खेल मंत्री बनने के बाद परगट सिंह की पहली बैठक:खेल प्रशिक्षकों को दो टूक- कागजी काम छोड़ मैदान में पहुंचे, दफ्तरों पर पड़ा सामान खिलड़ियों को जारी करें; किसी भी समय हो सकती है चेकिंग

लुधियाना3 महीने पहले
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पंजाब के खेल मंत्री परगट सिंह। फाइल फोटो - Dainik Bhaskar
पंजाब के खेल मंत्री परगट सिंह। फाइल फोटो

पंजाब के नए खेल मंत्री परगट सिंह ने सरकारी खेल प्रशिक्षकों को दो टूक आदेश दिए हैं कि वह कागजी काम बंद कर तुरंत खेल मैदानों में पहुंचें और खिलाड़ियों को ट्रेनिंग देने का काम करें। खिलाड़ियों के लिए जारी खेल का समान और किटों का वितरण तुरंत किया जाए। यदि किसी भी खेल दफ्तर के स्टोर में खिलाड़ियों के लिए जारी सामान मिला, तो उस जिले के खेल अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

खेल मंत्री ने अधिकारियों और खेल प्रशिक्षकों को कार्यालयों से निकल खेल मैदानों में सजग माहौल बनाने के लिए कहा। उन्होंने कहा खेल प्रशिक्षकों की असल ड्यूटी ग्राउंड में है। उन्होंने कहा कि किसी समय भी किसी भी सेंटर की चेकिंग कर सकते हैं और सेंटर बंद पाए जाने की सूरत में संबंधित खेल अधिकारी के खिलाफ कार्यवाही होगी। ध्यान रहे कि खेल मंत्री ने अपना पद संभालने के बाद विभाग के अधिकारियों के साथ पहली बैठक की है।

खेल अधिकारियों से बैठक करते हुए खेल मंत्री प्रगट सिंह।
खेल अधिकारियों से बैठक करते हुए खेल मंत्री प्रगट सिंह।

परगट सिंह ने यूथ सर्विसेज डिपार्टमेंट को भी गांवों में बंद पड़े यूथ क्लबों को दोबारा खोलने को कहा। उन्होंने कहा कोच, यूथ सर्विसेज डिपार्टमेंट के अधिकारी, स्कूल शिक्षा और उच्च शिक्षा विभागों के शारीरिक शिक्षा अध्यापक और लेक्चरर आपसी तालमेल के साथ काम करें। ताकि नौजवानों को खेल मैदानों के साथ जोड़ा जा सके।

परगट खुद हॉकी ओलंपियन रह चुके हैं। उन्होंने कहा कि अक्सर देखने को मिलता है कि खिलाड़ियों को बांटा जाने वाला खेल समान और किट स्टोरों में पड़ी रहती हैं। ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। स्टोरों में कंडम हुए समान को ढंग अनुसार बाहर निकालने को कहा गया। उन्होंने सभी जिला खेल अधिकारियों से विंगों, खेल सेंटरों, कोच की तैनाती और खिलाडियों की संख्या के विवरण भी बारी-बारी लेते हुए आदेश दिए कि जिस जगह कोच अपेक्षित हो, वहां उसकी तैनाती की जाए। कोई भी सेंटर बंद नहीं होना चाहिए।

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