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पंजाब में पहली बार बीएसएफ के पहरे:1992 की तारबंदी के बाद पंजाब सीमा पर केंद्र का फैसला, अफगानिस्तान में तालिबान काबिज होने के बाद वेस्टर्न बाॅर्डर पर बढ़ी आईएसआई की सक्रियता

लुधियाना2 महीने पहलेलेखक: नरिंदर शर्मा
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ड्रोन की बढ़ी घुसपैठ से 56 साल में पहली बार अमृतसर-फिरोजपुर तक बीएसएफ के पहरे में। - Dainik Bhaskar
ड्रोन की बढ़ी घुसपैठ से 56 साल में पहली बार अमृतसर-फिरोजपुर तक बीएसएफ के पहरे में।

पंजाब में आतंकवाद के दौरे के बाद पहली बार पाक सीमा से सटे 553 किलोमीटर बाॅर्डर पर आईएसआई की पिछले डेढ़ साल से बढ़ी एक्टिविटी को देख केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 56 साल बाद बीएसएफ का दायरा 15 किलोमीटर से बढ़ाकर 50 किलोमीटर कर दिया है।

1992 की पाक सीमा पर तारबंदी के बाद केंद्र की पंजाब बाॅर्डर पर यह दूसरी बड़ी कार्रवाई है। इससे पाक सीमा से सटे पंजाब बाॅर्डर के 50 किलोमीटर दायरे में आने वाले 18 नगरों व शहर, उनसे जुड़े गांव सीधे बीएसएफ के दायरे में होंगे। पहले ही कश्मीर में 370 हटाए जाने के बाद घाटी में विस्फोटक व हथियार पहुंचाने के लिए पाक से सटी पंजाब सीमा को ट्रांजिट रूट की तरह इस्तेमाल करना शुरू कर दिया था, जिसकी इंटेलिजेंस जानकारी केंद्रीय गृह मंत्रालय को देती रही है।

मगर अफगानिस्तान में तालिबान काबिज होने के बाद आईएसआई की भारत से जुड़े वेस्टर्न बाॅर्डर पर एक्टिविटी बढ़ गई। पिछले 8 महीने में आईएसआई पाक सीमा से सटे पंजाब में 18 टिफिन बम, आईईडी(इंप्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) हैंड ग्रेनेड, आरडीएक्स ड्रोन के जरिए उतार चुकी है। कई ड्रोन भी पकड़े जा चुके हैं। दो ब्लास्ट हो चुके हैं। दिल्ली स्पेशल ब्रांच के पकड़े टिफिन बम भी इसी खेप का हिस्सा थे।

पंजाब के 6 जिले और 12 कस्बे आए फोर्स के दायरे में

  • फिरोजपुर, ममदोट, गुरुहरसहाय, जीरा और मक्खू : (ममदोट सेक्टर से टिफिन बम की खेप ड्रोन के जरिए आई, 13 बार ड्रोन आया )
  • अमृतसर, तरनतारन : (यहां ड्रोन के जरिए टिफिन बम, एकेे 47, ग्रेनेड, सैटेलाइट फोन, डेटोनेटर की कई खेप आई)
  • फाजिल्का, अबोहर, जलालाबाद :(जलालाबाद में हुआ बाइक ब्लास्ट का टिफिन बम जलालाबाद व फाजिल्का के खेतों से मिला)
  • अजनाला : (यहां तेल टैंकर में जो टिफिन बम ब्लास्ट किया, उसके दो आरोपी यहीं के रहने वाले थे)
  • पठानकोट, दीनानगर : (दीनानगर थाने, पठानकोट एयरबेस पर दो अटैक हो चुके हैं, रावी दरिया व सीमा पास होने से यह संवेदनशील है)
  • गुरदासपुर, बटाला : पिछले साल जम्मू के माधोपुर बैरियर क्रॉस कर जो सेब के ट्रकों से 5 एक े56 राइफल मिली वह इसी बाॅर्डर के जरिए आई थी, जो वैली जानी थी।

बाॅर्डर से सटे जिलों के गांव में बढ़ी तस्करों की एक्टिविटी

  • राजासांसी, हरीकेपत्तन, फरीदकोट का कुछ हिस्सा व इन इलाकों से जुड़े कुछ गांंव में तस्करों की एक्टिविटी बढ़ी है।
  • बीएसएफ सीधे अब यहां रेड कर कार्रवाई कर पाएगी, जबकि पहले पुलिस का इंतजार करना पड़ता था। मूल रूप से बीएसएफ की तैनाती बाॅर्डर पर ही रहेगी, मगर बाॅर्डर से जुड़ी एक्टिविटी पर 50 किलोमीटर के दायरे में कार्रवाई का अधिकार होगा।

30 बार पाकिस्तान से पंजाब में दाखिल होता है दरिया
पाक से सटी फिरोजपुर,अमृतसर व गुरदासपुर सीमा सबसे संवेदनशील है, क्योंकि यहां पर सतलुज व रावी दरिया कई बार पाक व भारत की सीमा में प्रवेश करता है। अकेले फिरोजपुर व फाजिल्का में ही पाक सीमा पर 30 प्वाइंट ऐसे हैं यहां पर सतलुज कभी पाक में तो कभी पंजाब में दाखिल होती है। यहां पर पाक तस्कर हेरोइन व विस्फोटक ट्रक की ट्यूब में डालकर या कश्तियों में रखकर पानी के जरिए भेजते हैं। ऐसे में यहां बाॅर्डर के गांव में तस्करों की सक्रियता ज्यादा है।

एनआईए जांच में नार्को टेरर फंडिंग का खुलासा
12 से ज्यादा केस एनआईए पंजाब सीमा से जुड़े नशा व विस्फोटक तस्करी के अपने हाथ में लेकर जांच कर चुकी है। इसमें नार्को टेरर फंडिंग नेटवर्क का खुलासा हो चुका है। अगस्त 2019 में 370 हटने के बाद वैली में अमृतसर से होेने वाली ट्रेड के जरिए नया रास्ता चुना। 532 किलो हेरोइन जम्मू के व्यापारी द्वारा मंगवाने से इसका पता चला। जांच हुई तो खुलासा हुआ कि इसका पैसा वैली में जैश-ए-माेहम्मद को जाना था।

सीधे रेड कर पाएंगे, तस्करों पर शिकंजा

  • बीएसएफ को 15 किलोमीटर दायरे के बाद पुलिस को सूचित करने या साथ लेने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। 50 किलोमीटर तक के क्षेत्र में सीधे रेड कर पाएंगे। दूसरा सीमा पर स्थित गांव में सक्रिय तस्करों पर बीएसएफ का कंट्रोल बढ़ेगा, जिससे सीमा पर उनकी एक्टिविटी को रोका जा सकेगा। - जगीर सिंह सारन, रिटायर्ड डीआईजी, बीएसएफ
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