दूसरी शादी के बाद भी नहीं हुआ बेटा:कपड़े देने के बहाने झुग्गी में रहने वाली महिला से छीना उसका बेटा, उत्तर प्रदेश से पुलिस ने किया बरामद

लुधियाना8 महीने पहले
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पंजाब के लुधियाना के सलेम टाबरी एरिया से 6 दिन पहले अगवा किए गए बच्चे को पुलिस ने उत्तर प्रदेश से बरामद किया है। पुलिस ने वहां से दंपती को काबू किया है, जो बच्चे को अगवा कर उत्तर प्रदेश चले गए थे। पुलिस ने दोनों के खिलाफ पहले ही आपराधिक मामला दर्ज किया हुआ था। गिरफ्तार दंपती के शादी के चार साल बाद भी बच्चा नहीं हुआ तो उन्होंने झुग्गी में रहने वाली महिला का बच्चा झपट लिया।

अगवा हुए बच्चे को उसकी मां रूपा देवी को सौंपते हुए पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर।
अगवा हुए बच्चे को उसकी मां रूपा देवी को सौंपते हुए पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर।

उतर प्रदेश से दंपती को किया गिरफ्तार

पुलिस ने गांव कांप उत्तरी टांडा जिला लखीमपुर खेरी से अवधेश कुमार और उसकी पत्नी जूही को गिरफ्तार किया है। पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर के अनुसार ससुराल में बच्चा नहीं होने पर मिलने वाले उलाहनों के डर से जूही ने पति पर दबाव बनाया था और दोनों ने मिलकर साजिश के तहत बच्चे को अगवा कर लिया।

कपड़े देने के बहाने झपटा बच्चा, अगले ही दिन गांव ले गए

अवधेश कुमार यहां हैबोवाल के चूहड़पुर एरिया में रहता था और एसी रिपेयर का काम करता था। वह पिछले दो माह से झुग्गी में रहने वाली रूपा देवी के एक माह के बेटे को अगवा करने का प्रयास कर रहा था। तय योजना के अनुसार 19 नवंबर को वह सलेम टाबरी एरिया की झुग्गी में गया था। यहां उसने रूपा से कहा कि उसके पास बच्चे के लिए कपड़े हैं और वह शाम को कपड़े लेकर आएगा। देर शाम 7 बजे वह वहां पहुंचा और रूपा देवी को कहा कि उसकी पत्नी कार में बैठी है और उसके पास ही कपड़े भी हैं। रूपा देवी बच्चे को साथ लेकर कार के पास गई तो पीछे बैठी जूही ने उसे कहा कि बच्चा बड़ा खूबसूरत है और रूपा देवी से बच्चा पकड़ लिया। इसके बाद ड्राइवर सीट पर बैठे अवधेश ने गाड़ी भगा ली। पुलिस ने रूपा देवी की शिकायत पर आपराधिक मामला दर्ज किया और जांच शुरू कर दी।

गाड़ी के नंबर से पकड़े गए दोनों

जिस आल्टो गाड़ी में बच्चे को अगवा किया गया वह अवधेश ने रिजकपाल सिंह निवासी दुगरी से लॉकडाउन के समय खरीदी थी। पुलिस ने जब जांच शुरू की तो सेफ सिटी प्रोजेक्ट के तहत लगे सीसीटीवी कैमरों से ऑल्टो कार का नंबर पता चल गया। इसके बाद पुलिस ने गाड़ी के मालिक का पता किया तो वह रिजकपाल सिंह तक पहुंचे। जिसने बताया कि उसने यह गाड़ी अवधेश को बेची थी। पुलिस ने जब हैबोवाल के चूहड़पुर रोड पर जाकर पूछताछ की तो पता चला कि अवधेश का गांव नेपाल बॉर्डर पर स्थित कांप है। पुलिस ने यहां से उसके एक जानकार को साथ लिया और उसके माध्यम से गांव में पहुंची और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

बेटे की चाहत में किया क्राइम अब जाना होगा जेल

अवधेश की जूही के साथ यह दूसरी शादी थी, पहली शादी में भी उसको बेटा नहीं हुआ था। इसके बाद उसने दूसरी शादी की, लेकिन शादी के चार साल बाद उसके बेटा नहीं हुआ। उसके मां बाप लगातार उससे बात करते हुए ताने मारते थे। इस पर उसने अपने मां-बाप को कह रखा था कि बेटा हो गया है। जब परिवार के सदस्य बेटा होने पर उसे गांव लाने के लिए दबाव डाल रहे थे तो उसने बच्चा चोरी करने की साजिश रची। वह यह भूल गया कि अपराधी अपराध करते समय कुछ न कुछ गलती जरूर करता है और यही गलती उसने भी की और खरीदी हुई कार के कारण ही फंस गया।

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