के धरनास्थल पर अनुसूचित जाति के लखबीर सिंह की बेरहमी से हत्या की गई। उसके अंतिम संस्कार के समय कुछ व्यक्तियों खास कर सत्कार कमेटी ने सिख मर्यादा के अनुसार अरदास नहीं करने दी। वहीं वायरल हो रही वीडियो में दिख रहा है कि लखबीर ने तड़प-तड़प कर दम तोड़ा, लेकिन वीडियो में साफ नहीं होता है कि उसने श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी की है। जब तक पुलिस जांच में यह साबित नहीं हो जाता, तब तक उसे दोषी नहीं माना जा सकता है। इसलिए निवेदन है कि उसका भोग सिख मर्यादा के अनुसार ही किया जाए।

राष्ट्रीय एसएसटी कमिशन चेयरमैन की तरफ से अकाल तख्त जत्थेदार को लिखा गया पत्र।
राष्ट्रीय एसएसटी कमिशन चेयरमैन की तरफ से अकाल तख्त जत्थेदार को लिखा गया पत्र।

दलितों के धर्मांतरण की तरफ भी दिलाया ध्यान
पत्र में चेयरमैन विजय सांपला ने जत्थेदार का ध्यान लगातार हो रहे धर्मांतरण की तरफ भी दिलाया है। वह कहते हैं कि पंजाबभर में खासकर बॉर्डर के जिलों में बहुत-सी संस्थाओं द्वारा धर्मांतरण की मुहिम चलाई जा रही है। इससे दलित सिखों को विशेष तौर पर निशाने पर लेकर बड़ी संख्या में धर्मांतरण किया गया है। ये जोर-शोर से अभी भी किया जा रहा है। लखबीर सिंह की हत्या और उसके दाह संस्कार के दौरान अरदास न किए जाने देना और भोग की रस्म का भी विरोध करना जैसी घटनाएं दलितों को और निराशा की तरफ धकेलती हैं। ऐसे व्यवहार के कारण पंजाब में धर्मांतरण की मुहिम को और तेजी मिलती है।

लखबीर सिंह के अंतिम संस्कार पर हुआ था विवाद
बता दें कि लखबीर सिंह के अंतिम संस्कार को लेकर तरनतारन के पास स्थित उसके गांव में तनाव पैदा हो गया था। गांव के लोग उसका गांव में संस्कार ही नहीं होने देना चाहते थे। बाद में देर शाम उसका संस्कार तो हो गया, मगर इस दौरान सिख मर्यादा के अनुसार अरदास भी नहीं करने दी गई थी। अब उसका भोग है और परिवार के समक्ष यह सबसे बड़ी चुनौती है कि क्या वह भोग की रस्म कर पाएंगे। इसी कारण इसमें राष्ट्रीय एससीएसटी कमीशन की तरफ से दखल दिया गया है।

दशहरे वाले दिन हुई थी लखबीर सिंह की हत्या
सिंघु बॉर्डर पर निहंग सिंहों की तरफ से दशहरे वाले दिन रविवार सुबह तीन बजे लखबीर सिंह की निर्मम हत्या कर दी गई थी। उसका शव संयुक्त किसान मोर्चा की स्टेज के पीछे लटका दिया गया था। इसकी वीडियो भी वायरल हुई थी। इसके बाद पुलिस के समक्ष चार निहंग सिंह आत्मसमर्पण कर चुके हैं। लखबीर सिंह पर आरोप लगाया गया है कि उसने धार्मिक ग्रंथ की बेअदबी की है। इस कारण उसकी हत्या की गई है। इसके बाद से पूरे देश में हत्याकांड पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं।

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