सिविल अस्पताल के कोरोना वॉर्ड में बड़ी लापरवाही:स्टाफ बिना पीपीई किट और ग्लव्स कर रहा काम, संक्रमित के बेड पर लेट रहे रिश्तेदार

लुधियाना8 महीने पहले
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कोरोना वॉर्ड में पॉजिटिव मरीजों के साथ बेड पर लेटे उनके रिश्तेदार। - Dainik Bhaskar
कोरोना वॉर्ड में पॉजिटिव मरीजों के साथ बेड पर लेटे उनके रिश्तेदार।

जिले में लगातार संक्रमण बढ़ रहा है। वहीं, सिविल अस्पताल के कोरोना वॉर्ड में लापरवाही भी बढ़ रही है। रविवार को अब तक के सबसे ज्यादा 620 केस सामने आ चुके हैं। वहीं, सोमवार को भी 581 का आंकड़ा रहा। इसके बावजूद वॉर्ड में लापरवाही सिर्फ स्टाफ ही नहीं, उन लोगों पर भी भारी पड़ सकती है, जो इनके संपर्क में आ रहे हैं। अस्पताल का स्टाफ बिना पीपीई किटें, गाउन, ग्लव्स के ही कोविड वॉर्ड में घूम रहे हैं। यही नहीं अस्पताल में जिन मरीजों को आईसीयू में शिफ्ट किया जा रहा है, वहां भी बिना पीपीई किट, गाउन और ग्लव्स के स्ट्रेचर के जरिए मरीजों को शिफ्ट किया जा रहा है।

यही नहीं, पॉजिटिव मरीजों के रिश्तेदार भी वॉर्ड के अंदर बिना किसी रोक अंदर-बाहर आ रहे हैं। अस्पताल में ऐसी लापरवाही होने से संक्रमण फैलने का ज्यादा खतरा है। बिना पीपीई किट, मास्क, गाउन और ग्लव्स के वॉर्ड में काम करने के बारे में स्टाफ ने बताया कि पिछले 3 दिनों से उन्हें न ही एन-95 मास्क, न ही डिस्पोजेबल गाउन मिल रहे हैं। ये स्थिति सिर्फ वॉर्डों की ही नहीं, बल्कि एमरजेंसी वॉर्ड की भी है। स्टाफ के मुताबिक सिर्फ आईसीयू वॉर्ड में ही काम करने वाले स्टाफ को पूरा सामान मिल रहा है।

एमरजेंसी गेट से कोई भी वॉर्ड में आए-जाए रोक नहीं
अस्पताल में बने कोविड वॉर्ड में एंट्री एमरजेंसी के गेट रखी गई है, लेकिन कोई एमरजेंसी से निकलकर पहली मंजिल पर भी पहुंच जाए तो रोक नहीं है। ड्यूटी पर मौजूद स्टाफ भी सवाल नहीं उठा रहा। मरीजों के रिश्तेदार बिना पीपीई किट यहां तक कि कई लोग को सिर्फ चुन्नी बांध वॉर्ड में मरीजों के पास बैठे हैं। यहां तक कि कई लोग अपने मरीज के साथ बेड पर लेटे तक हैं, फिर भी उन्हें रोका नहीं जा रहा।

सेंटर की टीम कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग, वैक्सीनेशन बढ़ाने पर जोर देने की कह चुकी बात
पिछले दिनों जिले में आई सेंटर की दो मेंबरी टीम ने जिले में कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग और वैक्सीनेशन बढ़ाने पर जोर दिया। टीम ने रिपोर्ट में कहा कि जिले में संक्रमितों के संपर्कों और ज्यादा संख्या में ढूंढना होगा। काबिलेजिक्र है कि सेहत मंत्रालय ने कम से कम 20 संपर्कों को ढूंढने के लिए कहा है। जिले में अभी औसतन 13 संपर्कों की ट्रेकिंग हो पा रही है। वहीं, टीम ने 45 साल और इससे ज्यादा उम्र के लोगों को वैक्सीनेशन बढ़ाने के लिए जोर देने की भी बात कही है।

27 मरीज वेंटिलेटर पर, 571 डिस्चार्ज: सोमवार को 581 नए संक्रमित पाए गए। इनमें से 523 मरीज लुधियाना और 58 मरीज बाहरी जिलों-राज्यों से संबंधित हैं। 7 मरीजों की मौत हुई, इनमें से 5 लुधियाना के हैं। 571 मरीजों को डिस्चार्ज किया गया। पॉजिटिव मरीजों के संपर्क के 52 मरीज, ओपीडी के 118, फ्लू कॉर्नर के 256 मरीज, 2 इंटर स्टेट ट्रेवलर्स की रिपोर्ट पॉजिटिव रही।

सरकारी स्कूल सिमिट्री रोड और सेक्रेड हार्ट स्कूल बीआरएस नगर के 1-1 अध्यापक की रिपोर्ट पॉजिटिव रही। 27 मरीज वेंटिलेटर पर हैं, इनमें से 15 लुधियाना के हैं। लुधियाना के 5 मरीजों की मौत हुई। इनमें से घुमारमंडी के पुरुष (72), आलमगीर की महिला (52), डाबा रोड का पुरुष (59), लोहारा के पुरुष (65) और खन्ना की महिला (65) की मौत हुई। इनमें से 3 डायबिटीज और दो मरीज हाइपरटेंशन से पीड़ित थे।

वॉर्ड में बिना पीपीई किट काम करता स्टाफ।
वॉर्ड में बिना पीपीई किट काम करता स्टाफ।

स्टाफ की कमी के चलते हर मरीज के लिए अलग हेल्पर नहीं करा सकते उपलब्ध : एसएमओ

अस्पताल में मास्क, पीपीई किट, ग्लब्स का पूरा स्टॉक है। अगर स्टाफ को सामान देने से मना किया जाता है तो वो मेरे पास शिकायत लेकर आ सकते हैं। हमने वॉर्ड में एंट्री बंद रखी है। सिर्फ एमरजेंसी गेट से ही जा सकते हैं। अगर अस्पताल स्टाफ मरीजों के रिश्तेदारों को वॉर्ड में जाने से रोकता है तो वो झगड़ते हैं। हमने ये हिदायत दी है कि बिना पीपीई किट पहने कोई भी वॉर्ड में दाखिल नहीं होगा। हमारे पास स्टाफ की कमी है। ऐसे में हर मरीज के लिए अलग से हेल्पर नहीं उपलब्ध करवा सकते। इसके लिए हमने वॉर्ड के लिए और स्टाफ मांगा है। अगर स्टाफ नियमों का पालन नहीं कर रहा तो मैं उनसे बात करूंगी।

-डॉ. अमरजीत कौर, एसएमओ

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