लुधियाना में टेस्टिंग बढ़ते ही मिले दोगुने केस:14 दिन बाद सैंपलिंग बढ़ने से 2007 केस मिले, 9 की मौत; अब होगा कोरोना का सही आंकलन

लुधियाना11 दिन पहले
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लुधियाना में कोरोना से बचाव के लिए मुंह पर मास्क पहन चुनाव ड्यूटी करते हुए अर्ध सैनिक बल। - Dainik Bhaskar
लुधियाना में कोरोना से बचाव के लिए मुंह पर मास्क पहन चुनाव ड्यूटी करते हुए अर्ध सैनिक बल।

कोरोना की तीसरी लहर की शुरुआत के 14 दिन बाद पहली बार 2007 कोरोना पॉजिटिव मरीज मिले हैं। सेहत विभाग की ओर से अब टेस्टिंग बढ़ाई गई है, जिस कारण कोरोना के मरीजों की संख्या बढ़ी है। पॉजिटिव मरीजों में 1808 अकेले लुधियाना शहर से हैं। इससे ज्यादा परेशानी की बात यह है कि कोरोना से 9 लोगों की मौत भी हुई है। चिंता यह भी है कि इनमें से एक ने ही कोरोना की दोनों डोज लगवाई थीं। मरने वालों में ज्यादातर प्राइवेट अस्पतालों में दाखिल थे।

14 दिन बाद इतनी मौतें, जांच में जुटे स्वास्थ्य माहिर

पिछले कोरोना वैरिएंट में यह देखा गया था कि 14 दिन बाद बहुत सारे लोग पॉजिटिव से नेगेटिव हो रहे थे। मगर अब 14 दिन बाद 9 लोगों की मौत हुई है तो यह काफी चिंता का विषय है। दयानंद मेडिकल कॉलेज अस्पताल और क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज अस्पताल के विशेषज्ञों की टीम इसकी जांच में जुट गई है कि तीसरी लहर के शुरू होने के 14 दिन बाद एक साथ इतनी मौतों की वजह क्या है। यह तो पहले ही साफ हो गया था कि इस बार कोरोना वायरस फेफड़ों पर कम इफेक्ट कर रहा है और सांस नली पर ज्यादा असर हो रहा है।

फिलहाल रैलियां की इजाजत नहीं मिलती दिख रही

चुनाव सिर पर हैं और एक दिन में 2007 लोगों का कोरोना पॉजिटिव पाया जाना चिंता का विष्य है। 14 फरवरी को चुनाव होने जा रहे हैं। मगर इसके लिए फिजिकल रैलियों की इजाजत 15 जनवरी से मिलने की संभावना थी। लेकिन अब एक साथ 2007 लोगों के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने से साफ हो गया है कि अभी रैलियों की इजाजत मिलती दिख नहीं रही है। तीसरी लहर के इन 14 दिन में अभी एक या दो मौतें रोजाना हो रही थीं, मगर एक साथ इतनी मौत होने से भी साफ है कि अभी इसकी इजाजत नहीं मिलने वाली है। जिस कारण हो सकता है कि इस बार चुनाव भी टाल दिए जाएं।

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