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मरीज की जान लेने वाले 3 पुलिसवालों पर केस:नाके पर आधे घंटे रोके रखी एंबुलेंस; चाबी निकाली, अस्पताल पहुंचने से पहले घायल ने तोड़ा दम

एक महीने पहले
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मानसा के झुनीर में सड़क पर बॉडी रखकर पुलिसवालों के खिलाफ प्रदर्शन करते लोग। - Dainik Bhaskar
मानसा के झुनीर में सड़क पर बॉडी रखकर पुलिसवालों के खिलाफ प्रदर्शन करते लोग।

मानसा के झुनीर में कुछ पुलिसवालों की वजह से एक मरीज की मौत हो गई। पुलिसवालों ने देर रात नाके पर न सिर्फ एंबुलेंस को रोके रखा बल्कि उसकी चाबी भी निकाल ली। मरीज के परिवार के काफी देर मिन्नतें करने पर एंबुलेंस को छोड़ा गया मगर लुधियाना पहुंचते ही मरीज ने दम तोड़ दिया। शुक्रवार को पीड़ित परिवार ने झुनीर में बॉडी सड़क पर रखकर जाम लगा दिया। तीन पुलिस मुलाजिमों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किए जाने के बाद ही परिवार धरना खत्म करने और संस्कार करने को तैयार हुआ।

झुनीर में मानसा-सिरसा हाईवे पर जाम लगाकर प्रदर्शन करते लोग।
झुनीर में मानसा-सिरसा हाईवे पर जाम लगाकर प्रदर्शन करते लोग।

दानेवाला गांव के दर्शन सिंह गुरुवार देर शाम सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गए। परिवार के सदस्य उन्हें लेकर लुधियाना के डीएमसी अस्पताल के लिए रवाना हुए तो झुनीर में सिरसा-मानसा हाईवे पर नाके पर तैनात पुलिस मुलाजिमों ने एंबुलेंस को रुकवाकर उसकी चाबी निकाल ली। तकरीबन आधे घंटे तक पुलिस मुलाजिम एंबुलेंस ड्राइवर से सवाल-जवाब करते रहे। जब दर्शन सिंह के परिवार ने मरीज की हालत सीरियस होने की दुहाई दी तो पुलिस मुलाजिम उनसे भी उलझ पड़े। लगभग आधे घंटे बाद पुलिस मुलाजिमों ने एंबुलेंस की चाबी लौटाई। इसके बाद परिवार दर्शन सिंह को लेकर डीएमसी पहुंचा तो वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

शुक्रवार सुबह दर्शन सिंह के परिवार ने उनकी मौत के लिए पुलिसवालों को जिम्मेदार ठहराते हुए झुनीर में मानसा-सिरसा हाईवे पर बॉडी रखकर जाम लगा दिया। परिवार ने स्पष्ट कर दिया कि वह तब तक शव का संस्कार नहीं करेंगे जब तक दोषी पुलिसवालों पर कार्रवाई नहीं की जाती। इसके बाद पुलिस मुलाजिम कुलवंत सिंह, जसवंत सिंह और होमगार्ड जवान जीत सिंह के खिलाफ आईपीसी की धारा 323, 341 और 304 ए के तहत आपराधिक मामला दर्ज कर लिया गया।

आप बीती सुनाता एंबुलेंस का ड्राइवर
आप बीती सुनाता एंबुलेंस का ड्राइवर

नशे में थे पुलिस वाले
दर्शन सिंह के परिवार ने बताया कि पुलिसवालों ने नाके पर आधा घंटा खराब कर दिया और उन्हें भद्दी-भद्दी गालियां दी। समय पर अस्पताल नहीं पहुंच पाने की वजह से दर्शन सिंह ने दम तोड़ दिया। केस दर्ज करने के बाद अगर दोषी पुलिसवालों को गिरफ्तार नहीं किया गया तो वह दोबारा प्रदर्शन करेंगे।

एंबुलेंस ड्राइवर बोला- मुझे थप्पड़ मारे
अमरनाथ बर्फानी सेवा ट्रस्ट की एंबुलेंस के ड्राइवर गगन ने बताया कि दर्शन सिंह की हालत बहुत सीरियस थी। नाके पर पुलिस मुलाजिमों ने रोका तो उसने मरीज की हालत खराब होने की जानकारी दी मगर पुलिसवाले कुछ भी सुनने को तैयार नहीं हुए। उन्होंने एंबुलेंस की चाबी निकाल ली और उसे थप्पड़ मारे। काफी हाथ-पांव जोड़ने के बाद पुलिसवालों ने एंबुलेंस की चाबी लौटाई।

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