बेअदबी मामले में नवजोत सिद्धू पर पलटवार:बहबल कलां फायरिंग में मृतक के बेटे का जवाब- सरकार से हमें कोई उम्मीद नहीं, सभी उस घटना पर केवल राजनीति कर रहे

लुधियानाएक वर्ष पहले
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पुलिस फायरिंग में मारे गए किशन सिंह का बेटा सुखराज सिंह। - Dainik Bhaskar
पुलिस फायरिंग में मारे गए किशन सिंह का बेटा सुखराज सिंह।

श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी मामले पर लगातार ट्वीट कर रहे नवजोत सिंह सिद्धू को पुलिस फायरिंग में मारे गए किशन सिंह के बेटे ने सुखराज सिंह ने जवाब दिया है। दरअसल सिद्धू ने सुखराज सिंह की एक चैनल को दी इंटरव्यू को शेयर कर ट्वीट किया था और कहा था कि हमने 2017 में बेअदबी के आरोपियों को सजा दिलाने का वादा किया था। मगर ऐसा नहीं हुआ है। एजी और डीजीपी की नियुक्ति ने पीड़ितों के जख्मों पर नमक डाला है।

नवजोत सिद्धु के इस ट्वीट पर सुखराज सिंह ने रिप्लाई करते हुए अपना वीडियो डाला, जिसमें वह कह रहा है कि सिद्धू ने जो मेरी वीडियो शेयर कर ट्वीट किया है, मैं उस पर कहना चाहता हूं कि 2017 से जब कैप्टन अमरिंदर सिंह की सरकार बनी, तो उसने कुछ नहीं किया और 2 से 3 माह की चरणजीत सिंह चन्नी की सरकार बनी है, तो अब उन्हें इस बारे में कहने लगे हैं। हमें किसी भी सरकार से कोई उम्मीद नहीं है। सभी इस मामले पर राजनीति कर रहे हैं, जो कि नहीं होनी चाहिए।

नवजोत सिंह सिद्धू का ट्वीट।
नवजोत सिंह सिद्धू का ट्वीट।

जानिए क्या है बेअदबी मामला
1 जून 2015 को दोपहर के वक्त बुर्ज जवाहर सिंह वाला में स्थित गुरुद्वारा साहिब से श्री गुरु ग्रंथ साहिब के पवित्र स्वरूप चोरी हो गए थे। 25 सितंबर 2015 को बरगाड़ी के गुरुद्वारा साहिब के पास ही दीवारों पर हाथ से लिखे हुए पोस्टर मिले थे। पोस्टरों में अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया था और इन स्वरूपों की चोरी में डेरा सच्चा सौदा का हाथ होने की बात लिख सिख संगठनों को खुली चुनौती दी गई थी।

सुखराज सिंह का ट्वीट।
सुखराज सिंह का ट्वीट।

अक्टूबर में सड़क पर बिखरे मिले थे स्वरूप
17 दिन बाद 12 अक्टूबर को गुरुद्वारा साहिब में माथा टेकने आए लोगों को आसपास नालियों और सड़क पर श्री गुरु ग्रंथ साहिब के पवित्र स्वरूप के अंग मिले। इसके बाद बड़ी संख्या में सिख संगठनों ने बरगाड़ी और कोटकपुरा की मुख्य चौक पर प्रदर्शन दिया। कुछ ही घंटों में हजारों सिखों का जमावड़ा लग गया। पंजाब के अलग-अलग हिस्सों से भी गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई और गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे।

पुलिस फायरिंग में मारे गए थे 2 लोग
14 अक्टूबर 2015 को पंजाब पुलिस ने कोटकपुरा चौक और कोटकपुरा बठिंडा रोड स्थित गांव बहबल कलां में प्रदर्शन कर रही भीड़ पर फायरिंग कर दी थी। इसमें 2 लोगों की मौत हो गई जबकि दर्जनों घायल हुए। मृतकों में गांव सरावां निवासी गुरजीत सिंह और बहबल खुर्द वासी कृष्ण भगवान सिंह शामिल थे।

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