विश्व एड्स दिवस आज:अकेले सितंबर तक ही जिले में मिले एचआईवी के 436 मरीज, 60 गर्भवतियां भी चपेट में आईं

लुधियाना2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
फाइल फोटो - Dainik Bhaskar
फाइल फोटो
  • आईसीटीसी सेंटर के कर्मी हड़ताल पर जांच, काउंसलिंग में आ रही समस्या
  • सूत्रों के अनुसार ओएसटी सेंटरों में वर्तमान में 3000 लोग रजिस्टर्ड

विश्वभर में बुधवार को एचआईवी और एड्स की जागरुकता के लिए विश्व एड्स दिवस मनाया जाएगा। इस बार का थीम असमानता, एड्स और महामारी को खत्म करना रखा गया है। सीरिंज से नशा करने वालों में एचआईवी के केस बढ़ना और आगे उनकी तरफ से एचआईवी फैलाना एक बड़ी समस्या बन रहा है। एआरटी सेंटरों में 5 में से 4 केस इसी कैटेगरी से मिल रही है। सूत्रों के अनुसार ओएसटी सेंटरों में वर्तमान में 3000 लोग रजिस्टर्ड हैं। इनमें से 750 वो हैं, जो एचआईवी संक्रमित हैं।

यानी असल आंकड़ा इससे भी ज्यादा हो सकता है, क्योंकि कई लोग टेस्ट करवाने और इलाज करवाने के लिए आगे आए ही नहीं। यही नहीं लुधियाना की जेलों में भी एचआईवी के केस बढ़ रहे हैं। 2019 के आंकड़ों के मुताबिक लुधियाना जेल में ही 218 मरीज मिले हैं। वहीं, हर हफ्ते वहां पर जांच होती है। जिले में 13000 के रजिस्टर्ड एचआईवी केस हैं, जिनका इलाज चल रहा है। अप्रैल से लेकर अब तक 60 गर्भवती महिलाएं भी एचआईवी पॉजिटिव मिल चुकी हैं।

आईसीटीसी सेंटर मुलाजिम हड़ताल पर

एक तरफ तो राज्य स्तर पर सरकार की तरफ से एचआईवी और एड्स की रोकथाम के लिए जागरुकता फैलाने का दावा किया जाता है, लेकिन अपनी मांगों को लेकर आईसीटीसी सेंटरों के मुलाजिम हड़ताल पर चल रहे हैं। ऐसे में जांच, मरीजों की पहचान और काउंसलिंग के लिए कई तरह की परेशानियों का लोगों को सामना करना पड़ रहा है। मुलाजिमों के मुताबिक सरकार मांगें माने तो हड़ताल खत्म हो जाएगी।

पहले जहां ट्रक ड्राइवर्स में केस देखने को मिलते थे अब जागरुकता के चलते इस वर्ग में केस कम हैं। एक ही सीरिंज से लोग नशा करते हैं और फिर एचआईवी को फैलाते है। इसी के कारण इस वर्ग में ज्यादा मरीज मिल रहे हैं। कई लोग तो वो हैं जो जांच ही नहीं करवाता और फिर अपने परिवार में भी एचआईवी फैला रहे हैं। इस वर्ग में जागरुकता फैलाने की बहुत जरूरत है।

-दविंदर शर्मा, साइकोलॉजिस्ट, सिविल अस्पताल

खबरें और भी हैं...