कोरोना काल में चुनावी ड्यूटी से फंसे अध्यापक:11000 से ज्यादा शिक्षक, 5000 की ड्यूटी लगी; बोले- फाइनल परीक्षाएं सिर पर, ऑनलाइन पढ़ा नहीं पा रहे

लुधियाना10 दिन पहले
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कोरोना के कारण ऑनलाइन कलास लगवाते हुए अध्यापक रजिंदर सिंह। - Dainik Bhaskar
कोरोना के कारण ऑनलाइन कलास लगवाते हुए अध्यापक रजिंदर सिंह।

कोरोना काल में विधानसभा चुनाव ड्यूटी ने बच्चों की पढ़ाई पर असर डालना शुरू कर दिया है। कोरोना के कारण शारीरिक कक्षाएं लग नहीं रही हैं और चुनावी ड्यूटी के कारण टीचर ऑनलाइन कलास लगा नहीं पा रहे हैं, जिससे बच्चों और अध्यापकों को परेशानी हो रही है। जिला प्रशासन ने ज्यादातर अध्यापकों की ड्यूटी चुनाव में लगा दी है। कई को बूथ लेवल अधिकारी के तौर पर नियुक्त किया गया है तो कई घर-घर जाकर वोटर सूचियों को ठीक करने का काम कर रहे हैं। फाइनल परीक्षाएं नजदीक होने के कारण यही समय होता है कि बच्चों को अध्यापकों की सबसे ज्यादा जरूरत रहती है।

11 हजार से ज्यादा स्कूल स्टाफ, 5000 की ड्यूटी लगी

जिले के सरकारी स्कूलों में करीब 11,200 टीचिंग और नॉन टीचिंग स्टाफ है। इसमें से 5,000 से ज्यादा पंजाब में 14 फरवरी को होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए ड्यूटी पर तैनात हैं। शिक्षा विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, ज्यादातर पुरुष कर्मचारियों को चुनाव ड्यूटी पर लगाया गया है। उन्हें डोर-टू-डोर सर्वेक्षण के माध्यम से नए मतदाताओं का पंजीकरण करने और मतदाता सूची तैयार करने का काम दिया गया है। कई शिक्षकों को पर्यवेक्षक और बूथ स्तर के अधिकारी (बीएलओ) के रूप में नियुक्त किया गया है। बीएलओ नियुक्त किए गए एक अध्यापक के अनुसार, वह दिन भर मतदाता पंजीकरण में व्यस्त रहता है, इसलिए ऑनलाइन कक्षाएं लेने के लिए मुश्किल से ही समय निकाल पाता है। छात्रों को इस समय हमारी अधिक आवश्यकता है, क्योंकि उनकी अंतिम परीक्षा केवल डेढ़ महीने दूर है, लेकिन शिक्षकों के लिए दोनों को जोड़ना शारीरिक और मानसिक रूप से कठिन हो जाता है। वह अपने स्टूडेंट को बेहद कम समय दे पा रहे हैं।

शारीरिक कक्षाएं नहीं, पहले दूसरे अध्यापक करते थे सहायता

सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल के एक प्रिंसिपल के अनुसार, इस बार शारीरिक कक्षाएं नहीं लग पाने के कारण समस्या बढ़ गई है। पहले जब शारीरिक कक्षाएं लगती थीं तो हमें आसानी से दूसरा अध्यापक मिल जाता था। जिस अध्यापक की ड्यूटी नहीं लगी होती थी, वह दूसरी कक्षा के अध्यापक की सहायता कर देता था। मगर अब जब ऑनलाइन कक्षाएं चल रही हैं तो वह ऐसा भी नहीं कर पा रहे हैं। शिक्षा विभाग के अधिकारी के अनुसार, हमने तो ज्यादातर कंप्यूटर शिक्षकों को चुनाव ड्यूटी पर लगाया है। शिक्षक दोनों कार्यों को करने के लिए हर तरह से प्रयास कर रहे हैं।

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