A ग्रेड रेलवे स्टेशन लुधियाना बेहाल:भीषण गर्मी में नल पड़े सुखे, ATVM, एस्केलेटर LED और एक्सरे मशीन बंद

विवेक शर्मा15 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
लुधियाना रेलवे स्टेशन। - Dainik Bhaskar
लुधियाना रेलवे स्टेशन।

फिरोजपुर मंडल स्टेशन हर महीने राजस्व अर्जित करने में बड़े-बड़े रिक\र्ड बनाता है, लेकिन यात्रियों की सुविधा के मामले में फिरोजपुर मंडल पिछड़ कर रह गया है। लुधियाना स्टेशन फिरोजपुर मंडल का सबसे अहम स्टेशन है। पूरे मंडल में सबसे अधिक राजस्व इसी स्टेशन से रेलवे को जाता है। लुधियाना हौजरी का गढ़ होने की वजह से कारोबारी यही से माल बुक करवा दूसरे राज्यों में भेजते है।

लुधियाना स्टेशन अहम होने के बावजूद मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। इन सुविधाओं के न मिलने से यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। स्टेशन के चप्पे-चप्पे पर उपकरण बंद पड़े है। स्टेशन पर लगी एटीवीएम (ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीनें), एस्केलेटर और डिस्प्ले बोर्ड जैसे जरूरी उपकरण बंद पड़े होने अपने आप में अधिकारियों की लापरवाही को दर्शाता है। भारतीय रेलवे की ओर से करोड़ों रुपए खर्च करने के बावजूद यात्रियों को जरूरी सुविधाएं नहीं मिल रही। मंडल के अधिकारी भी चैकिंग के नाम पर खानापूर्ती करके चले जाता है और इन सुविधाओं के बारे कोई ध्यान नहीं दे रहा।

पिछले लंबे समय से बंद पड़ी ATVM मशीनें।
पिछले लंबे समय से बंद पड़ी ATVM मशीनें।

करीब 8 ATVM लगी चलती कोई नहीं
लुधियाना स्टेशन पर यात्रियों को आसानी से टिकट उपलब्ध करवाने के लिए आठ ATVM (ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीनें) लगी हैं, लेकिन इनमें से चलती कोई नहीं। ज्यादातर मशीनें बंद पड़ी हैं। इन मशीनों को कोरोना काल के समय बंद किया गया था, जो कि आज तक नियमित रूप से दोबारा चालू नहीं हो सकी हैं। ऐसे में टिकट खिड़कियों पर यात्रियों की लंबी कतारें लग रही हैं और टिकट खरीदने के लिए घंटों तक लाइनों में खड़े हो रहे हैं। इससे महिलाएं, बुजुर्ग और दिव्यांग यात्री परेशान हो रहे हैं, लेकिन अधिकारी लोगों की दिक्कतों को देख कर अनदेखा कर रहे है।

जनरल टिकट काउंटरों पर बंद पड़ी LED
जनरल टिकट काउंटरों पर बंद पड़ी LED

LED भी पड़ी बंद

रेलवे ने LED सिस्टम टिकट काऊंटरों पर लगवाया था ताकि यात्री काऊंटर के बाहर से ही टिकट का दाम, कहां से कहां ट्रेन जानी या कौन सी ट्रेन कब आनी या रद्द देख सके, लेकिन पिछले करीब 15 दिनों से ज्यादा समय से ये LED सिस्टम भी बंद पड़ा है। रेलवे और निगम लुधियाना स्टेशन को अपग्रेड करनी की तैयारियां कर रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर रेलवे में मूलभूत सुविधाओं की कमी है। रेलवे ने लाखों रुपए लगाकर टिकट काउंटरों पर LED सिस्टम लगवाया, लेकिन रेलवे का पैसा लापरवाही के चलते बर्बाद हो रहा है।

लुधियाना रेलवे स्टेशन पर बंद पड़े एस्केलेटर।
लुधियाना रेलवे स्टेशन पर बंद पड़े एस्केलेटर।

एस्केलेटर भी रहते बंद

स्टेशन पर बुजुर्ग और महिलाओं के लिए लगे एस्केलेटर भी आमतौर पर बंद ही रहते हैं। कहने को तो लुधियाना स्टेशन के दोनों तरफ एस्केलेटर की सुविधा मौजूद हैं, लेकिन इनको चालू और बंद करना स्टेशन सुपरवाइजरों की मर्जी पर निर्भर रहता है। उनका जब मन करता है एस्केलेटर को बंद करवा देते हैं और जब चाहे चालू करवा देते हैं। ऊपर से ट्रेनों की समय सारिणी व ट्रेनों की स्थिति को दर्शाने वाले डिस्प्ले बोर्ड तक भी बंद पड़े हैं। ऐसे में यात्रियों को ट्रेन आने के बारे या रद्द होने के बारे कुछ सही से पता नहीं चल पाता।

लुधियाना स्टेशन के मुख्य गेट पर बंद पड़ी एक्सरे मशीन।
लुधियाना स्टेशन के मुख्य गेट पर बंद पड़ी एक्सरे मशीन।

एक्सरे मशीन बंद परेशान सुरक्षा कर्मी

स्टेशन पर रेलवे सुरक्षा कर्मियों द्व‌ारा स्कैनर एक्सरे मशीन लगाई गई है ताकि प्रत्येक यात्री का सामान स्कैन हो सके। पिछले करीब 1 महीने से स्कैनर मशीन भी बंद पड़ी है। बताया जा रहा है कि इस मशीन का कोई पार्ट खराब हो चुका है जिस कारण इसकी शिकायत भी लिखवाई हुई है, लेकिन लुधियाना स्टेशन की सुरक्षा को लेकर कोई एहतियात नहीं बरती जा रही।

लुधियाना स्टेशन के नल भी पड़े सुखे

​​​​​​​गर्मी का मौसम होने के कारण पानी माफिया को लाभ पहुंचाने के लिए लुधियाना स्टेशन पर रोजाना ट्रेनों के समय पानी बंद करवा दिया जाता। नलों से पानी गायब हो जाता। यदि कभी पानी गलती से बंद करना भुल भी जाए तो पानी इतना गर्म आता की लोग बेहाल हो जाते। पीने के पानी की व्यवस्था न होने के कारण यात्रियों को बोतलों में भरा पानी खरीदना पड़ता। आपको बता दे कि स्टेशन पर रेल नीर तो सिर्फ दिखावे के लिए सजाया होता, असल में पानी प्राइवेट कंपनियों का बिकता।

अप्रैल महीने में 05.21 करोड़ राजस्व अर्जित

बता दें कि मंडल फिरोजपुर ने अप्रैल के महीने में 05.21 करोड़ रुपए राजस्व अर्जित 74056 इन लोगों से किया जो बेटिकट थे। वहीं 41 हजार रुपए उन 254 यात्रियों से अर्जित किए जो स्टेशन पर गंदगी फैलाते थे। अब मंडल फिरोजपुर तो सबसे ज्यादा राजस्व अर्जित करके रेलवे का कमाऊ पूत बन रहा लेकिन यात्रियों को सुविधा देने में मंडल पिछड़ कर रह गया।