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तस्करों ने अस्पताल से कबाड़ में खरीदी एक एंबुलेंस:तस्कर बनता था एंबुलेंस में मरीज; बाकी ड्राइवर-स्टाफ, यूपी से नशा ला पंजाब में करते थे सप्लाई, 1.33 लाख नशीली गोलियों समेत दो गिरफ्तार

लुधियानाएक महीने पहले
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मनी और अमृत ने उनका लिंक यूपी के नशीली दवाइयों के सप्लायर से करवाया। इसके बाद वो दोनों एंबुलेंस लेकर ही यूपी पहुंच गए। जबकि तीसरे ने उन्हें चंडीगढ़ रोड पर मिलना था। - Dainik Bhaskar
मनी और अमृत ने उनका लिंक यूपी के नशीली दवाइयों के सप्लायर से करवाया। इसके बाद वो दोनों एंबुलेंस लेकर ही यूपी पहुंच गए। जबकि तीसरे ने उन्हें चंडीगढ़ रोड पर मिलना था।

कोरोनाकाल में एंबुलेंस में नशीली गोलियां सप्लाई करने वाले गिरोह के दो तस्करों को एंटी नारकोटिक्स स्टाफ ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों की पहचान करमजीत सिंह उर्फ करमा और इंद्रजीत सिंह उर्फ बिट्टू के रूप में हुई है। उनके कब्जे से 1.33 लाख गोलियां बरामद हुईं। बाकी आरोपी मनी सिंह और अमृत सिंह की तलाश में रेड की जा रही है। डीसीपी सिमरतपाल सिंह ढींडसा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि पुलिस टीम को सूचना मिली थी कि नशीली गोलियों की कन्साइनमेंट आ रही है। पुलिस ने भैणी चौक चंडीगढ़ रोड पर नाकाबंदी कर उन्हें दबोच लिया।

कोरोनाकाल में पुलिस एंबुलेंस को नहीं रोकेगी, यही सोचकर बनाया था प्लान

पकड़े गए आरोपियों ने बताया कि वो दोनों ही पेशे से ड्राइवर हैं। कोरोनाकाल में नौकरी छूटी तो उनका संपर्क आरोपी मनी और अमृत सिंह से हुआ। उन्होंने नशीली गोलियों की सप्लाई की योजना बनाई। प्लानिंग के मुताबिक सप्लाई एंबुलेंस में की जाएगी। इसमें एक ड्राइवर होगा, दूसरा वार्ड ब्वाॅय और तीसरा मरीज बनेगा। जबकि चौथा कन्साइनमेंट आने के बाद उसे एंबुलेंस में लोकल सप्लाई करेगा। इसके चलते एक हफ्ता पहले उन्होंने मालेरकोटला के अस्पताल से एंबुलेंस 50 हजार में खरीदी थी। इसे अपने नाम पर नहीं करवाया।

मनी और अमृत ने उनका लिंक यूपी के नशीली दवाइयों के सप्लायर से करवाया। इसके बाद वो दोनों एंबुलेंस लेकर ही यूपी पहुंच गए। जबकि तीसरे ने उन्हें चंडीगढ़ रोड पर मिलना था। इस दौरान किसी नाके पर उन्हें नहीं रोका गया और न चेकिंग हुई। वहां से उन्होंने गोलियों के 230 डिब्बे उठाए और उसे लेकर लुधियाना आ गए। उन्हें यहां पकड़ लिया गया। आरोपियों ने बताया कि ये उनकी पहली ही कन्साइनमेंट थी, उसी में पकड़े गए।

दो आरोपी अभी फरार, एक पर 5 मामले दर्ज

दोनों आरोपी मनी और अमृत फरार हैं। उनका रिकॉर्ड पहले ही खराब है। अमृत के खिलाफ पहले 5 पर्चे दर्ज हैं, जोकि होशियारपुर, जगराओं और लुधियाना में दर्ज है। इसमें हत्या की कोशिश, नशा तस्करी, असलहा एक्ट के शामिल है। उनके पकड़े जाने के बाद कई और खुलासे होंगे।

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