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ताकि कला न हो जाए डाउन:मंच पर नाटक जरूर थमे पर घरों में कलाकार थिएटर एक्सरसाइज और बॉडी लैंग्वेज पर दे रहे हैं ध्यान

लुधियाना23 दिन पहलेलेखक: मनप्रीत कौर
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रवनीत कौर, सीनियर थिएटर कलाकार​​​​​​​। - Dainik Bhaskar
रवनीत कौर, सीनियर थिएटर कलाकार​​​​​​​।
  • घर बैठे अलग-अलग तरीके अपना रचनात्मकता बढ़ा रहे कलाकार

कोरोना के कारण करीब एक साल से शहर में थिएटर हॉल बंद है। इस कारण कलाकारों में मायूसी है। कोरोनाकाल में जो पर्दा गिरा, वो अब तक नहीं उठ पाया है। अभी तक थिएटर पर पाबंदी जारी है और थिएटर वीरान पड़े हैं। ऐसे में कलाकार घर बैठे अलग-अलग तरीके अपनाकर अपनी रचनात्मकता बढ़ा रहे हैं, ताकि कला डाउन न हो जाए।

रंगमंच की रौनक कब तक लौटेगी, ये तो कहा नहीं जा सकता। ऐसे में भले ही लॉकडाउन में मंच पर नाटक जरूर थमे हैं, लेकिन बोलना, लिखना और पढ़ना जारी है। कलाकार थिएटर और अपनी कला नहीं छोड़ सकते हैं। उनका कहना है कि अभी बुरा वक्त है, लेकिन आगे कुछ बेहतर जरूर होगा। इस उम्मीद के साथ ही अागे नए नाटकों पर काम किया जा रहा है।

चार स्क्रिप्ट तैयार, अनलॉक होने पर नए नाटकों का करेंगे मंचन

स्क्रिप्ट पर काम किया जा रहा है, ताकि जब अनलॉक हो तो नए नाटकों को मंचन किया जा सके। अब तक चार स्क्रिप्ट परमिशन, मिड नाइट समर ड्रीम, अदालत और कठपुतलियां लिखी जा चुकी हैं। फोन पर ही एक दूसरे के साथ सलाह मशविरा किया जा रहा है। घर पर थिएटर एक्सरसाइज की जा रही हैं, क्योंकि खाली बैठने से तो कला पर असर पड़ेगा।

मेडिटेशन, योगा, अलग-अलग कैरेक्टर डिजाइन कर, मिरर एक्सरसाइज, वॉयज को लेकर काम किया जा रहा है। बॉडी लैंग्वेज पर ध्यान दिया जा रहा है। पहले चरण में उन आर्टिस्ट को ही नाटक में लिया जाएगा जो पूरी तरह स्वस्थ होंगे। ऑडियंस का सिटिंग प्लान सोशल डिस्टेंसिंग के साथ किया जाएगा। इसके साथ ही थर्मल स्कैनिंग और सेनेटाइजेशन पर भी फोकस रहेगा, ताकि ऑडियंस को संक्रमण से बचाव हो सके।

-तलविंदर, थिएटर कलाकार और लेखक

कहानियों को नाटक में बदला जा रहा

कोरोना संक्रमण से बचाव को बंद हुए थिएटर अभी तक खोले नहीं गए हैं। थिएटर आर्टिस्ट घर पर ही बैठे हैं, लेकिन खाली बैठने के बजाय अपने समय का सदुपयोग किया जा रहा है। पहले तो लॉकडाउन के दौरान ऑनलाइन नाटक भी करवाए गए थे, लेकिन अब ऐसा नहीं हो रहा है। ऐसे में अब घर बैठ किताबें, नए नए नाटक और कहानियां पढ़ी जा रही हैं।

कहानियों को नाटक में भी बदला जा रहा है। घर में रहकर अलग अलग डायलॉग की प्रैक्टिस की जा रही है। वॉयस कमांड पर फोकस किया जा रहा है। इसके साथ ही ऑडिशन की तैयारियां चल रही हैं। कई नाटक के डायरेक्टरों से नई स्क्रिप्ट पर बातचीत भी चल रही है। ​​​​​​​

-रवनीत कौर, सीनियर थिएटर कलाकार​​​​​​​

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