सरकार ने दी हरी झंडी:सिविल अस्पताल में सीवरेज से इकट्‌ठा होने वाले पानी की समस्या का होगा हल

लुधियाना8 महीने पहले
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  • अस्पताल में काम करवाने को सरकार ने दी हरी झंडी, जल्द शुरू हाेगा काम

सिविल हॉस्पिटल लुधियाना में मदर चाइल्ड हॉस्पिटल के बाहर और बिल्डिंग के आसपास इकट्ठा होने वाले पानी की समस्या का अब जल्द ही हल हो जाएगा। सरकार द्वारा इस काम के लिए हरी झंडी मिल चुकी है। इस हफ्ते में हॉस्पिटल की पाइप लाइन को बदलने का काम शुरु हो जाएगा। सिविल हॉस्पिटल के मदर चाइल्ड हॉस्पिटल की पाइप लाइन छोटी होने के कारण यहां पर पानी के ब्लॉक होने की समस्या रहती थी। मदर चाइल्ड हॉस्पिटल के बाहर गंदा पानी होने के कारण यहां पर मच्छरों और अन्य संक्रमण का भी खतरा बना रहता था। लेकिन अब ये समस्या हल हो जाएगा।

लीकेज की समस्या के कारण हॉस्पिटल की बिल्डिंग को भी नुकसान पहुंच रहा था। 2014 में इस हॉस्पिटल को 17.5 करोड़ी की लागत से बनाया गया था।लेकिन पाइप्स का साइज छोटा होने के कारण सीवरेज से पानी बाहर निकल आता था। हॉस्पिटल द्वारा कई बार इसकी सफाई भी करवाई गई, लेकिन समस्या का निदान नहीं हो सका था।

पाइप लाइन बदलनेे को कई बार की जा चुकी थी मांग

हालांकि एमसीएच हॉस्पिटल की बिल्डिंग बने हुए 7 ही साल हुए हैं लेकिन यहां पर सीवरेज की समस्या बिल्डिंग निर्माण के 3-4 साल में ही आनी शुरू हो गई थी। हॉस्पिटल के बाथरूम व टॉयलेट भी ब्लॉक हो जाया करते थे जिसके कारण अधिकतर टॉयलेट बंद रहते थे। इसके कारण आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता था। वहीं ये गंदा पानी हॉस्पिटल के लिए एक बड़ी समस्या था। इस पाइप लाइन को बदलने के लिए हॉस्पिटल द्वारा कई बार लिखित में एस्टिमेट भी भेजे गए थे। हॉस्पिटल में हर महीने 600-700 डिलीवरी हो जाती है।

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