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  • Three Ways As A Means Of Attaining Salvation, The Devotion Of A Person Who Has The Same Nature Gives The Same Fruit: Swami Krishnananda

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रामायण पाठ:मोक्ष प्राप्ति के साधन रूप तीन मार्ग, जिसका जैसा स्वभाव होता है उसकी भक्ति भी वैसे ही फल देने वाली होती है : स्वामी कृष्णानंद

लुधियानाएक महीने पहले
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  • चकमाफी गांव स्थित स्वामी दीप्तानंद अवधूत आश्रम में करावाया जा रहा रामायण पाठ

चकमाफी गांव स्थित स्वामी दीप्तानंद अवधूत आश्रम में सतगुरु बंदी छोड़ दीप्तानंद जी महाराज के समाधि स्थल पर स्वामी हरिहरानंद जी की अनुकम्पा से अध्यात्म रामायण के पाठ के सातवें दिन कथा करते हुए स्वामी कृष्णानंद ने बताया कि एक दिन माता कौशल्या वृद्ध होने के कारण जर्जर अवस्था में भगवान राम को अति प्रसन्न जान उनके पास जाकर बोली कि आप सर्वांतर्यामी सबके आदि, अंत और मध्य। सबके स्वामी है। आप मुझे बताइए कि अब भी मैं किस प्रकार संसार सागर से पार हो सकूं।

मातृ भक्त श्री राम जी ने कहा माते मैंने पूर्व काल में मोक्ष प्राप्ति के साधन रूप तीन मार्ग बताएं हैं। कर्म योग, ज्ञान योग और सनातन भक्ति योग। साधक के गुण अनुसार भक्ति के तीन भेद हैं। जिसका जैसा स्वभाव होता है उसकी भक्ति भी वैसे ही फल देने वाली होती है। जो पुरुष हिंसा, दंभ या मात्सर्य के उद्देश्य से भक्ति करता है।

तथा जो भेद दृष्टि वाला और क्रोधी होता है। वह तामस भक्त माना गया है। जो फल की इच्छावाला, भोग चाहने वाला तथा धन और यश की कामना वाला होता है। भेद बुद्धि से इच्छा से मेरी पूजा करता है। वह रजोगुणी होता है तथा जो पुरुष परमात्मा को अर्पण किए हुए क्रम संपादन करने के लिए अथवा करना चाहिए। इसलिए भेद बुद्धि से कर्म करता है। वह सात्विक है। जिस प्रकार गंगा जी का जल समुंदर में लीन हो जाता है। उसी प्रकार जब मनोवृत्ति मेरे गुणों के आश्रय से मुझ अनंत गुणधाम में निरंतर लगी रहे तो वही मेरे निर्गुण भक्ति योग का लक्षण है। मेरे प्रति जो निष्काम और अखंड भक्ति उत्पन्न होती हैं। हे माते भक्ति का मार्ग का आत्यंतिक योग यही है। इसके द्वारा भक्त तीनों गुणों को पार कर मेरा ही रूप हो जाता है।

रविवार को होगा पाठ का संपूर्ण भोग
25 अक्टूबर नवमी रविवार को सुबह 10.15 बजे अध्यात्म रामायण व श्री श्री 1008 सतगुरु बंदी छोड़ घीसासन्त जी महाराज की अमृतवाणी के अखंड पाठ का संपूर्ण भोग व सत्संग का कार्यक्रम होगा। इस अवसर पर भंडारे का आयोजन होगा जिसमें विशेष रूप से कन्याओं का पूजन किया जाएगा।

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