पंजाब के मालवा में टिफिन बम की डिलीवरी:किसान आंदोलन की आड़ में हो सकता है आतंकी हमला; लुधियाना में सर्च अभियान जारी, DGP की अपील- संदिग्ध चीजों से दूर रहें

लुधियाना5 महीने पहले
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लुधियाना में गश्त पर निकले पुलिस अधिकारी और जवान। - Dainik Bhaskar
लुधियाना में गश्त पर निकले पुलिस अधिकारी और जवान।

पूर्व जत्थेदार के बेटे गुरमुख सिंह रोडे द्वारा किए गए खुलासे कि उसने अब तक तीन टिफिन बम डिलीवर किए हैं और उनमें से एक मोगा में डिलीवर हुआ है, ने पुलिस की नींद उड़ा दी है। इनपुट यह भी है कि किसान संघर्ष की आड़ में कभी भी आतंकी हमला हो सकता है। इसलिए पूरे मालवा में हाईअलर्ट जारी किया गया है। मालवा के बड़े शहरों लुधियाना, पटियाला और बठिंडा में रात दिन की गश्त बढ़ाने के आदेश दिए गए हैं। इसकी जिम्मेदारी एरिया के एसीपी और एडीसीपी को दी गई है। यही नहीं अब कार्यालय के स्टाफ को भी फील्ड में उतारने की तैयारी की जा रही है, ताकि गश्त और नाकाबंदी प्रभावी ढंग से हो सके। थानों में दर्ज 10 नंबरी और बदमाशों की लिस्ट अपडेट की जा रही है। उन सभी लोगों पर काउंटर इंटेलिजेंस की विशेष नजर है, जो किसी न किसी ढंग से खालिस्तानियों के संपर्क में रहे हैं या उन जेलों में से बाहर आए हैं, जहां बड़े गैंगस्टर या फिर खालिस्तानी बंद थे। यह कार्रवाई जालंधर में डीजीपी दिनकर गुप्ता की पुलिस अफसरों के साथ हुई बैठक के बाद और तेज कर दी गई है।

रात में गश्त करती लुधियाना पुलिस के अधिकारियों और जवानों की टीम।
रात में गश्त करती लुधियाना पुलिस के अधिकारियों और जवानों की टीम।

लुधियाना में मॉक ड्रिल और सर्च अभियान
लुधियाना प्रदेश का सबसे बड़ा व्यापारिक शहर और राजनीतिज्ञों का गढ़ है। यहां पर ही खालिस्तानियों द्वारा श्रृंगार सिनेमा ब्लास्ट, अनवर मसीह और आरएसएस नेता रविंदर गोसाईं की हत्या कराई गई थीं। शहर में बाहरी लोगों की आमद भी ज्यादा है, इसलिए यहां पर सुरक्षा के लिहाज से चूक होना बड़ी बात नहीं है। लेकिन सतर्कता और ज्यादा रखनी जरूरी है। इसको लेकर पुलिस द्वारा यहां विशेष मॉक ड्रिल व सर्च अभियान चलाए जा रहे हैं। एसीपी और एडीसीपी को जिम्मेदारी दी गई है कि वह अपने एरिया में सर्च अभियान, रात दिन की गश्त कराएं।

किसानी संघर्ष की आड़ में भी हो सकता है आतंकी हमला

सीआईडी इनपुट है कि दिल्ली में चल रहे किसानी आंदोलन की आड़ में खालिस्तानी किसी बड़ी वारदात को अंजाम दे सकते हैं। इसलिए किसानों के इक्ट्‌ठा होने पर ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है। क्योंकि कोई भी वारदात हुई तो सांप्रदायिक दंगे भड़क सकते हैं। इस कारण त्योहारों के सीजन और किसान संघर्ष पर पुलिस की पैनी नजर है।

मोगा मालवा के बीचों-बीच, यह भी बड़ी दिक्कत

पुलिस के लिए परेशानी वाली सबसे बड़ी बात यह है कि मोगा मालवा के बीचों-बीच पड़ता है। आतंकवाद के काले दौर में सबसे ज्यादा खालिस्तानी यहीं से निकले और बड़ी वारदातें इसी एरिया में ज्यादा हुई। संत जरनैल सिंह भिंडरांवाला का गांव रोडे भी इसी क्षेत्र में पड़ता है। यही कारण है कि मोगा प्रशासन के लिए बड़ी सिरदर्दी है। यहां से टिफिन बम आसानी से बठिंडा, पटियाला, लुधियाना या अन्य शहरों की तरफ आसानी से मूव हो सकता है।

गश्त के दौरान जवानों को निर्देश देते पुलिस अफसर।
गश्त के दौरान जवानों को निर्देश देते पुलिस अफसर।

डेरा प्रेमियों के प्रभाव वाले क्षेत्रों में ज्यादा सतर्कता
मालवा शुरू से ही डेरा सच्चा सौदा प्रेमियों का गढ़ रहा है। डेरा प्रमुख संत गुरमीत राम रहीम के जेल में होने के बावजूद यहां पर अनुयायियों की गतिविधियां लगातार जारी हैं। श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी की घटनाएं भी मालवा क्षेत्र में ही सबसे ज्यादा हुई हैं। कोटकपूरा गोलीकांड और बेअदबी जैसी बड़ी घटनाओं की जांच फरीदकोट में चल रही है। डेरा सच्चा सौदा की प्रमुख कमेटी के सदस्य महिंदरपाल बिट्टू की हत्या भी यहीं पर हुई। इसलिए प्रमुख डेरा प्रेमियों के घरों में प्रशासन ने अपने खर्च पर सीसीटीवी कैमरे तक लगवा दिए हैं।

पूरे पंजाब में अलर्ट, लावारिस चीज दिखने पर जानकारी दें
डीजीपी दिनकर गुप्ता लगातार कह रहे हैं कि टिफिन बम डिलीवर होने से आतंकी हमले का खतरा बढ़ा है। यही कारण है कि पूरे प्रदेश में अलर्ट किया गया है। अगर कहीं भी किसी तरह की लावारिस चीज पड़ी दिखती है तो इसकी जानकारी तुरंत पुलिस कों दें।

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