• Hindi News
  • Local
  • Punjab
  • Ludhiana
  • Shaheed Sukhdev Paternal Home May Collapse Anytime, The Descendants Said Will Boycott The Independence Day Celebrations

लुधियाना में ढहने की कगार पर शहीद सुखदेव की निशानी:वंशज बोले- स्वतंत्रा दिवस समारोह का बहिष्कार करेंगे, CM ने किया था 1 करोड़ देने का ऐलान, फूटी कौड़ी नहीं मिली

लुधियाना2 महीने पहलेलेखक: दिलबाग दानिश
  • कॉपी लिंक
खस्ता हालत में शहीद सुखदेव का पुश्तैनी घर। - Dainik Bhaskar
खस्ता हालत में शहीद सुखदेव का पुश्तैनी घर।

देश की आजादी के लिए हंसते-हंसते फांसी के फंदे पर झूलकर कुर्बानी देने वाले शहीद सुखदेव की आखिरी निशानी आज ढहने के कगार पर है। चूहों ने उनके घर की नींव खोखली कर दी है। वहीं लुधियाना प्रशासन का भी इस तरफ कोई ध्यान नहीं है। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने रख रखाव के लिए एक करोड़ का ऐलान किया था, लेकिन एक फूटी कौड़ी नहीं मिली। इसलिए शहीद सुखदेव के वंशजों ने इस बार स्वतंत्रता दिवस समारोह के बहिष्कार की घोषणा की है।

शहीद सुखदेव थापर मैमोरियल ट्रस्ट के सचिव त्रिभूवन थापर का कहना है कि 15 अगस्त को सरकारी स्टेज से शहीदों का आदर सत्कार करने की बड़ी-बड़ी बातें की जाएंगीं। मंत्री जी राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे और नसीहत देते हुए दिखेंगे कि शहीदों को याद करो। उनके आदर्शों को अपनाओ। आजादी के बाद से यही होता आ रहा है। लेकिन असलियत तो कुछ और ही है। 15 अगस्त का दिन छोड़ दें तो इससे आगे पीछे कोई याद नहीं करता।

बड़ी-बड़ी बातें करने वाले मंत्री लोग तो अनजान बन जाते हैं। इसका जीता जागता उदाहरण है, शहीद सुखदेव का पुश्तैनी घर, जहां इन दिनों चूहों का आतंक है। चूहों ने यहां पर इतने बिल बना रखे हैं कि उनके वंशजों को डर है कि शहीद सुखदेव की यह आखिरी निशानी कभी भी गिर जाएगी। ऐसा नहीं है कि कोई प्रशासनिक अधिकारी इस बारे में जानता नहीं है। ट्रस्ट की तरफ से लगातार प्रशासन को इस बारे में बताया गया, मगर कोई सुनवाई करने वाला नहीं है।

चूहों द्वारा बनाई गई शहीद सुखदेव के घर की हालत।
चूहों द्वारा बनाई गई शहीद सुखदेव के घर की हालत।

स्वतंत्रता दिवस का करेंगे बहिष्कार

त्रिभूवन थापर का कहना है कि वह इस बात को लेकर हैरान हैं कि क्यों सरकार और राजनीतिवानों को हमेशा उनके जन्मदिन या फिर स्वतंत्रता दिवस पर ही देशभक्ति याद आती है। हालात यह हैं कि जिस शहीद ने देश के लिए जान दी है, अब डर है कि उसका घर लोगों की जान न ले ले। क्योंकि अगर समय रहते इसका रख रखाव न किया गया तो यह घर गिर सकती है और इसका जिम्मेदार प्रशासन होगा। वह कहते हैं कि अगर स्वतंत्रता दिवस से पहले यहां पर काम नहीं किया गया तो वह स्वतंत्रता दिवस समारोह का बहिष्कार करेंगे।

पुरातत्व विभाग के अधीन है इमारत, नहीं आता कलर्क

यह इमारत पिछले लंबे समय से पुरात्तव विभाग के पास है। इसे खोलकर रखने के लिए एक कलर्क की ड्यूटी लगाई गई है, जो यहां आने वाले लोगों को इस संबंध में जानकारी देता है। वह पिछले कई दिन से यहां नहीं आया है और न ही किसी ने इसकी सफाई करवाई है। गंदगी का आलम यह है कि यहां अब गंदगी की बदबू आ रही है।

शहीद सुखदेव के घर के आसपास फैली गंदगी।
शहीद सुखदेव के घर के आसपास फैली गंदगी।

सीएम कर चुके एक करोड़ का एलान, मिली फूटी कौड़ी नहीं

मुख्यमंत्री कैपटन अमरिंदर सिंह शहीद सुखदेव के पुश्तैनी घर के रख रखाव के लिए एक करोड़ रुपए देने का ऐलान किया था। मगर अभी तक एक फूटी कौड़ी यहां खर्च नहीं की गई है। निगम ने भी इसके नवीनीकरण के लिए बजट बनाया था। मगर यहां पैसा नहीं लगाया गया है।

लुधियाना के नौघरा में हुआ था थापर का जन्म

सुखदेव थापर का जन्म 15 मई 1907 को नौघरा इलाके में हुआ था। वह देश की आजादी में योगदान देने वाले शहीदों में थे। उन्हें भगत सिंह और राजगुरू के साथ फांसी दे दी गई थी। उन्होंने ही लाला लाजपत राय की हत्या का बदला लेने के लिए शहीद भगत सिंह और राजगुरू का सहयोग किया था। उनका घर आज भी यहां मौजूद है और पुरात्तव विभाग इसकी देख-रेख करता है।

खबरें और भी हैं...