खिलाड़ियों से खिलवाड़:सिंथेटिक एथलेटिक ट्रैक फूला, ट्रिपल जंप की प्रैक्टिस को संगरूर-पटियाला जा रहे खिलाड़ी

लुधियानाएक महीने पहले
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ट्रैक खराब होने से खिलाड़ियों को प्रैक्टिस करने में दिक्कत आ रही है - Dainik Bhaskar
ट्रैक खराब होने से खिलाड़ियों को प्रैक्टिस करने में दिक्कत आ रही है

गुरु नानक स्टेडियम के सिंथेटिक एथलेटिक ट्रैक की हालत बहुत ही खस्ता है और वह कई जगहों से फूल भी चुका है। ट्रैक में बुलबुले भी बन चुके हैं। जिससे खिलाड़ियों को प्रैक्टिस में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ट्रिपल जंप के खिलाड़ियों को प्रैक्टिस के लिए लुधियाना छोड़ अन्य जिले संगरूर व पटियाला में जाना पड़ रहा है। स्टेडियम में 100 से अधिक खिलाड़ी अलग-अलग गेम्स की प्रैक्टिस के लिए आते हैं। सिर्फ ट्रिपल जंप ही नहीं अन्य एथलेटिक्स गेम से संबंधित खिलाड़ियों को प्रैक्टिस में परेशानी आ रही है। बता दें कि एथलेटिक ट्रैक साइडों पर कुछ कुछ ठीक है जहां खिलाड़ी मुश्किल से प्रैक्टिस कर पा रहे हैं।

ट्रिपल जंप में रनिंग लेन पूरी तरह से फूल चुकी है जिस कारण वह अन्य जिलों में प्रैक्टिस के लिए जा रहे हैं। कोच संजीव शर्मा ने बताया कि प्रैक्टिस करने में खिलाड़ियों को परेशानी आ रही है। खिलाड़ी भी इससे परेशान है और ठीक से प्रैक्टिस भी नहीं कर पा रहे हैं। स्मार्ट सिटी के अधिकारियों से कई बार मीटिंग हो चुकी है परंतु असफलता ही हाथ लग रही है।

जानकारी के मुताबिक लुधियाना के गुरु नानक स्टेडियम में बने सिंथेटिक एथलेटिक ट्रैक को 20 साल पहले लगाया गया था। इसकी मियाद 10 साल की थी। परंतु 10 साल अधिक हो जाने के बावजूद भी इसे नहीं बदला गया। इसे स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट अधीन बदला जाना था। जिसके लिए टेंडर भी लगाया जा चुका है। परंतु फिर भी इसका काम शुरु नहीं हुआ। इस ट्रैक संबंधी हर बार इस पर ऑब्जेक्शन लगाए जा रहे हैं। जिसे कई बार क्लियर करने का प्रयास स्पोर्ट्स डिपार्टमेंट की ओर से किया गया। परंतु स्मार्ट सिटी के अधिकारियों ने ऑब्जेक्शन में ही इस प्रोजेक्ट को उलझा कर रखा हुआ है।

टेंडर न लगा तो घटाई जा सकती हैं शर्ते

गुरु नानक स्टेडियम के एथलेटिक सिंथेटिक ट्रैक पर करीब 9.10 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। जिसमें सिंथेटिक ट्रैक के साथ-साथ ड्रेनेज सिस्टम को भी सुधारा जाएगा। अगर ट्रैक का इस बार टेंडर लग जाता है तो काम नवंबर में ही शुरू होने की उम्मीद है अन्यता इसमें दी गई शर्तों में से कुछ को कम किया जा सकता है। जालंधर में भी एथलेटिक ट्रैक को नए सिरे से बनाने का काम किया जाना था। जोकि शुरू भी हो चुका है। परंतु लुधियाना में बनने वाला एथलेटिक ट्रैक का काम अभी तक शुरू नहीं हुआ है। जालंधर में अगर ट्रैक बनकर तैयार हो जाता है तो खिलाड़ी संगरूर व पटियाला जाने की बजाए जालंधर प्रैक्टिस के लिए जाने पर मजबूर होंगे। क्योंकि जालंधर इन दोनों जिलों से नजदीक पड़ता है।

^इस बार दोबारा से एथलेटिक ट्रैक का टेंडर डाला गया है। हर बार कोई न कोई ऑब्जेक्शन के कारण काम सिरे नहीं लग रहा है। अगर इस बार कोई दिक्कत आती है तो शर्तों में कुछ कटौती कर टेंडर लगाया जाएगा। ताकि काम जल्द शुरू हो सके। -रमन कौशल, एक्सईएन, स्मार्ट सिटी

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