मांगें नहीं मानी:हड़ताल 2 माह से जारी, लगातार टल रहे ऑपरेशन कई गर्भवतियों को लौटाया, फिर भी हल नहीं

लुधियाना16 दिन पहले
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  • यही नहीं कई मरीज प्राइवेट में जाकर इलाज करवाने के लिए मजबूर हो रहे

सेहत मुलाजिमों की हड़ताल को चलते हुए लगभग 2 महीने हो चुके हैं, लेकिन अब तक भी न ही कर्मियों की मांगें मानी जा रही हैं। न ही आम लोगों को सेहत सुविधाएं मिल पा रही हैं। हालांकि शुक्रवार को सीएम चरणजीत सिंह चन्नी के साथ नेशनल हेल्थ मिशन के मुलाजिमों की पैनल मीटिंग आयोजित होगी, लेकिन इस मीटिंग में उनकी मांगें कितनी हल होंगी, कितनी नहीं, इस बारे में आज जानकारी होगी, लेकिन सरकार की देरी के कारण पिछले दो महीनों से आम लोगों को इलाज के लिए यहां-वहां भटकना पड़ रहा है।

यही नहीं कई मरीज प्राइवेट में जाकर इलाज करवाने के लिए मजबूर हो रहे हैं। एनएचएम के मुलाजिम 16 नवंबर और स्टाफ नर्सें 16 दिसंबर से हड़ताल पर हैं। साथ ही मेडिकल लैब टेक्नीशियन ने भी 24 दिसंबर से एमरजेंसी समेत सभी काम ठप किए हैं। इस कारण प्राइमरी हेल्थ सेंटरों से लेकर सिविल अस्पताल तक में मरीजों के इलाज, टेस्ट, ऑपरेशन नहीं हो पा रहे हैं। एनआरएचएम यूनियन के राज्य प्रधान डॉ. इंद्रजीत सिंह राणा ने कहा कि कोविड-19 महामारी में काम करने वाले सेहत मुलाजिमों को एक तरफ तो सम्मानित करने की घोषणाएं होती हैं, लेकिन दूसरी तरफ हमें पक्का नहीं किया जा रहा। इस कारण पिछले लगभग दो महीनों से हम हड़ताल पर चल रहे हैं। कई रैलियां भी हो चुकी हैं, लेकिन अब तक भी हल नहीं निकला है। आज सीएम के साथ पैनल मीटिंग होगी। इसके बाद अगला एक्शन लिए जाएंगे।

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