फंदे से लटकता मिला किशोरी का शव:दुष्कर्म करके हत्या का आरोप; पुलिस और मृतका के परिजनों में मारपीट-धक्कामुक्की, चले ईंट पत्थर

लुधियाना2 महीने पहले

पंजाब के शहर लुधियाना में दशहरा मैदान के नजदीक कुंदनपुरी में एक किशोरी का शव संदिग्ध परिस्थियों में फंदा से लटकता मिला। किशोरी मोहल्ले में ही एक घर में साफ-सफाई का काम करती थी। सोमवार देर शाम तक वह घर वापस नहीं आई तो परिजन तलाश करने निकले। इस बीच उनके पास मकान मालिक का फोन आया। उसने किशोरी के परिवार वालों को अपने घर बुलाया।

जैसे ही परिजन घर पहुंचे तो मकान मालिक ने बताया कि उनकी बेटी ने फंदा लगा लिया है। जब उन्होंने देखा कि किशोरी फंदे से लटक रही है तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। परिजनों का आरोप है कि किशोरी से दुष्कर्म करके उसे मारकर फंदे से लटकाया गया है। परिजनों ने तुरंत पुलिस को घटना की जानकारी दी। मृतक किशोरी की पहचान काजल (15) के रूप में हुई है।

मृतक काजल का शव।
मृतक काजल का शव।

जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। जॉइंट सीपी नरिंदर भार्गव, एसीपी. हरिश बहल, एसीपी मनिंदर बेदी और कई थानों की पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को फंदे से उतारकर कब्जे में लिया और जांच पड़ताल के बाद पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल भेज दिया। महिलाओं और पुरुषों को घर के अंदर जाने से पुलिस रोकती रही, लेकिन गुस्साई महिलाओं ने जोरदार विरोध किया। वे पुलिस कर्मियों से भिड़ गईं। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस दबाव में काम कर रही है। लोगों ने घर में घुसने की कोशिश की लेकिन पुलिस ने लोगों को बाहर ही रोक दिया।

पंजाब पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते लोग।
पंजाब पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते लोग।

पहले भी किशोरी से हो चुकी थी छेड़छाड़

मृतक काजल की मां सुमन ने पत्रकारों को बताया कि बेटी उक्त घर में पिछले दो साल से काम कर रही थी। घर के मालिक की पत्नी पैरालाइज्ड है और कुछ समय से अस्पताल में भर्ती है। 4 या 5 दिन पहले घर के मालिक ने उसकी बेटी को रात को काम पर रखने की बात कहीं थी, लेकिन उन्होंने बेटी को रात के समय काम करने के लिए मना कर दिया और काम छोड़ने को कहा। जब अगली सुबह उसकी बेटी घर आई तो उसने बताया था कि मकान मालिक ने उसके साथ छेड़छाड़ की थी। परिजनों ने मकान मालिक को फोन करके बेटी के काम पर न आने की बात कह दी थी। मगर उसने मिन्नत करके बेटी को दोबारा बुलाया था कि उसकी पत्नी बीमार है। मकान मालिक ने कहा कि जब उसकी पत्नी अस्पताल से घर आ जाएगी तो बेशक वह काम छोड़ दे।

महिलाओं और लोगों को खदेड़ते पुरुष पुलिस कर्मचारी।
महिलाओं और लोगों को खदेड़ते पुरुष पुलिस कर्मचारी।

किशोरी के मुंह में ठूंसा था खून से सना कपड़ा

परिजनों के मुताबिक, काजल का शव फंदे से लटक रहा था। उसके मुंह में एक कपड़ा ठूंसा हुआ था, जो खून से सना था। काजल के पिता मटरी रिक्शा चालक है। पूरा परिवार मूल रूप से उत्तर प्रदेश के उन्नाव का रहने वाला है। मां सुमन का कहना है कि काजल सुबह काम पर जाने के लिए निकली और दोपहर में घर का सामान देकर वापस अपने काम पर चली गई थी। उस समय तक सब कुछ सही था। शाम को बेटी का शव फंदे पर मिला। परिवार का आरोप है कि उसकी बेटी ने आत्महत्या नहीं की, बल्कि उसकी हत्या की गई है। उसके बाद उसे आत्महत्या का रूप दिया जा रहा है। परिवार वालों का आरोप है कि मालिकों के साथ मिलकर पुलिस भी उन्हें गुमराह कर रही है। जब परिवार वालों ने अंदर जाने की कोशिश की तो उन्हें धक्का दिया गया।

मृतका काजल के शव को एम्बुलेंस में रखवाते पुलिस कर्मचारी।
मृतका काजल के शव को एम्बुलेंस में रखवाते पुलिस कर्मचारी।

