पंजाब में बसों के 864 रूट परमिट दिए जाएंगे:ट्रांसपोर्ट मंत्री ने कहा-248 रूटों पर चलाई जा सकेंगी बसें, लोगों ने दी अवैध बसें बंद करने और टाइम टेबल ठीक करने की सलाह

लुधियाना12 दिन पहले
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परिवहन मंत्री अमरिंदर सिंह राजा वडिंग। - Dainik Bhaskar
परिवहन मंत्री अमरिंदर सिंह राजा वडिंग।

पंजाब में ट्रांसपोर्ट महकमा अलग-अलग रूट के लिए 864 स्टेट कैरिज परमिट जारी करेगा। यह परमिट 248 रूटों पर चलने वाली बसों के लिए दिए जाएंगे। इसका चयन पंजाब ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी की तरफ से किया गया। पहले इसकी तारीख 7 अक्टूबर तक थी जिसे बढ़ाकर 10 अक्टूबर किया गया। अब यह काम पूरा हो चुका है। यह जानकारी परिवहन मंत्री अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने दी।

उन्होंने कहा कि सरकार ने लोगों के लिए रोजगार मुहैया करवाने का वादा किया था। इसी मकसद से सरकार की तरफ से यह परमिट जारी किए जा रहे हैं। उधर सोशल मीडिया पर डाली गई मंत्री की वीडियो के नीचे ही लोगों ने अपील की कि पहले रूटों पर चल रही अवैध बसों को बंद करवाया जाए और समय सारिणी सही की जाए। उसके बाद ही लोगों को फायदा होगा। कुछ लोगों ने कहा कि रूट परमिट लेने और उसके बाद बसें चलाने के लिए 20 से 25 लाख रुपए का खर्च आएगा जो गरीब लोग नहीं उठा सकते। उन्होंने कहा कि सरकारी ड्राइवरों और कंडक्टरों की भर्ती की जाए। यह परमिट ऐसे समय में आवंटित किए जा रहे हैं, जब प्रदेश में ट्रांसपोर्ट माफिया को बंद करने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है।

पहले ही घाटे में चल रहीं ट्रांसपोर्ट, नए परमिट पर सवाल
अकाली नेता व ट्रांसपोर्टर हरदीप सिंह ढिल्लों का कहना है कि कोरोना की मार और महिलाओं को फ्री सफर ने पहले ही ट्रांसपोर्ट सेक्टर की कमर तोड़ कर रख दी है। वह टैक्स में रियायत की मांग कर रहे हैं और ट्रांसपोर्ट चलाना अब उनके बस की बात नहीं। इसके बावजूद परिवहन विभाग की तरफ से परमिट जारी करना कई सवाल खड़े कर रहा है। यह भी कहा जा रहा है कि परिवहन मंत्री को पहले से चल रहे रूट की बसों के मालिकों को रियायत देकर उन्हें सहयोग करना चाहिए।

प्राइवेट बसों में लगेंगे वाहन ट्रैकिंग सिस्टम
परिवहन मंत्री अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने ऐलान किया है कि सरकार द्वारा शुरू किए वाहन ट्रैकिंग सिस्टम (वी.टी.एस.) को राज्य में चल रही सभी प्राइवेट बसों में भी लगाया जाएगा। पंजाब रोडवेज और पनबस के मुख्यालय में बस ट्रैकिंग सिस्टम मॉनिटरिंग और कंट्रोल रूम के कामकाज की समीक्षा करते हुए राजा वड़िंग ने बताया कि प्राईवेट ऑपरेटरों की बसों की कारगुजारी सुरक्षा के लिहाज से संतोषजनक न होने के कारण प्राईवेट बसों में भी वाहन ट्रैकिंग सिस्टम लगाना यकीनी बनाया जायेगा। इसी दौरान परिवहन मंत्री ने सिस्टम के कामकाज की जांच करने के लिए अलग-अलग डिपूओं के कई जनरल मैनेजरों, ड्राइवरों और कंडकटरों को फ़ोन करके सिस्टम की कार्यकुशलता की जांच की।

वीटीएस द्वारा बसों की तेज रफ्तार, गलत ढंग से ब्रेक लगाने और तेज़ भगाने, बसों के रात में ठहराव, निर्धारित स्थानों की बजाय किसी अन्य जगह रुकना, बसों का ढाबों पर 25 मिनटों से अधिक रुकना, रूट बदलना, शहरों से बाहर-बाहर गुज़र जाना, निश्चित स्टॉप पर न रुकना, काऊंटरों से बसों के आने और जाने के वास्तविक समय की निगरानी, बसों की वास्तविक यात्रा की दूरी आदि संबंधी जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि सिस्टम के द्वारा बसों की निगरानी संबंधी डिपूओं के जनरल मैनेजरों और केंद्रीय कंट्रोल रूम के जरिए की जा रही है।

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