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  • The Victim Kept Circling For The Insurance Of The Stolen Truck, Got The Claim After The Death, Now The Company Has Also Been Fined 15 Thousand

उपभोक्ता फोरम:चोरी हुए ट्रक की इंश्योरेंस के लिए चक्कर काटता रहा पीड़ित मौत के बाद मिला क्लेम, अब कंपनी पर 15 हजार जुर्माना भी

लुधियानाएक महीने पहलेलेखक: मुनीष पुरंग
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प्रतीकात्मक फोटो । - Dainik Bhaskar
प्रतीकात्मक फोटो ।
  • 20 जुलाई 2013 को दी चोरी की शिकायत, दिसंबर 2015 में कोर्ट ने अनट्रेस रिपोर्ट मंजूर की

इंश्योरेंस कंपनी से क्लेम लेने के लिए पीड़ित लगातार चक्कर काटता रहा लेकिन कंपनी की ओर से किसी न किसी बहाने से देरी की जाती रही। क्लेम राशी जारी करने में इतनी देर कर दी कि जब कंपनी ने राशी जारी की तब तक पीड़ित की मौत हो चुकी थी। इस संबंध में जिला उपभोक्ता शिकायत निवारण कमीशन में दी शिकायत के बाद कंपनी को 15 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया है। लेकिन क्लेम की अपील करने वाले दविंदर सिंह की मौत के कारण उक्त क्लेम और जुर्माना कंपनी मृतक के परिजनों को सौंपेगी।

चोरी होने के बाद पीड़ित ने इंश्योरेंस कंपनी को अवगत कराया लेकिन कंपनी ने क्लेम देने से कर दिया था मना
शिकायतकर्ता जमालपुर अवाना निवासी दविंदर सिंह ने 2016 में कमीशन को शिकायत दी थी कि उनका एक ट्रक था, जिसकी कीमत 17 लाख 77 हजार थी। उसकी इंश्योरेंस एसबीआई जनरल इंश्योरेंस कंपनी लुधियाना ब्रांच से करवाई थी। जोकि 25 नंवबर 2012 से 24 नंवबर 2013 तक वैलिड थी।

लेकिन 19 जुलाई 2013 में उनका ट्रक ट्रांसपोर्ट नगर इलाके से चोरी हो गया। जिसकी शिकायत 20 जुलाई को उन्होंने थाना डिवीजन नंबर 7 को दे दी और पर्चा दर्ज करवाया था। लेकिन उक्त मामले मेंे न ट्रक मिला और न ही चोर। लिहाजा 10 दिसंबर 2015 में कोर्ट ने अनट्रेस रिपोर्ट मंजूर कर ली। इससे पहले कंपनी को भी दविंदर सिंह द्वारा चोरी के बारे में अवगत करवा दिया गया था। लेकिन कंपनी ने इंश्योरेंस क्लेम देने से मना कर दिया। लिहाजा उन्होंने कमीशन को इसकी शिकायत दी।

40 दिनों में सैटल करना होगा क्लेम
केस के ट्रायल के दौरान ही शिकायतकर्ता की मौत हो गई। लिहाजा वारिसों तो उनकी जगह पार्टी बना दिया गया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कमीशन ने अपना फैसला सुना दिया। जिसमें प्रेसिडेंट केके करीर और ज्योत्सना थथई ने हुक्म सुनाया कि इंश्योरेंस कंपनी शिकायतकर्ता के क्लेम को अच्छी तरह से देखने के बाद इंश्योरेंस कंपनी की पाॅलिसी के अनुसार 40 दिनों के अंदर क्लेम सैटल करेगी और क्लेम की राशि 6 फीसदी के हिसाब से ब्याज भी देगी। इसके साथ ही बतौर जुर्माना 15 हजार शिकायतकर्ता को देना पड़ेगा।

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