पुलिस ने बरसाई लाठियां, दौड़ा कर पीटे प्रदर्शनकारी

जांच के दौरान माहौल इतना तनावपूर्ण हो गया कि पुलिस ने लोगों पर लाठियां बरसाईं। वहीं लोगों ने भी पुलिस को घेर लिया। पुलिस पर लोगों ने भी ईंट पत्थर चलाए। इलाके में दहशत का माहौल बन गया था। वहीं पूरे इलाके को पुलिस ने घेरकर छावनी में बदल दिया। लोगों ने उस घर पर खूब पत्थर बरसाए, जिस घर में किशोरी का शव मिला था। लोगों की जिद थी कि जब तक आरोपी को पुलिस सामने नहीं लाती, वह फंदे से शव उतारने नहीं देंगे। घटना स्थल पर जब हालात बिगड़ते दिखे तो पुलिस ने लोगों पर जमकर लाठियां बरसाईं।

लोगों को मकान में जाने से रोकती पुलिस।
लोगों को मकान में जाने से रोकती पुलिस।

महिलाओं को रोकने के लिए लुधियाना पुलिस ने सिर्फ एक पुलिस सब इंस्पेक्टर को लगाया था। झड़प में पुरुष पुलिस कर्मचारियों ने महिलाओं पर खूब लाठियां बरसाईं। वहीं कई पुलिस कर्मचारियों ने अपने सीनियर अफसरों के सामने ही महिलाओं के लातें तक मारीं। यह देख पुलिस के सीनियर अधिकारी भी महिला पुलिस बल को बुलाने की बजाय तमाशा देखते रहे।

विरोध के बीच पुलिस ने शव को अस्पताल भिजवाया

हालात खराब होते देखकर पुलिस ने जहां लोगों पर लाठियां बरसाईं, वहीं इलाके को सील करके शव को एम्बुलेंस में रखवाया। एम्बुलेंस का किशोरी के परिजनों ने पीछा किया और उन्होंने एम्बुलेंस से शव उतारने की भी कोशिश की, लेकिन एम्बुलेंस को पुलिस ने सुरक्षा पूर्वक निकलवा दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों को खदेड़ने के लिए उन पर लाठियां बरसाईं।

पुलिस पर हमला करने वाले को पकड़ती पुलिस।
पुलिस पर हमला करने वाले को पकड़ती पुलिस।

लोगों ने पुलिस कर्मचारियों को घेरा

गुस्साए लोगों की भीड़ ने एम्बुलेंस जाने के बाद एक एएसआई को घेर लिया। लोगों की भीड़ से अपना बचाव करते हुए एएसआई भागा, लेकिन लोग हाथों में पत्थर लेकर उसके पीछे भागने लगे। एएसआई से मारपीट होने ही वाली थी कि पुलिस के बाकी कर्मचारी वहां पहुंच गए, जिन्होंने बैकअप देते हुए एएसआई को बचा लिया, वरना लोग इतने भड़के हुए थे कि वे कुछ भी कर सकते थे।

महिलाओं ने लगाए पुरुष पुलिस कर्मचारियों पर गंभीर आरोप

प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने पुरुष पुलिस कर्मचारियों पर आरोप लगाया कि उन्होंने महिलाओं के साथ मारपीट की है। पुरुष महिलाओं को टांगें मारते रहे। वहीं सिर्फ 1 महिला अधिकारी मौजूद थी। जो मौके पर सीनियर अधिकारी आए थे, उनके सामने ही पुरुष कर्मचारी महिलाओं को धक्के देते रहे और लाठियां बरसाते रहे। देर रात हालात काबू करने के बाद पुलिस ने मकान मालिक को हिरासत में लिया।

घटना स्थल पर हुई पत्थबाजी के सवाल पर गुस्से में आए JCP नरिंदर भार्गव।
घटना स्थल पर हुई पत्थबाजी के सवाल पर गुस्से में आए JCP नरिंदर भार्गव।

शहर में संभल नहीं रही कानून व्यवस्था, जेसीपी उलझे पत्रकारों से

घटना की जानकारी लेने के लिए जब जेसीपी नरिंदर भार्गव से बात की तो वह गुस्से में आ गए और पत्रकारों से उलझ पड़े। पुलिस अधिकारियों का इस तरह से बौखला जाना कहीं न कहीं शहर में पुलिस की चरमराई व्यवस्था को दर्शाता है। 4 दिन पहले सिविल अस्पताल की इमरजेंसी में सरेआम पुलिस के सामने हथियारबंद बदमाश एक युवक का कत्ल करके चला गया था। इससे एक दिन पहले गैंगस्टर शहर में सरेआम गोलियां चला रहे थे। वहीं यदि पत्रकार पुलिस के सीनियर अधिकारियों से सवाल करते है तो यही अधिकारी पत्रकारों से भी बदतमीजी से पेश आते हैं।

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