ट्रांसपोर्ट टेंडर घोटाले में कार्रवाई बनी मुसीबत:पंजाब फूड एंड सप्लाई विभाग कर्मचारी हड़ताल पर गए, मांग- हमें चैन से काम करने दे विजिलेंस

लुधियाना4 महीने पहले
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ट्रांसपोर्ट टेंडर घोटाले की जांच करते हुए विजिलेंस प्रदेश के पूर्व खाद्य और आपूर्ति मंत्री भारत भूषण आशू पर विजिलेंस शिकंजा कसने जा रही है। वहीं खाद्य और आपूर्ति विभाग के अधिकारियों ने भी विजिलेंस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। खरीद एजेंसियों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने हड़ताल कर दी है।

बताया जा रहा है कि लुधियाना की मंडियों में टेंडर लेने वाली कंपनियों द्वारा की गई हेराफेरी उजागर करने में विजिलेंस लगी है, वहीं कई अधिकारी इस मामलों में नामजद किए गए हैं। विजिलेंस द्वारा लेबर ट्रांसपोर्ट टेंडर घोटाला मामले में पर्चा ओपन रखा गया है, ताकि घोटाले में संलिप्त अधिकारी या व्यक्ति का नाम इसमें जोड़ा जा सके, क्योंकि लेबर ट्रांसपोर्ट टेंडर घोटाला में जांच के लिए पूरे पंजाब से विजिलेंस ने रिकॉर्ड मंगवाया था।

ऐसे में खाद्य एवं सिविल सप्लाई के DFSC, इंस्पेक्टर और कर्मचारियों को डर सता रहा है। विजिलेंस की इसी कार्रवाई के विरोध में वे हड़ताल पर रहेंगे। अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने पॉलिसी के मुताबिक ही कांग्रेस सरकार के समय में काम किया है, लेकिन अब उन्हें बेवजह तंग किया जा रहा है। अभी तक इस मामले में जगरूप सिंह और संदीप भाटिया के अलावा सरकारी अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।

खाद्य और आपूर्ति विभाग आफिस लुधियाना Zone-D
खाद्य और आपूर्ति विभाग आफिस लुधियाना Zone-D

क्या कहना DFSC का

DFSC मीनाक्षी ने बताया कि आज पूरे पंजाब में विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों ने हड़ताल की है। अधिकारियों काे बेवजह तंग न किया जाए। अधिकारियों ने पॉलिसी के मुताबिक ही काम किया है।

केस में अभी तक एक ही गिरफ्तारी हुई

विजिलेंस ने फूड सप्लाई डिपार्टमेंट में गाड़ियों पर फर्जी नंबर लगाकर ट्रांसपोर्ट का कॉन्ट्रैक्ट लेने वाले तेलूराम को गिरफ्तार किया था। तेलूराम का जज सुमित कक्कड़ ने 3 दिन का रिमांड दिया है। तेलूराम पुलिस रिमांड में कई अहम खुलासे कर सकता है। जांच में यह भी सामने आएगा कि रोजाना कितने वाहनों को भेजा जाता था और इसमें किस-किस अधिकारी को कमीशन जाती थी। गाड़ियां कौन-कौन से सूबे में भेजी जाती थी। वहीं अनाज के लिए गोदामों की व्यवस्था कहां की गई थी।

बताया जा रहा है कि ट्रांसपोर्ट टेंडर में कुछ लोगों ने कंपनियों के नाम बदल कर कई-कई जगह ठेके लिए थे, जैसे कि मुल्लांपुर, पायल, रायकोट आदि मंडियों में एक ही ग्रुप के ठेके रहे है और कंपनियों के नाम अलग-अलग दिए थे। इस कारण जो बाकी के छोटे ठेकेदार थे उन्हें इस बात की भनक लग गई और ये विरोध बढ़ गया।

खुद को पूर्व मंत्री का PA बताने वाला फरार मीनू पंकज मल्होत्रा।
खुद को पूर्व मंत्री का PA बताने वाला फरार मीनू पंकज मल्होत्रा।

पूर्व मंत्री भारत भूषण आशू का PA फरार

SSP विजिलेंस रविंदरपाल सिंह संधू ने कहा कि मीनू मल्होत्रा के घर रेड की गई थी, लेकिन उसे पहले ही जानकारी मिल गई और वह फरार हो गया। तेलूराम से मीनू पंकज मल्होत्रा के अच्छे संबंध रहे हैं। दोनों की पैसे संबंधी पार्टनरशिप भी बताई जा रही है, जिसके चलते विजिलेंस मीनू मल्होत्रा की तलाश कर रही है। मीनू मल्होत्रा कांग्रेस वर्कर है, लेकिन वह खुद को आशू का PA बताता रहा है। मीनू मल्होत्रा जवाहर नगर मार्केट में रहता है।

भारत भूषण आशू बता चुके साजिश

पूर्व मंत्री भारत भूषण आशू मामले को साजिश करार दे चुके हैं। उनका कहना था कि टेंडर DC की अगुवाई वाली कमेटियां अलॉट करती हैं। बदलाखोरी की राजनीति करते हुए AAP सरकार मुझे फंसा रही है। आशू की पार्षद पत्नी ममता आशू ने भी कहा था कि अगर उनके पति ने गलत काम किया तो सजा दे दो, लेकिन CM भगवंत मान प्रदेश की समस्याओं से ध्यान भटकाने के लिए ऐसा कर रहे हैं।

आशू पर आरोप, 20-25 लोगों को फायदा पहुंचाया

आशू पर 2 हजार करोड़ के टेंडर घोटाले का आरोप है। विजिलेंस इसकी जांच कर रही है। आशू पर छोटे ठेकेदारों ने आरोप लगाए थे कि पंजाब की मंडियों में लेबर और ट्रांसपोर्टेशन के टेंडर में गड़बड़ी की गई। छोटे ठेकेदारों को नजरअंदाज करके 20-25 लोगों को फायदा पहुंचाया गया। हालांकि आशू का कहना था कि उन पर खिलाफ साजिश के तहत आरोप लगाए जा रहे हैं। सच की जीत होगी।