विभाग नहीं बढ़ा पाया खाद्य पदार्थों की सैंपलिंग:त्योहारी सीजन शुरू होने के बाद भी फूड सेफ्टी विभाग नहीं हुआ सक्रिय

लुधियाना17 दिन पहले
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त्योहारों के सीजन की शुरुआत हो चुकी है। इस समय दूध, मिठाइयों और अन्य खाने-पीने के सामान की मांग बढ़ जाती है। ऐसे में मिलावट भी बढ़ने की संभावना हो जाती है। लेकिन फूड विभाग अभी तक सैंपलिंग की संख्या बढ़ाने के लिए निर्णय नहीं ले पाया है। सितंबर में जिले में 64 ही सैंपल्स लिए गए। जिनकी रिपोर्ट आना बाकी है।

पिछले सालों के रिकॉर्ड के अनुसार 2018 में जुलाई से दिसंबर तक लिए गए 584 सैंपल्स में से 158 फेल मिले थे। जबकि 2019 में सितंबर तक के सैंपल्स में 148 फेल पाए गए थे। दूध व इसके उत्पादों की जांच के लिए जिला सेहत अफसर के नेतृत्व में सैंपलिंग भी की जाती है। लेकिन सैंपल्स को स्टेट फूड ड्रग्स व एक्साइज लैब खरड़ भेजा जाता है। जहां से सैंपल की रिपोर्ट मिलने में 3 हफ्तों का समय लग जाता है। एक बार सैंपल फेल होने पर 15 दिन में दोबारा जांच के लिए समय दिया जाता है। जिन्हें दिल्ली स्थित लैब में जांच के लिए भेजा जाता है। अगर मानक के अनुसार सैंपल नहीं होता तो जुर्माने का प्रावधान है।

जिले में लगाए गए 6 फूड सेफ्टी अफसर

जिले में पहले महज 3 अधिकारी फूड सेफ्टी में काम कर रहे थे। अब जिले में 1 जिला सेहत अफसर, 6 फूड सेफ्टी अफसर लगाए गए हैं। लेकिन क्लास-4 अभी भी 2 ही हैं। डिस्ट्रिक्ट हेल्थ अफसर डॉ. राजेश गर्ग के मुताबिक त्योहारी सीजन की शुरुआत होने पर हमने जागरुकता कार्यक्रम आयोजित करने के बारे में निर्णय लिया है। इसके अलावा हम 200 के तकरीबन सैंपलिंग करेंगे। मिठाई निर्माताओं के साथ मीटिंग कर उन्हें बिना मिलावट सामान उपलब्ध करवाने के लिए कहा जाएगा।

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