मन्नतों से मांगी बेटी:निगरानी को दी बच्ची, महिला ले गई घर हंगामे के 5 घंटे बाद लौटी तो हुई रिकवर

लुधियानाएक महीने पहले
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अपनी 20 दिन की बच्ची को 5 घंटे बाद पाकर मां ने चैन की सांस ली। - Dainik Bhaskar
अपनी 20 दिन की बच्ची को 5 घंटे बाद पाकर मां ने चैन की सांस ली।
  • सिविल अस्पताल में पहले भी बच्चे चोरी की हो चुकी घटनाएं, फिर भी नहीं लिया सबक
  • एसएमओ का जवाब- परिजनों ने बच्चा किसी अनजान को दिया ही क्यों?

सिविल हॉस्पिटल के मदर चाइल्ड हॉस्पिटल में एक बार फिर से बच्चा गुम होने का मामला सामने आया है। कोविड-19 महामारी की शुरुआत से पहले भी इसी तरह की घटना होने के बाद भी सिविल हॉस्पिटल में न ही सुरक्षा बढ़ी और न ही इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए कोई कदम उठे। मामला शनिवार दोपहर 2:45 का है जब प्रेम नगर की रहने वाली महिला रानी की मां ने कुछ देर के लिए पास ही खड़ी महिला को अपनी 20 दिन की नाती को पकड़ाया ताकि वो अपनी बेटी को वॉशरूम में ले जा सके। लेकिन महिला इसी दौरान बच्ची को पहले तो इसी बिल्डिंग के दूसरे फ्लोर पर लेकर बैठी रही फिर कुछ देर बाद हॉस्पिटल से अपने घर सुनेत लेकर चली गई।

महिला हॉस्पिटल में खुद की दवाई लेने के लिए अपने पांच साल के बेटे के साथ आई थी। हॉस्पिटल से बाहर निकलने से पहले महिला ने पहले तो अपने बेटे के मुंह पर रुमाल बांध दिया ताकि उसकी पहचान न हो और बच्ची को अच्छी तरह से कंबल से ढक दिया। ताकि ये न लगे कि ये बच्चा किसी और का है। महिला के घर पहुंचने पर बेटे ने अपने पिता को बताया कि मम्मी हॉस्पिटल से बच्चा लेकर आई हैं। इस पर महिला के पति ने उसे पूछा और बच्चा वापस देने के लिए कहा। जिसके बाद महिला 7:45 बजे हॉस्पिटल वापस पहुंची और मदर चाइल्ड हॉस्पिटल के दूसरे फ्लोर पर ही बैठी रही। कुछ महिलाओं ने जब उस महिला को पहचान लिया तो पुलिस को सूचना दी। इसके बाद पुलिस ने पूछताछ की और महिला ने माना कि बच्ची ले गई थी। इसके बाद महिला को थाने ले जाया गया। बच्ची को परिजनों के हवाले किया गया।

अस्पताल में कोई भी आए जाए उसका कोई नहीं रिकॉर्ड

सिविल हॉस्पिटल में पहले भी बच्चा चोरी होने की घटना कोविड-19 की शुरुआत से पहले हो चुकी है। जिसमें बच्चा कई दिनों बाद देहरादून से मिला था। बच्चे को हॉस्पिटल में ही काम करने वाले व्यक्ति द्वारा ही चुराया गया था। लेकिन इस घटना के बाद भी हॉस्पिटल में न ही सुरक्षा के इंतजाम को बेहतर किया गया। न ही इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए जागरुकता के कोई काम किए गए। हॉस्पिटल में गेट पर सिक्योरिटी गार्ड बैठाए गए हैं लेकिन उन्हें ये ट्रेनिंग ही नहीं दी गई कि बच्चों की सुरक्षा को बनाए रखने और हॉस्पिटल में मौजूद मरीजों की सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाने चाहिए। वो बस हॉस्पिटल के सामान, अधिकारियों की गाड़ियों और कोई लड़ाई न हो इसी का ध्यान रखते हैं।

मन्नतों से मांगी है मैंने बेटी, ऐसे कैसे जाने देता, बच्ची मिल गई तो सुकून मिला

18 अक्टूबर को सिविल हॉस्पिटल में मेरी बेटी पैदा हुई थी। 4 दिनों बाद छुट्टी मिल गई और हम घर लौट आए। लेकिन मेरी पत्नी(रानी) के टांकों में पस भर गई। जिस पर उसे 4 दिन पहले फिर से हॉस्पिटल लाना पड़ा। शनिवार दोपहर को मैं अपनी सास को पत्नी के पास छोड़कर हॉस्पिटल से घर खाना लाने के लिए गया। वापस लौटा तो पता चला कि मेरी बच्ची चोरी हो गई है। लेकिन मुझे पहले नहीं बताया गया। पुलिस को भी शिकायत दी लेकिन बच्ची का सुराग नहीं मिल पा रहा था। हमारी शादी के एक साल बाद बेटी हुई है जिसे मैंने पीर बाबा की दरगाह पर मन्नतें मांग कर पाया है। आखिर मैं उसे कैसे जाने देता। अब मेरी बच्ची मिल गई है तो सुकून है।
-नरिंदर, निवासी प्रेम नगर(जैसा उन्होंने रोते हुए बताया)

सिक्योरिटी बढ़ाने के लिए करेंगे काम
हमें जैसे ही इस घटना की सूचना मिली हमने पुलिस को शिकायत देने के अलावा सीसीटीवी फुटेज भी उपलब्ध करवा दी। पांच घंटे के बाद महिला हॉस्पिटल में ही बैठी हुई मिली। जिसके बाद बच्चे को परिजनों को सौंप दिया गया है। परिजनों को अपना बच्चा किसी भी अनजान व्यक्ति को सौंपना ही नहीं चाहिए था। हम हॉस्पिटल में सिक्योरिटी को बढ़ाने के लिए काम करेंगे।
- डॉ. रविंदर सिंह चाहल, एसएमओ, मदर चाइल्ड हॉस्पिटल

बच्ची सकुशल मिलने के बाद पीड़ितों की ओर से दी गई शिकायत वापस ले ली गई है। आरोपी महिला का सिविल अस्पताल में दिमाग का इलाज चल रहा है। पूछताछ के बाद आरोपी महिला को पति के साथ घर भेज दिया गया है।
-सतपाल सिंह सिद्धू, एसएचओ, डिवीजन नंबर 2

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